बजट से जुड़े अधिकारियों को क्यों मिलती है कैद और कहां छपते हैं बजट डॉक्यूमेंट्स?

शनिवार से बजट की छपाई शुरू हो गई। नॉर्थ ब्लॉक स्थित वित्त मंत्रालय के बेसमेंट में हलवा सेरेमनी के साथ ही 100 अधिकारी और कर्मचारी अगले 15 दिनों के लिए कैद हो गए। 

Published by Aditya Mishra Published: June 22, 2019 | 5:14 pm
फ़ाइल फोटो

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नई दिल्ली: शनिवार से बजट की छपाई शुरू हो गई। नॉर्थ ब्लॉक स्थित वित्त मंत्रालय के बेसमेंट में हलवा सेरेमनी के साथ ही 100 अधिकारी और कर्मचारी अगले 15 दिनों के लिए कैद हो गए।  इस बार हलवा सेरेमनी में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण और राज्य मंत्री अनुराग ठाकुर ने सभी कर्मचारियों के साथ मिलकर हलवा खाकर छपाई को शुरू किया।

आइये आज हम आपको बताते है क्यों होती है हलवा सेरेमनी, क्यों मिलती अधिकारियों- कर्मचारियों को कैद और कहां छपते हैं बजट डॉक्यूमेंट्स?

क्यों होती है हलवा सेरेमनी
बजट छपाई एक तरह से पूर्णतया गोपनीय काम होता है। इससे जुड़ी जाटिल प्रक्रिया को हल्का-फुल्का करने के लिए हलवा सेरेमनी का आयोजन होता है। बजट छपाई की प्रक्रिया से जुड़े अधिकारी व कर्मचारी करीब 15 दिनों के लिए पूरी दुनिया से कटे रहते है। इन 100 अधिकारियों व कर्मचारियों को घर जाने की भी इजाजत नहीं होती है। वित्त मंत्रालय के बेहद वरिष्ठ अधिकारियों को ही घर जाने की इजाजत होती है।

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आखिर क्यों मिलती है बजट अधिकारियों को कैद?
बजट बनाने की प्रक्रिया में शामिल सभी अधिकारी करीब 15 दिनों के लिए बाहरी दुनिया से कट जाते हैं और इन्हें नॉर्थ ब्लॉक में कैद कर लिया जाता है। जानकारी के मुताबिक अधिकारियों को इस तरह की कैद दिए जाने के पीछे की प्रमुख वजह बजट की गोपनीयता है।

इस पूरी प्रक्रिया के दौरान बजट टीम के सभी सदस्यों पर पैनी नजर रखी जाती है। इंटेलिजेंस ब्यूरो की एक टीम हर किसी की गतिविधि और उनके फोन कॉल्स पर बराबर नजर रखती है। यह टीम संयुक्त सचिव की अध्यक्षता में काम करती है।

किन-किन लोगों को मिलती है कैद?
बजट तैयार करने की प्रक्रिया के दौरान वित्त मंत्रालय से जुड़े अधिकारियों के साथ-साथ विशेषज्ञ, प्रिंटिंग टेक्नीशियन और कुछ स्टेनोग्राफर्स को नॉर्थ ब्लॉक में कैद मिलती है। ये लोग इस दौरान अपने परिवार से भी बात नहीं कर सकते हैं। अगर परिजनों को अपने पारिवारिक सदस्य को कोई बहुत जरूरी सूचना भी देनी होती है तो वो दिए गए एक नंबर पर सिर्फ संदेश भर भेज पाते हैं।

कहां छपता है देश का बजट?
वित्त मंत्री का बजट भाषण सबसे सुरक्षित दस्तावेज माना जाता है। इसलिए इसे बजट की घोषणा के दो दिन पहले ही प्रिंटर्स को थमाया जाता है। जानकारी के लिए बता दें कि पहले बजट के पेपर्स राष्ट्रपति भवन के अंदर प्रिंट होते थे, लेकिन साल 1950 के बजट के लीक हो जाने के बाद बजट मिंटो रोड के एक प्रेस में छपने लगा। साल 1980 से बजट नॉर्थ ब्लॉक के बेसमेंट में छप रहा है।

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नहीं निकल पाएंगे बाहर
हलवा बनने के बाद से मंत्रालय के 100 से अधिक लोग बजट बनाने में दिन-रात लग जाते हैं। बजट पेश होने से लगभग एक सप्ताह पहले से तो इन लोगों को 24 घंटे नॉर्थ ब्लॉक में ही गुजारना पड़ता है। एक बार कैद होने के बाद वित्त मंत्री द्वारा लोक सभा में बजट पेश करने के बाद ही इन्हें नॉर्थ ब्लॉक से बाहर जाने की इजाजत मिलती है। 5 जुलाई को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण लोक सभा में बजट पेश करेंगी।

सुरक्षा होती है चाक-चौबंद
इस दौरान वित्त मंत्रालय की सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद होती है। किसी भी बाहरी व्यक्ति का प्रवेश वित्त मंत्रालय में नहीं होता है। छपाई से जुड़े अधिकारी व कर्मचारियों को भी बाहर आने या फिर अपने सहयोगियों से मिलने की भी मनाही होती है। अगर किसी विजिटर का आना बहुत जरूरी है तो उन्हें सुरक्षाकर्मियों की निगरानी में अंदर भेजा जाता है।

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