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पीएम मोदी-शी चिनफिंग की मुलाक़ात आज, चीनी राष्ट्रपति ने दिया बड़ा बयान

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से शुक्रवार को चीनी राष्ट्रपति चेन्नै के निकट महाबलीपुरम में दूसरी अनौपचारिक समिट के लिए मिलेंगे। बता दें, चीन के राष्ट्रपति शी चिनफिंग दो दिवसीय दौरे के लिए भारत आ रहे हैं और निवेश, रक्षा, सुरक्षा और सीमा पर बातचीत करेंगे। 

Manali Rastogi

Manali RastogiBy Manali Rastogi

Published on 11 Oct 2019 3:20 AM GMT

पीएम मोदी-शी चिनफिंग की मुलाक़ात आज, चीनी राष्ट्रपति ने दिया बड़ा बयान
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पेइचिंग/नई दिल्ली: चीन के राष्ट्रपति शी चिनफिंग आज भारत दौरे पर आ रहे हैं। उनका ये दौरा कई मायनों में खास है। वहीं, एक बार फिर जम्मू-कश्मीर मुद्दा चर्चा का विषय बन गया है। यही नहीं, भारत दौरे से पहले चिनफिंग चीनी मीडिया मुखातिब हुए और इस दौरान उन्होंने भारत को लेकर एक बड़ा बयान दिया।

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चीनी मीडिया से रूबरू होते हुए राष्ट्रपति शी चिनफिंग ने कहा कि भारत और चीन की दोस्ती अहम है। उन्होंने कहा कि दोनों देश मिलकर काफी अच्छा कर सकते हैं। वहीं, भारत को लेकर शी चिनफिंग ने कहा कि भारत के बिना एशिया की 21वीं सदी नहीं होगी। इसका मतलब ये हुआ कि चीन मानता है कि भारत बहुत कुछ करने में सक्षम है।

भारत के बिना एशिया की नहीं होगी 21वीं सदी

इस मामले में चीन के सरकारी अखबार ग्लोबल टाइम्स का कहना है कि एशिया की सदी की बात काफी होती है। इस संदर्भ में एशिया के कई दिग्गज नेता और रणनीतिकार ये मानते और कहते हैं कि 19वीं सदी यूरोप की थी, 20वीं सदी अमेरिका की और अब 21वीं सदी एशिया की होगी। ऐसे में भारत एक उभरता सितारा है। अखबार ने भारतीय थिंक टैंक ऑब्जर्वर रिसर्च फाउंडेशन की एक रिपोर्ट का जिक्र किया और कहा कि यह चीन और भारत की आर्थिक प्रगति से ही संभव होगा।

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प्रधानांत्री नरेंद्र मोदी के साथ दूसरी अनौपचारिक समिट को महत्वपूर्ण बताते हुए शी चिनफिंग ने कहा कि, ‘नए आयाम पर इससे संबंध पहुंचेंगे। चीनी मीडिया से मुखातिब होते हुए चिनफिंग ने कहा कि चीनी कंपनियों ने बीते कुछ सालों में भारत के मेक इन इंडिया और डिजिटल इंडिया जैसे अभियानों में हिस्सा लेते हुए निवेश में इजाफा किया है। इसके साथ ही भारतीय कंपनियों का भी चीन में इन्वेस्टमेंट बढ़ा है।’

मुलाक़ात से पहले 129 एमओयू करार हुए

इस मुलाकात से एक दिन पहले दोनों देशों की कंपनियों के बीच 129 अहम एमओयू पर करार हुए। जिन अ‍हम एमओयू पर दोनों देशों की कंपनियों ने हस्‍ताक्षर किए उनमें एग्री, मिनरल, टेक्‍सटाइल और फूड प्रोसेसिंग सेक्‍टर शामिल हैं। इस एमओयू करार के दौरान दोनों देशों के प्रतिनिधियों ने ट्रेड और निवेश बढ़ाने पर जोर दिया।

भारत पर लगाया अविश्वास का आरोप

हालांकि, चीन ने भारत पर अविश्वास का आरोप भी लगाया है। चीन का कहना है कि चीन को लेकर भारत ने अविश्वास जताया, जिसकी वजह से प्रगति रुक गई। चीनी मीडिया का कहना है कि भारत की ओर से संदेह के चलते दोनों देशों को आर्थिक झटका लगा है। मीडिया का कहना है कि अब वो दौर आ गया है, जब भारत और चीन को साथ मिलकर काम करना है और ये बेहद जरूरी हो गया है।

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शांतिपूर्ण तरीके से निकालेंगे सीमा विवाद का हल

चीनी मीडिया ने इस दौरान सीमा विवाद का जिक्र भी किया और कहा कि दोनों देश शांतिपूर्ण तरीके से सीमा विवाद का हल शांतिपूर्ण तरीके से निकालेंगे। ये तो सबको पता है कि भारत और चीन के बीच काफी लंबे समय से सीमा विवाद चल रहा है। मगर अब दोनों देश इसको शांतिपूर्ण ढंग से निपटाएंगे। साथ ही, चीन ने कहा कि दोनों देश दुनिया को संदेश देंगे कि कैसे दो ताक़तें एक साथ आई हैं।

खास मुद्दों पर होगी बात

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से शुक्रवार को चीनी राष्ट्रपति चेन्नै के निकट महाबलीपुरम में दूसरी अनौपचारिक समिट के लिए मिलेंगे। बता दें, चीन के राष्ट्रपति शी चिनफिंग दो दिवसीय दौरे के लिए भारत आ रहे हैं और निवेश, रक्षा, सुरक्षा और सीमा पर बातचीत करेंगे। वहीं, इन सबके बीच पूर्वी चीन में पुल ढहने की वजह से 3 लोगों की मौत हो गई है। हालांकि, अभी इस मामले में ज्यादा जानकारी हासिल नहीं हुई है लेकिन मृतकों की संख्या अभी बढ़ सकती है।

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