AIIMS में जेटली का जादू: अपने वेतन से मरीजों के लिए किया ये नेक काम

बीती 9 अगस्त से दिल्ली के एम्स में भर्ती रहे देश पूर्व वित्‍त मंंत्री अरुण जेटली को याद करके वहां के डॉक्‍टरों और मरीजों की आंखें नम हो जाती हैं। निधन से पहले एम्स में अरुण जेटली ने अपने इलाज के समय अन्य कई मरीजों का भी ख्‍याल रखते थे।

Published by Vidushi Mishra Published: August 25, 2019 | 1:17 pm
Modified: August 25, 2019 | 1:31 pm
अरुण जेटली

अरुण जेटली

नई दिल्ली : बीती 9 अगस्त से दिल्ली के एम्स में भर्ती रहे देश पूर्व वित्‍त मंंत्री अरुण जेटली को याद करके वहां के डॉक्‍टरों और मरीजों की आंखें नम हो जाती हैं। निधन से पहले एम्स में अरुण जेटली ने अपने इलाज के समय अन्य कई मरीजों का भी ख्‍याल रखते थे। एम्स के डॉक्‍टरों ने बताया कि उन्‍होंने मरीजों के लिए ठंडे पानी की सुविधा न होने की स्थिति में पांच वाटर कूलिंग मशीनें लगवाई थीं। इसके अलावा इन मशीनों की मरम्‍मत और रखरखाव का खर्च भी वह अपने वेतन से उठाते थे।

यह भी देखें… अरुण जेटली का अंतिम संस्कार आज, BJP मुख्यालय पहुंचा पार्थिव शरीर

दर्द में भी मुस्कुराते रहते थे जेटली

अरुण जेटली को याद करके एम्स के डॉक्टर कहते हैं कि वे जब तक हॉस्पिटल में भर्ती रहे मुस्कुराते रहे। वे एक जीवंत व्‍यक्ति थे। एम्स के निदेशक डॉ. रणदीप गुलेरिया कहते हैं कि वे गंभीर रूप से बीमार होने के बावजूद जीने की अद्भुत क्षमता रखते थे। वे दर्द में भी हंसते थे और आसपास के लोगों के बारे में साेचते थे।

arun-jaitley

मीडिया रिपोर्टस में छापी खबर के मुताबिक, गुलेरिया ने बताया कि जैसे-जैसे उनके अंगों ने काम करना बंद किया वे निढाल होते चले गए। उन्हें मशीनों पर रखा गया। इसके बावजूद वे जब भी होश में आते थे तो मुस्‍कुरा देते थे। सायं करीब 5 बजे उनके पार्थिव शरीर को दक्षिण दिल्ली आवास पर ले जाया गया। इस मौके पर एम्स के डॉक्टर, पैरामेडिकल स्टाफ, मरीज व उनके रिश्तेदारों की आंखें भीगी हुई थीं।

यह भी देखें… मोदी और शाह ने असंभव को संभव कर दिखाया अरुण जेटली का आखिरी ब्लाॅग

जेटली स्‍वास्‍थ्‍य के चलते कई बार भर्ती हो चुके एम्स में

आपको बता दें कि पूर्व वित्त मंत्री अरुण जेटली इससे पहले भी कई बार एम्स में भर्ती हो चुके हैं। पिछले साल उनका किडनी प्रत्‍यारोपण हुआ था। जिसे करने के लिए दिल्ली अपोलो अस्पताल के वरिष्ठ डॉ. संदीप गुलेरिया के अलावा दो वरिष्ठ डॉक्टर पीजीआई चंडीगढ़ से भी आए थे। 2019 में उनके सारकोमा में सॉफ्ट टिश्यू मिले थे, जिसे लेकर उन्हें न्यूयॉर्क के डॉक्टरों की सलाह लेनी पड़ी थी।

ऐसे थे अरुण जेटली: एम्स में अपने वेतन से किए थे ये नेक काम