स्वाति मालीवाल की तबियत बिगड़ी, अस्पताल में भर्ती, जानिए अनशन की वजह

महिला सुरक्षा को लेकर पिछले 12 दिनों से राजघाट पर अनशन पर बैठीं दिल्ली महिला अध्यक्ष स्वाति मालीवाल  13 वें दिन  तबीयत बिगड़ गई है। जिसके बाद स्वाति मालीवाल को एलएनजेपी अस्पताल ले जाया गया है

नई दिल्ली:  महिला सुरक्षा को लेकर पिछले 12 दिनों से राजघाट पर अनशन पर बैठीं दिल्ली महिला अध्यक्ष स्वाति मालीवाल  13 वें दिन  तबीयत बिगड़ गई है। जिसके बाद स्वाति मालीवाल को एलएनजेपी अस्पताल ले जाया गया है।

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वो बलात्कारियों को जल्द से जल्द फांसी देने की मांग को लेकर पिछले 13 दिन से अनशन पर बैठी हैं। अनशन की वजह से स्वाति मालीवाल का वजन भी घटा है। दिल्ली महिला आयोग के अनुसार स्वाति मालीवाल कमजोरी के चलते बात भी करने में असमर्थ हैं। हैदराबाद में वेटनरी डॉक्टर के साथ गैंगरेप और जिंदा जलाने की घटना के बाद महिला सुरक्षा को लेकर दिल्ली महिला आयोग की अध्यक्ष स्वाति मालीवाल अनशन पर बैठी हुई थीं। वे रेप को दोषियों को छह महीने में फांसी देने की मांग कर रही थी।

इससे पहले, स्वाति मालीवाल ने आमरण अनशन पर बैठने से पहले ट्वीट करते हुए लिखा था-  ‘बहुत हो गया! नन्ही 6 साल की बेटी और हैदराबाद रेप पीड़िता की चीख़ें मुझे 2 मिनट बैठने नही दे रही। रेपिस्ट को हर हाल में 6 महीने में फांसी हो -इस क़ानून को लागू करवाने के लिए मैं कल से जंतर मंतर पे आमरण अनशन पे बैठ रही हूं। तब तक अनशन करूंगी जब तक महिलाओ को सुरक्षा की गैरंटी न मिलती!’

 

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स्वाति मालीवाल ने पत्र में कहा कि पिछले तीन सालों में दिल्ली महिला आयोग ने 55,000 केस की सुनवाई की है। हेल्पलाइन 181 पर ढाई लाख कॉल्स अटेंड कीं और 75000 ग्राउंड विजिट की। उन्होंने कहा कि सिर्फ कानून बना देना काफी नहीं है, उसको लागू भी करना होगा। इसलिए यह जरूरी है कि तत्काल सभी ‘रेपिस्टों’ को छह महीने में फांसी की सजा का कानून लागू हो। स्वाति मालीवाल ने महिला सांसदों से कम से कम छह मांगें संसद में उठाने की मांग की है। पहली मांग है कि निर्भया के दोषियों को तुरंत फांसी दी जाए, क्योंकि इंतजार करते-करते आठ साल हो गए।