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IPS अधिकारियों पर केंद्र और ममता के बीच सीधा टकराव, जानिए पूरा मामला

भाजपा अध्यक्ष जेपी नढढा पर हुए हमले को लेकर केन्द्र सरकार और पष्चिम बंगाल के बीच रार बढती जा रही है। केंद्रीय गृह मंत्रालय ने उनकी सुरक्षा के लिए जिम्मेदार राज्य के तीन आइपीएस अधिकारियों को केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर बुलाने के लिए गुरुवार को फिर से आदेश जारी किया।

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MonikaBy Monika

Published on 17 Dec 2020 2:18 PM GMT

IPS अधिकारियों पर केंद्र और ममता के बीच सीधा टकराव, जानिए पूरा मामला
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IPS अधिकारियों को लेकर केन्द्र और ममता के बीच सीधा टकराव
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नई दिल्ली: भाजपा अध्यक्ष जेपी नढढा पर हुए हमले को लेकर केन्द्र सरकार और पष्चिम बंगाल के बीच रार बढती जा रही है। केंद्रीय गृह मंत्रालय ने उनकी सुरक्षा के लिए जिम्मेदार राज्य के तीन आइपीएस अधिकारियों को केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर बुलाने के लिए गुरुवार को फिर से आदेश जारी किया।

ममता बनर्जी ने दी खुली चुनौती

पष्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने इस मामले में केंद्र सरकार को खुली चेतावनी देते हुए कहा, हम राज्य की मशीनरी को नियंत्रित करने के लिए केंद्र के प्रयास को बिल्कुल कामयाब नहीं होने देंगे। पश्चिम बंगाल विस्तारवादी और अलोकतांत्रिक ताकतों से डरने वाला नहीं है। ममता बनर्जी ने केंद्र के इस फैसले का कड़ा विरोध करते हुए इसे असंवैधानिक और चुनाव से पहले संघीय ढांचे के बुनियादी सिद्धांतों के खिलाफ बताया है। बनर्जी ने सिलसिलेवार ट्वीट में कहा कि यह केन्द्र द्वारा राज्य के अधिकार क्षेत्र का अतिक्रमण करने और पश्चिम बंगाल में सेवारत अधिकारियों का मनोबल घटाने के लिए जानबूझ कर किया गया प्रयास है ।

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आइपीएस अधिकारियों को कार्यमुक्त करने के लिए पत्र

उन्होंने कहा, ‘‘ यह कदम, खासकर चुनाव से पहले संघीय ढांचे के मूल सिद्धांतों के खिलाफ है. यह पूरी तरह असंवैधानिक और पूरी तरह अस्वीकार्य है।’’केन्द्रीय गृह मंत्रालय ने बंगाल सरकार को तीनों आइपीएस अधिकारियों को तत्काल कार्यमुक्त करने के लिए पत्र भेजा है। तीनों आइपीएस अधिकारियों को भी केंद्रीय प्रतिनियुक्ति के लिए जल्द रिपोर्ट करने को कहा गया है। आमतौर पर किसी भी आइपीएस अधिकारी को केंद्रीय प्रतिनियुक्ति में सेवा देने से पहले राज्य सरकार की सहमति ली जाती है, लेकिन इस मामले में ऐसा कुछ नहीं किया गया है।

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अधिकारियों को जल्द करना होगा रिपोर्ट

वहीं, गृह मंत्रालय ने बंगाल सरकार को तीनों आइपीएस अधिकारियों को तत्काल कार्यमुक्त करने के लिए पत्र भेजा है। तीनों आइपीएस अधिकारियों को भी केंद्रीय प्रतिनियुक्ति के लिए जल्द रिपोर्ट करने को कहा गया है।

बंगाल कैडर के जिन तीन आइपीएस को बुलाया गया है उनमें डॉ भोला पांडे को बीपीआरएंडडी के एसपी के तौर पर चार साल के लिए नियुक्ति की गई है। वहीं प्रवीण त्रिपाठी की एसएसबी के डीआइजी के तौर पर पांच साल के लिए नियुक्ति की गई है। इसके अलावा राजीव मिश्रा की आइटीबीपी के आइजी के तौर पर पांच साल के लिए नियुक्ति की गई है।

श्रीधर अग्निहोत्री

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