देश में इस अमेरिकी दवा से होगा कोरोना मरीजों का इलाज, जानिए इसके बारे में

देश में लॉकडाउन का 5वां चरण चल रहा है। देश के साथ दुनियाभर में कोरोना से हजारों लोगों की मौत हो रही है, लेकिन अभी तक इसके लिए कारगर वैक्सीन नहीं बन पाई है। इस खतरनाक वायरस से लड़ने के लिए न तो कोई वैक्सीन है और न ही कोई दवा

नई दिल्ली देश में लॉकडाउन का 5वां चरण चल रहा है। देश के साथ दुनियाभर में कोरोना से हजारों लोगों की मौत हो रही है, लेकिन अभी तक इसके लिए कारगर वैक्सीन नहीं बन पाई है। इस खतरनाक वायरस से लड़ने के लिए न तो कोई वैक्सीन है और न ही कोई दवा। भारत में कोरोना मरीजों के इलाज के लिए अमेरिकी कंपनी गिलियाड की दवा रेमडेसिविर के इस्तेमाल की इजाजत दे दी गई है। कंपनी इसे भारत में बना और बेच सकेगी। हालांकि, अभी आपातकालीन इस्तेमाल के तहत सिर्फ अस्पतालों में भर्ती मरीजों को ही यह दवा दी जाएगी। दवा की कीमत अभी तय नहीं है। पेटेंटेड होने के कारण कंपनी ही इसकी कीमत तय करेगी। भारत से पहले अमेरिका और जापान भी कोरोना मरीजों पर इसके आपातकालीन इस्तेमाल की इजाजत दे चुके हैं।

 

यह पढ़ें…Live: देश में कोरोना मरीजों की संख्या 2 लाख पार, असम में 124 नए केस

भारत में इस्तेमाल की इजाजत

हालांकि कुछ दवाओं का थोड़ा बहुत असर जरूर हो रहा है। इन्हीं में से एक है रेमडेसिविर,इस मेडिसिन को तैयार किया है अमेरिकी कंपनी गिलियड साइंसेज  ने, जिसे भारत में इस्तेमाल करने की इजाजत मिल गई है।
इस दवा को कोरोना के ऐसे मरीजों को दिया जाएगा, जो हॉस्पिटल में भर्ती हैं। इसमें वयस्क और बच्चे दोनों शामिल हैं। अमेरिका से इस दवा को मुंबई की एक कंपनी क्लिनेरा ग्लोबल सर्विसेज आयात  करेगा। फिलहाल कोरोना के मरीजों पर इस दवा का इस्तेमाल सिर्फ 5 दिनों के लिए किया जाएगा।

बता दें कि दुनियाभर की निगाहे एंटी वायरल ड्रग रेमडेसिविर पर टिकी हैं। फिलहाल अलग-अलग फेज में इसका ट्रायल चल रहा है। फेज थ्री के नतीजों के मुताबिक इस दवा के इस्तेमाल से 65 फीसदी मरीजों में 11 वें दिन हालत बेहतर दिखे। अब भारत की दवा नियामक निकाय सेंट्रल ड्रग्स स्टैंडर्ड कंट्रोल ऑर्गनाइजेशन (CDCSCO) ने रेमडेसिविर के इस्तेमाल को लेकर इजाजत दे दी है।

 

यह पढ़ें…चीन के रुख से LAC पर बढ़ा तनाव, सीमा के पास चीनी लड़ाकू विमानों ने भरी उड़ान

पिछले महीने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के सलाहकार डॉ. फॉसी ने व्हाइट हाउस में इस दवा की कामयाबी के बारे मे एलान किया था। उन्होंने कहा कि आंकड़े बताते हैं कि रेमडेसिवीर दवा का बहुत स्पष्ट, प्रभावी और सकारात्मक असर पड़ रहा है। रेमडेसिवीर का अमेरिका, यूरोप और एशिया के 68 स्थानों पर 1063 लोगों पर ट्रायल किया गया जिससे ये पता चला कि रेमडेसिविर दवा कोरोना वायरस को रोक सकती है।

भारत मे गिलीड साइंसेज इंक ने रेमडेसिविर के उत्पादन और वितरण के लिए तीन बड़ी घरेलू कंपनियों- सिप्ला, जुबिलैंट लाइफ साइंसेज और हीटीरो समेत कुछ अन्य कंपनियों के साथ लाइसेंसिंग समझौता किया है।

देश दुनिया की और खबरों को तेजी से जानने के लिए बनें रहें न्यूजट्रैक के साथ। हमें फेसबुक पर फॉलों करने के लिए @newstrack और ट्विटर पर फॉलो करने के लिए @newstrackmedia पर क्लिक करें।