निर्भया केस: सुप्रीम कोर्ट का नये डेथ वारंट पर बड़ा फैसला, जानिए पूरा मामला

निर्भया मामले के तीनो दोषियों को अलग अलग फांसी देने कि आज होने वाली सुनवाई सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई जारी है। सुनवाई के दौरान जस्टिस भूषण ने सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता से पूछा कि जब आपका चार्ट यह दर्शा रहा है

Published by suman Published: February 12, 2020 | 10:18 am
Modified: February 12, 2020 | 10:12 pm

नई दिल्ली : निर्भया मामले के तीनो दोषियों को अलग-अलग फांसी देने कि आज होने वाली सुनवाई सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई जारी है। सुनवाई के दौरान जस्टिस भूषण ने सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता से पूछा कि जब आपका चार्ट यह दर्शा रहा है कि तीन दया याचिका खारिज हुई है और दोषी पवन गुप्ता ने अभी दया याचिका दायर नहीं की है। ऐसे क्यों नया डेथ वारंट जारी करने के लिए याचिका दी गई है।

सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई में निर्भया के दोषियों को कानूनी विकल्प अपनाने के लिए दी गई 1 सप्ताह की समय सीमा समाप्त होने पर तिहाड़ जेल अथॉरिटी को नया डेथ वारंट जारी कराने के लिए ट्रायल कोर्ट में अर्जी देने की छूट दी। साथ ही कोर्ट ने केंद्र सरकार की याचिका पर चारों दोषियों को नोटिस जारी किया है।

 

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अब निर्भया के दोषियों को फांसी देने के मामले में दाखिल केंद्र सरकार और दिल्ली सरकार की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट 13 फरवरी को फिर सुनवाई करेगा। सुनवाई के दौरान निर्भया के चारों दोषियों को एक साथ फांसी देने के दिल्ली हाई कोर्ट के आदेश के खिलाफ केंद्र और दिल्ली सरकार की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने दोषियों को नोटिस जारी किया, हालांकि कोर्ट ने साफ किया की इस याचिका के लंबित रहने का, ट्रायल कोर्ट से डेथ वारंट जारी होने पर कोई असर नहीं पड़ेगा।

 

वहीं, बचाव दल के वकील एपी ने सिंह ने कहा कि दोषी विनय शर्मा ने सुप्रीम कोर्ट के समक्ष एक रिट याचिका दायर की है, जिसमें भारत के राष्ट्रपति द्वारा अस्वीकार की गई दया याचिका को चुनौती दी गई है।

 

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कोर्ट ने पिछले सुनवाई में (7 फरवरी) निर्भया के चारों दोषियों (अक्षय सिंह ठाकुर, मुकेश सिंह, विनय कुमार शर्मा और पवन कुमार गुप्ता) को अलग-अलग फांसी देने के मामले में नोटिस जारी किया है। कोर्ट ने यह नोटिस जारी करते हुए कहा था कि दिल्ली हाई कोर्ट का एक हफ्ता का दिया हुआ समय 11 फरवरी को समाप्त हो रहा है, ऐसे में 11 फरवरो को मामले की सुनवाई होगी। बता दें कि दिल्ली हाई कोर्ट ने सभी दोषियों से अपने सभी कानूनी विकल्पों को एक सप्ताह के भीतर इस्तेमाल करने के लिए कहा था।