सावधान, डॉक्टर के परामर्श पर रोज करते हैं सेब का सेवन तो पढ़ें ये जरूरी खबर

सेब को लेकर लोगों को अब अपनी धारणा बदलनी पड़ेगी अन्यथा कैंसर, लीवर और फेफड़ों से संबंधित भयानक रोग अपनी गिरफ्त में लेने के लिए तैयार खड़े हैं। सेब पर सेब विक्रेता मोम की महीन परत चढ़ा रहे हैं।

लखनऊ: हर रोज एक सेब खाने से डॉक्टर के पास नहीं जाना पड़ता है। बचपन से ही हम सभी ये बात सुनते आ रहे हैं पर क्या आप इस बात पर यकीन करते हैं? फैसला आपके ऊपर है लेकिन आज हम आपको इससे जुड़ी जो बात बताने जा रहे है उसके बारे में जानकार आप सेब खाने से पहले एक बार सोचेंगे जरुर।

दरअसल एक जानकारी के मुताबिक फल विक्रेता मुनाफा कमाने के चक्कर में सेब और दूसरों फलों को चमकदार बनाने के लिए उनके उपर खास तरह के रसायनों का प्रयोग कर रहे है। जो हमारी सेहत को काफी नुकसान पहुंचा रहा है। इसके सेवन से लीवर और किडनी के कैंसर का खतरा बढ़ रहा है।

अब आप सोच रहे होंगे कि ये सब बातें तो सभी को पता है फिर आज इस बात को बताने की जरूरत क्यों पड़ी तो जान लीजिये कि इसकी चर्चा तब फिर शुरू हो गई जब केंद्रीय खाद्य और उपभोक्ता मामलों के मंत्री रामविलास पासवान ने बाजार से जो सेब मंगवाए थे।

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उन पर केमिकल वाले वैक्स की मोटी परत चढ़ी मिली। मंत्री जी जब इसके शिकार हुए तो दिल्ली के मशहूर और बेहद पॉश खान मार्केट में फल विक्रेता पर गाज गिरना ही था।

यह घटना हुई केंद्रीय खाद्य और उपभोक्ता मामलों के मंत्री राम विलास पासवान के साथ जिन्होंने रविवार को सलाद खाने की इच्छा जताई और अपने स्टाफ से रशियन सलाद की व्यवस्था करने को कहा। मंत्री के आदेश के बाद स्टाफ रशियन सलाद बनाने के लिए जरूरी सामान और फल लाने के लिए बाजार चला गया।

फल में मिला वैक्स

बाजार से सामान और फल आने के बाद स्टाफ ने रशियन सलाद बनाने की प्रक्रिया शुरू की। इस बीच केंद्रीय मंत्री राम विलास पासवान ने एक-एक करके सभी फलों को ठीक से धोने की हिदायत भी दे दी।

मंत्री की हिदायत के बाद स्टाफ ने बारीकी से फल धोना शुरू किया, लेकिन जब सेब को धोने की कोशिश की गई तो वह ठीक से धुल नहीं पा रहा था। पानी से धोने पर सेब हाथ से फिसल रहा था।

इसके बाद स्टाफ ने सेब को चाकू से खुरचा तो उस पर वैक्स (wax) लगा हुआ मिला। असल में दुकानदार ने फल में बाहरी चमक लाने के लिए उस पर वैक्स लगा रखा था।

फलों और सब्जियों पर कृत्रिम रंग और केमिकल के जरिए चमकीला बनाकर बाजार में ऊंचे दाम पर बेचा जाता है। फल विक्रेता अक्सर हानिकारक केमिकल और वैक्स का प्रयोग फलों की बाहरी चमक बढ़ाने के लिए करते हैं जिसके झांसे में आम लोग आ जाते हैं।

 

मंत्री की शिकायत पर विभाग ने मारा छापा

राम विलास पासवान ने जब फल ठीक से नहीं धुलने की वजह अपने स्टाफ से पूछा तो उसने बताया कि खान मार्केट के एक नामी फल की दुकान से सेब खरीद कर लाया है। मंत्री ने जब सेब की कीमत पूछा तो कीमत जानकर वह चौंक गए। स्टाफ ने उन्हें बताया कि सेब 420 रुपये किलो के हिसाब से खरीदा है।

इसके बाद केंद्रीय मंत्री ने अपने अधिकारियों को फोन करके इस मामले की जानकारी दी। खास बात यह है कि इस तरह की मिलावट को रोकने की जिम्मेदारी खुद पासवान के ही मंत्रालय की है।

पासवान के फोन के बाद तुरंत विभाग हरकत में आया। उपभोक्ता मंत्रालय की टीम ने खान मार्केट की उस फल की दुकान पर छापा मारा जहां से फल खरीदा गया था। इस टीम में उनके वाट-माप विभाग के अधिकारी भी शामिल थे। छापे में अधिकारियों को सभी फलों पर वैक्स और केमिकल लगा हुआ पाया।

छापे के बाद नियमों को उल्लंघन करने पर फल विक्रेता का चालान भी काट दिया गया। हालांकि दुकानदार का कहना है कि उसने अमेरिकन सेब आजादपुर मंडी से लिया था। शिकायत आने के बाद उसने तुरंत दुकान से फल हटा दिया था।

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जानिए क्यों सेहत के लिए खतरनाक है चमकदार सेब

सेब को लेकर लोगों को अब अपनी धारणा बदलनी पड़ेगी अन्यथा कैंसर, लीवर और फेफड़ों से संबंधित भयानक रोग अपनी गिरफ्त में लेने के लिए तैयार खड़े हैं। सेब पर सेब विक्रेता मोम की महीन परत चढ़ा रहे हैं।

यह परत इसलिए चढ़ाई जा रही है ताकि सेब का रंग और ज्यादा चमकने लगे और ग्राहक सेब को दूर से देखकर ही इसकी तरफ लालायित हो उठे। वास्तव में दुकानदारों की यह तरकीब काम भी कर रही है।

ग्राहक दूर से देखकर ही दुकानदार के पास पहुंच जाते हैं और दुकानदार से मुंहमांगे दामों पर सेब को खरीद रहे हैं। इसमें बेशक दुकानदार की चांदी कट रही है, लेकिन ग्राहकों और उनके परिजन की जान पर इससे संकट मंडरा रहा है।

ठंडे या सादे पानी से कितना भी धोने पर भी सेब पर चढ़ी मोम की परत नहीं हटती और लोग जागरूकता के अभाव में इसे गर्म पानी से धोते नहीं है। इसके चलते सेब के साथ साथ मोम की परत भी शरीर के अंदर पहुंच जाती है और शरीर में भी यह अघुलनशील होने की प्रवत्ति के कारण यह शरीर में भी नहीं घुलता है और लीवर, फेफड़ों और रक्त में पहुंचकर लोगों को भयानक रोगों का शिकार बना रहा है।

पिछले काफी समय से सेब पर मोम की परत चढ़ाकर बेची जा रही है और बेहद कम लोगों को इसकी जानकारी है। मोम शरीर में जाकर मूत्राशय का कैंसर, बड़ी आंत का कैंसर, गुर्दे की पथरी, अपच और अनेक भयानक बीमारियों का कारण बन रहा है। सेब को खाने से पहले इसे तेज गर्म पानी से धो लें और चमकीले सेब को खरीदने से परहेज करें।

फल खराब होने से बचाने के लिए लगाते हैं वैक्स

फूड सेफ्टी ऐंड स्टैंडर्ड अथॉरिटी ऑफ इंडिया के डीओ पृथ्वी सिंह ने इस बारे में बताया कि वेजिटेबल वैक्स का फल सब्जियों पर प्रयोग किया जा सकता है।

नियम के अनुसार नैचरल वैक्स व वेजिटेबल वैक्स का इस्तेमाल किया जा सकता है, लेकिन ज्यादातर दुकानदार केमिकल वैक्स का इस्तेमाल करते है, जो हमारी सेहत के लिए बेहद हानिकारक है।

फल विक्रेताओं की मानें तो फलों को खराब होने से बचाने के लिए उस पर वैक्स कोटिंग का इस्तेमाल किया जाता है।

गर्म पानी से धोकर ही खाएं फल

चिकित्सा विशेषज्ञों के मुताबिक  फल और सब्जियों पर लगा वैक्स शरीर के लिए नुकसानदेह होता है जिससे पेट से जुड़ी बीमारियां, लिवर व किडनी कैंसर भी हो सकता है।

कई बार लोग वैक्स लगे फल व सब्जियों का सेवन कर लेते हैं, जिसके बाद वैक्स शरीर के अंदर जाकर कई अंगों में जम जाता है।

लिहाजा फल व सब्जी का प्रयोग करने से पहले उन्हें करीब 15 से 20 मिनट तक गर्म पानी में रखें और फिर अच्छे से धोकर ही उनका खाने में इस्तेमाल करना चाहिए।

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