आंध्र प्रदेश में बड़ा सियासी तूफान, पूर्व सीएम नायडू और बेटे लोकेश को किया नजरबंद

आंध्र प्रदेश में सत्ता पर काबिज वाईएसआरसीपी और पूर्व मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू की तेलुगू देशम पार्टी (टीडीपी) के बीच राजनीतिक लड़ाई तेज हो गई है। प्रदेश की जगन मोहन रेड्डी सरकार और टीडीपी के बीट जारी टकराव में नया मोड़ आ गया है।

नई दिल्ली: आंध्र प्रदेश में सत्ता पर काबिज वाईएसआरसीपी और पूर्व मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू की तेलुगू देशम पार्टी (टीडीपी) के बीच राजनीतिक लड़ाई तेज हो गई है। प्रदेश की जगन मोहन रेड्डी सरकार और टीडीपी के बीट जारी टकराव में नया मोड़ आ गया है।

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प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री चंद्र बाबू नायडू और उनके बेटे नारा लोकेश को नजरबंद कर दिया गया है। पार्टी कार्यकर्ताओं और नेताओ के साथ गुंटूर जिले में सरकार के खिलाफ में रैली करने वाले थे। आंध्र प्रदेश में टीडीपी नेता की हत्या के खिलाफ यह रैली थी। इससे पहले ही पुलिस ने नायडू और उनके बेटे को घर से निकलने से रोक दिया और दोनों को घर में नजरबंद कर दिया।

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इसके खिलाफ चंद्रबाबू नायडू ने अपने घर पर ही आज सुबह 8 बजे से रात 8 बजे तक भूख हड़ताल ऐलान कर दिया। प्रदेश के पूर्व सीएम की इस घोषणा के बाद समर्थक नायडू के घर जा रहे थे, जिन्हें पुलिस ने रोक दिया और कई कार्यकर्ताओं को हिरासत में ले लिया है।

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बता दें टीडीपी ने बुधवार को गुंटूर के पलनाडू में ‘चलो आत्मकूरु’ रैली बुलाई थी। लेकिन आंध्र पुलिस ने टीडीपी को रैली की इजाजत नहीं दी थी। नरसरावपेटा, सत्तेनापल्ले, पलनाडू और गुराजला में धारा 144 लागू कर दी गई। पुलिस ने राज्य में टीडीपी के कई नेताओं को भी नजरबंद कर दिया।