बिहार में भयानक तबाही: नौ नदियां खतरे के निशान से ऊपर, उत्तराखंड में अलर्ट जारी

बिहार में बाढ़ का कहर लगातार बढ़ता जा रहा है। राज्य में नौ नदियों के खतरे के निशान से ऊपर पहुंच जाने के कारण लाखों की आबादी तमाम तरह की दिक्कतें झेलने को मजबूर है।

नई दिल्ली: बिहार में बाढ़ का कहर लगातार बढ़ता जा रहा है। राज्य में नौ नदियों के खतरे के निशान से ऊपर पहुंच जाने के कारण लाखों की आबादी तमाम तरह की दिक्कतें झेलने को मजबूर है। राज्य में गंगा भी कहलगांव में खतरे के निशान से ऊपर पहुंच गई है। उधर सम में भी लाखों लोग बाढ़ की विभीषिका झेलने को मजबूर हैं। राज्य में विभिन्न घटनाओं में तीन लोगों की डूबने से मौत हो गई। इस बीच मौसम विभाग ने उत्तराखंड में भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। इस दौरान आकाशीय बिजली गिरने की आशंका भी जताई गई है।

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39 लाख लोग बाढ़ में फंसे

बिहार में बाढ़ की स्थिति निरंतर विकराल होती जा रही है। बाढ़ से प्रभावित लोगों की संख्या बढ़ती जा रही है। ‌ राज्य के 12 जिले बाढ़ से प्रभावित हैं और करीब 39 लाख की आबादी दिक्कतों से जूझ रही है। जानकार सूत्रों के अनुसार नदियों के जलस्तर में उतार-चढ़ाव का दौर दिख रहा है। बुधवार को अधवारा नदी का जलस्तर थोड़ा घटा तो बागमती और बूढ़ी गंडक के जलस्तर में काफी बढ़ोतरी दर्ज की गई। इन दोनों नदियों का जलस्तर कई स्थानों पर खतरे के निशान से दो मीटर तक ऊपर चला गया है।

बुधवार को गंगा का जलस्तर कहलगांव में लाल निशान से ऊपर चला गया। हालांकि पटना में अभी भी गंगा का जलस्तर लाल निशान से नीचे चल रहा है। अन्य स्थानों पर भी इसका जलस्तर लाल निशान से काफी नीचे चल रहा है।

बूढ़ी गंडक ने बरपाया कहर

डुमरियाघाट में गंडक नदी ने कहर बरपा रखा है और इसका जलस्तर लाल निशान से लगभग डेढ़ मीटर से ऊपर बना हुआ है। रोसड़ा रेल पुल के पास बूढ़ी गंडक लाल निशान से तीन मीटर ऊपर बह रही है। समस्तीपुर रेल पुल के पास भी यह नदी लाल निशान से करीब 2.35 मीटर ऊपर बह रही है।

मुजफ्फरपुर में भी इस नदी ने बरपा रखा है और यहां इसका जलस्तर खतरे के निशान से लगभग डेढ़ मीटर ऊपर है। झंझारपुर और जयनगर दोनों स्थानों पर कमला नदी नीचे उतरने के बाद तेजी से बढ़ रही है। दोनों ही स्थानों पर यह नदी फिर लाल निशान से ऊपर पहुंच गई है।

सीतामढ़ी और दरभंगा में हालात गंभीर

सीतामढ़ी में अधवारा नदी का जलस्तर थोड़ा कम हुआ है मगर अभी भी यह लाल निशान से एक मीटर ऊपर बह रही है। दरभंगा में खिरोई नदी ने कहर बरपा रखा है और यह लाल निशान से करीब 1.80 मीटर ऊपर बह रही है। पूर्णिया में महानंदा फिर उफनाने लगी है और लाल निशान से एक मीटर ऊपर पहुंच गई है।

पीड़ितों तक राहत पहुंचाने की कोशिश

राज्य के आपदा प्रबंधन विभाग के अपर सचिव रामचंद्रुडु का कहना है कि बाढ़पीड़ितों तक राहत सामग्री पहुंचाने का काम युद्धस्तर पर किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि 843 सामुदायिक किचन चलाए जा रहे हैं। इनके जरिए करीब 470000 लोगों को भोजन उपलब्ध कराया जा रहा है। राज्य में लगाए गए 23 राहत शिविरों में 22000 लोगों को रखा गया है।

असम में तीन लोगों की मौत

असम के कई जिलों में लाखों लोग बाढ़ से प्रभावित हूैं। राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की रिपोर्ट में बताया गया है कि बरपेटा, कोकराझार और कामरूप जिलों में एक-एक व्यक्ति की डूबने से मौत हो गई। इसके साथ ही राज्य में बाढ़ और भूस्खलन की घटनाओं मरने वालों की संख्या 133 तक पहुंच गई है। राज्य में सरकार की ओर से तेजी से राहत का काम चलाया जा रहा है। एसडीआरएफ और जिला प्रशासन की टीमें लोगों तक राहत पहुंचाने में जुटी हुई हैं।

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उत्तराखंड में ऑरेंज अलर्ट जारी

इस बीच मौसम विभाग ने उत्तराखंड में देहरादून सहित राज्य के 5 जिलों में भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग का कहना है कि इस दौरान आकाशीय बिजली गिरने की घटनाएं भी हो सकती हैं। मौसम विज्ञान केंद्र के निदेशक विक्रम सिंह का कहना है कि 30 जुलाई से 2 अगस्त तक प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में मौसम खराब रहेगा और बारिश होने की संभावना है।

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