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RSS के प्रमख नेता भैयाजी का ऐसा बयान- भारत हिंदुओं से अलग नहीं...

रविवार को आरएसएस की एक बैठक के दौरान आरएसएस के वरिष्ठ अधिकारी भैयाजी जोशी ने कहा कि अगर किसी को देश में काम करना है तो उसे हिंदुओं के लिए काम करना होगा। जोशी ने गोवा में संघ के एक कार्यक्रम के दौरान कहा कि जिसे भी आइडिया ऑफ इंडिया के लिए काम करना है, उसे हिंदुओं के सशक्तिकरण के लिए काम करना होगा।

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sumanBy suman

Published on 9 Feb 2020 3:35 PM GMT

RSS के प्रमख नेता भैयाजी का ऐसा बयान- भारत हिंदुओं से अलग नहीं...
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पणजी: रविवार को आरएसएस की एक बैठक के दौरान आरएसएस के वरिष्ठ अधिकारी भैयाजी जोशी ने कहा कि अगर किसी को देश में काम करना है तो उसे हिंदुओं के लिए काम करना होगा। जोशी ने गोवा में संघ के एक कार्यक्रम के दौरान कहा कि जिसे भी आइडिया ऑफ इंडिया के लिए काम करना है, उसे हिंदुओं के सशक्तिकरण के लिए काम करना होगा।

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पणजी में 'विश्वगुरु भारत- संघ के परिदृश्य में' विषय पर आयोजित दो दिवसीय संगोष्ठी के दौरान अपने संबोधन में भैयाजी जोशी ने यह बयान दिया। उन्होंने कहा, भारत को हिंदुओं से अलग नहीं किया जा सकता। अगर आज भारत जीवंत है तो इसका कारण सिर्फ हिंदू ही हैं। इस देश के केंद्र में हिंदू हैं और जिसे भी यहां काम करना है, उसे हिंदू समुदाय के लिए काम करना होगा।'

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हालांकि इस बयान के बाद अपनी बात स्पष्ट करते हुए जोशी ने यह भी कहा कि उनका मतलब यह नहीं है कि वह किसी समुदाय के खिलाफ हैं। वह बस यह कहना चाहते हैं कि प्राथमिक रूप से काम हिंदुओं के लिए होना चाहिए। बता दें कि भैयाजी जोशी राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के शीर्ष चेहरों में से एक रहे हैं। वह पूर्व में भी देश की तमाम वैचारिक संगोष्ठियों और अन्य मंचों पर संघ के विचारों को आम लोगों के बीच रखते रहे हैं।

कहा- दुनिया का कहना है कि भारत 2020 में एक महाशक्ति बन जाएगा, लेकिन मेरी एक बुद्धिजीवी के साथ बातचीत हुई थी, जिन्होंने कहा था कि भारत को 2020 में एक सुपर-राष्ट्र (सुपर नेशन) बनना चाहिए।हिंदू किसी के विरोधी या सांप्रदायिक नहीं हैं। किसी को भी हिंदुओं के लिए काम करने में झिझक नहीं होनी चाहिए। हिंदुओं में जागरूकता और एकता बनाने का मतलब दूसरों समुदाय के खिलाफ कार्य करना नहीं है। हम पूरी दुनिया के सामने पूरे आत्मविश्वास के साथ कह सकते हैं कि हिंदुओं के मजबूत होने से विनाशकारी गतिविधियां नहीं होंगी।

हिंदुओं ने कभी किसी दूसरे देश पर आक्रमण नहीं किया, हर युद्ध आत्मरक्षा के लड़ा गया। सभी को आत्मरक्षा का अधिकार है। भारत का कर्तव्य है कि वह दुनिया को समन्वय के मार्ग पर चलना सिखाए। भारत और हिंदुओं के अलावा कोई और ऐसा नहीं कर सकता।

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