राजस्थान: मुसीबत बना बांध से छोड़ा पानी, स्कूल में फंसे 350 मासूम

राजस्थान के चित्तौड़गढ़ में बारिश के पानी के बीच एक स्कूल में 350 बच्चे और 50 शिक्षक फंस गए हैं। राणा प्रताप डैम से पानी छोड़े जाने के बाद नदियों में पानी का उफान है।

जयपुर: राजस्थान के कई इलाके दो दिनों से लगातार जारी बारिश के कारण पूरी तरह से लबालब हो गए हैं। बांध से लगातार पानी छोड़ा जा रहा है। जिसके कारण निचले इलाकों में पानी भरने से बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं।

बुंदी, बांसवाड़ा, कोटा और मध्यप्रदेश में लगातार हो रही बारिश के कारण चंबल भी खतरे के निशान से ऊपर बह रही है। जिसके चलते शनिवार को डैम के सभी 19 गेट खोल दिए गए। वहीं माही और बीसलपुर डैम से भी लगातार पानी छोड़ा जा रहा है।

 

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चित्तौड़गढ़ में 350 बच्चे और 50 शिक्षक  फंसे

उधर राजस्थान के चित्तौड़गढ़ में बारिश के पानी के बीच एक स्कूल में 350 बच्चे और 50 शिक्षक फंस गए हैं। राणा प्रताप डैम से पानी छोड़े जाने के बाद नदियों में पानी का उफान है।

सड़कों पर भी चारों तरफ पानी ही पानी है। लिहाजा, 350 बच्चे स्कूलों में कैद होकर रह गए हैं। गनीमत ये है कि स्थानीय लोग बच्चों और शिक्षकों की भरपूर मदद कर रहे हैं। उन्हें खाना-पानी जैसे बुनियादी चीजें मुहैया करा रहे हैं।

कोटा में चंबल के 19 गेट खोलने के बाद कुन्हड़ी बस्ती, नयापुरा बस्ती, कुन्हड़ी पुलिया समेत कई इलाकों में बाढ़ के हालात पैदा हो गए हैं। प्रशासन ने कई इलाकों में मकानों को खाली करवा लिया है।

साथ ही रावतभाटा राणा प्रताप सागर बांध के सभी 17 के खोलें गए हैं। यहां 13 साल बाद एक साथ 17 गेट खोले गए हैं। जिसके कारण ब्राह्मणी नदी उफान पर है।

बीसलपुर डैम के 8 गेट खोले गए हैं। जिसके चलते बनास नदी भी उफान पर है। यहां से करीब 1.44 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा जाएगा। गांधी सागर बांध से सात लाख से ज्यादा पानी की आवक हो चुकी है। 1986 के बाद पहली बार इतनी आवक हुई है।

पानी के बीच फंसी बस

बारां जिले के सांगोद मार्ग पर समीपवर्ती गांव बैंगना में पानी के बहाव में एक बस फंस गयी थी। बस में क़रीब 25-30 सवारी बैठे हुए थे। इस दौरान बस फसने से यात्रियों में हड़कंप मच गया।

इस दौरान कुछ ग्रामीण मदद के लिए पहुंचे। तब तक पानी बस में अंदर भर गया। सुचना मिलने पर एसडीआरएफ की टीम व पुलिस मोके पर पहुचीं। सदर थाना सीआई राम भरोसी मीना ने बताया कि एसडीआरएफ दल और पुलिस ने रेस्क्यू कर बस में सवार सभी यात्रियों को बाहर निकाला।

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धरियावाद में टापू पर फंसे 9 लोग

वहीं झालावाड़, बांसवाड़ा, बूंदी, चित्तौड़गढ़ में ही लगातार बारिश के कारण बाढ़ के हालात बन गए हैं। साथ माही का जलस्तर बढ़ने के कारण प्रतापगढ़ के पीपलखूंट के कुछ घर खाली करवाए गए हैं।

इस बीच धरियावाद की जाखम नदी में पानी भरने से पास एक टापू पर 9 लोग फंस गए। जिसके घंटों की मश्क्कत के बाद रेस्क्यू टीम ने बाहर निकाला।

तेज बारिश के कारण बांसवाड़ा का बेणेशवर धाम एक बार फिर टापू बन गया। माही बांध गेट खाेले जाने से बांसवाड़ा -उदयपुर स्टेट हाईवे पर 2 फीट पानी आ गया है।

भीलवाड़ा के काछाैला में जैतपुरा बांध के 6 गेट, झालावाड़ में गंभीरी बांध के 7 गेट खाेले गए। भीलवाड़ा में गांगली नदी का पानी पुलिया पर बहने से दोपहर में निंबाहेड़ा-उदयपुर स्टेट हाईवे अवरुद्ध हो गया।

अगले 24 घंटे 6 जिलों में ऑरेंज अलर्ट

बता दें कि बीते 24 घंटे में भीलवाड़ा में 36.8, जयपुर मे 1.3, कोटा में 45.2, सवाईमाधोपुर में 17.0, चित्तौड़गढ़ में 32.0, डबोक में 4.2 एमएम बारिश रिकॉर्ड की गई।

मौसम विभाग द्वारा अगले 24 घंटे बांसवाड़ा, बारां, डूंगरपुर, झालावाड़, कोटा, प्रतापगढ़ में बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। यहां भारी से भारी बारिश होने की संभावना है।

वहीं भीलवाड़ा, बूंदी, चित्तौड़गढ़, राजसमंद और उदयपुर में येलो अलर्ट जारी किया गया है। यहां हल्की बारिश होने की संभावना है।

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