धोखे से बचे: ऑनलाइन फ्रॉड को लेकर इस बैंक ने किया सतर्क, अभी करें ये काम

इंटरनेट बैकिंग ने लोगों की जिंदगी को आसान बना दिया है। लोग घर बैठे ही बैंक के काम कर लेते हैं। उन्हें घंटों लाइन में खड़ा नहीं होना पड़ता है और काम भी मिनटों में ही हो जाता है। लेकिन इन सुविधाओं के साथ ही बैंक ग्राहकों को सचेत और सर्तक भी रहना चाहिए।

नई दिल्ली : इंटरनेट बैकिंग ने लोगों की जिंदगी को आसान बना दिया है। लोग घर बैठे ही बैंक के काम कर लेते हैं। उन्हें घंटों लाइन में खड़ा नहीं होना पड़ता है और काम भी मिनटों में ही हो जाता है। लेकिन इन सुविधाओं के साथ ही बैंक ग्राहकों को सचेत और सर्तक भी रहना चाहिए। जिस तरह ऑनलाइन बैंकिग लोगों का काम आसान कर रही है, उसी तरह इससे बहुत तरह की समस्याएं भी बढ़ रही हैं। इस स्थिति में बैंक ग्राहक को सावधानी से काम करने की सलाह दी जाती है क्योंकि जरा सी गलती सेकेंडों में लाखों का चूना लगा सकती है।

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इन्ही ऑनलाइन धोखों से बचने के लिए देश के सबसे बड़े बैंक ने अपनी आधिकारिक साइट पर लिखा है कि ग्राहकों को किसी बैंक के नाम पर किसी भी ई-मेल और एसएमएस को लेकर हमेशा सतर्क रहना चाहिए।

एसबीआई ने अपनी वेबसाइट पर लिखा है, ‘एसबीआई अन्य वित्तीय संस्थान और कोई भी क्रेडिट कार्ड कंपनी ई—मेल के द्वारा ग्राहकों की जानकारी को कंफर्म नहीं करते।’ ग्राहकों को उन्हीं नंबर के जरिए अपने बैंक से संपर्क करना चाहिए, जो उन्हें किसी क्रेडिबल सोर्स मिला हो।

ऑनलाइन धोखा होने के तुरंत बाद करें ये काम

1. अपने बैंक या क्रेडिट कार्ड कंपनी को कॉल कर अकाउंट या कार्ड ब्लॉक करने को बोलें।

2. बैंक या क्रेडिट कार्ड कंपनी को आपके साथ हुए फ्रॉड के बारे में जानकारी दें। आप उनसे फ्रॉड अलर्ट सेटअप करने के बारे रिक्वेस्ट कर सकते हैं।

3. इसके साथ ही, कोशिश करें कि किसी डिजिटल प्वाइंट से अपना पासवर्ड बदल दें, ताकि निकट भविष्य में गलत बैंक अकाउंट या क्रेडिट कार्ड का गलत इस्तेमाल न किया जा सके।

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4. ऑनलाइन धोखे को लेकर शिकायत के दौरान आपके पास पिछले छह माह का स्टेटमेंट, धोखे से संबंधित एसएमएस या ई—मेल की कॉपी भी होना चाहिए।

5. जब आपको पता चले कि आपके बैंक अकाउंट संबंधी जानकारी का गलत इस्तेमाल किया जा रहा है तो इसकी सूचना पुलिस को दर्ज करानी चाहिए।

6. आरबीआई ​के नियमों के अनुसार, स्कैमिंग या फिशिंग के जरिए होने वाले धोखे के मामले के बारे में बैंक को 3 दिन के अंदर खबर देना चाहिए।

ऐसे करने पर आपका कोई नुकसान नहीं होगा। अगर धोखा होने के 7 दिनों के अंदर आप ​सूचित करते हैं तो भी इस मामले में आपकी देनदारी ​सीमित रहेगी।

7. आरबीआई के नियमों के अनुसार, अगर आपने बैंक को इस तरह के किसी फ्रॉड की जानकारी समय से दे दी, तो बैंक को 10 दिन के अंदर आपकी राशि आपको बैंक अकाउंट में डाल देनी चाहिए। इस मामले से जुड़े विवाद को निपटारा भी 90 दिनों में हो जाना चाहिए।

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