डॉन की मौत: 30 साल किया अंडरवर्ल्ड पर राज, सांसद की हत्या कर बना था माफिया

बेंगलुरु पर 30 साल तक बतौर माफिया राज करने वाले मुथप्पा केंद्रीय जांच एजेंसियों के रडार पर थे। उन्होंने बेहद कम उम्र में ही अपराध की दुनिया में एंट्री कर ली थी।

बेंगलुरु: भारत के प्रसिद्द अंडरवर्ल्ड डॉन मुथप्पा राय का शुक्रवार को निधन हो गया। उनका बेंगलुरु में कैंसर का इलाज चल रहा था। वहीं आज उन्होंने मणिपाल अस्पताल में अपनी आखिरी साँसे ली। आज मरने से पहले उन्होंने खुद को देशभक्त बताया।

कौन है माफिया डॉन मुथप्पा राय

बेंगलुरु पर 30 साल तक बतौर माफिया राज करने वाले मुथप्पा केंद्रीय जांच एजेंसियों के रडार पर थे। उन्होंने बेहद कम उम्र में ही अपराध की दुनिया में एंट्री कर ली थी। हाल ये था कि कर्नाटक पुलिस ने मुथप्पा के खिलाफ 8 वारंट जारी किए थे। 1980 में वह बेंगलुरु के अंडरवर्ल्ड के संपर्क में आए और 1990 में उन्होंने तत्कालीन सांसद जयराज का मर्डर कर दिया। इस मर्डर के बाद वह रातोंरात माफिया बन गए।

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अंडरवर्ल्ड डॉन बनने का सफर शुरू

इसके बाद से उनका माफिया बनने तक का सफर शुरू हो गया। इस मर्डर के बाद मुथप्पा दाऊद इब्राहिम के दाहिने हाथ शरद शेट्टी के संपर्क में आए। मुथप्पा दुबई से शारद शेट्टी के साथ डी कंपनी के मामलों, क्रिकेट मैच फिक्सिंग और सट्टेबाजी के कारोबार को संभालने लगे। हालाँकि 1994 में मुथप्पा के सबसे करीबी फॉलर जयंत राय की बेंगलुरु स्थिति उनके कार्यालय में गोली मारकर हत्या कर दी गयी। जिसके बाद मुथप्पा दुबई वापस आ गए और यहीं से कारोबार संभालने लगे।

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जब शारद शेट्टी को साल 2000 में गिरफ्तार किया गया तो मुथप्पा अंडरग्राउंड हो गए। हालाँकि साल 2002 में दुबई पुलिस ने मुथप्पा को भी गिरफ्तार कर भारत के सुपुर्द कर दिया। जांच एजेंसियों ने उनसे पूछताछ की थी जिसमें सीबीआई, रॉ और आई तथा कर्नाटक पुलिस जैसे एजेंसियां शामिल रही। बाद में सबूतों के अभाव में मुथप्पा बरी हो गए।

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