पुलिस कस्टडी में शिक्षक की मौत के बाद मचा बवाल, परिजनों ने लगाए गंभीर आरोप

तिर्वा कोतवाली पुलिस की हिरासत में दलित शिक्षक का शव फांसी पर लटका मिला। आक्रोशित परिजनों ने मेडिकल कॉलेज के सामने व ठठिया रोड चौराहे पर जाम लगाकर पांच घंटे तक हंगामा किया। अब पुलिस हिरासत में शिक्षक की मौत को लेकर कई सवाल उठ खड़े हुए हैं।

कन्नौज: तिर्वा कोतवाली पुलिस की हिरासत में दलित शिक्षक का शव फांसी पर लटका मिला। आक्रोशित परिजनों ने मेडिकल कॉलेज के सामने व ठठिया रोड चौराहे पर जाम लगाकर पांच घंटे तक हंगामा किया। अब पुलिस हिरासत में शिक्षक की मौत को लेकर कई सवाल उठ खड़े हुए हैं। शौचालय में फंदा लगाने के लिए कपड़ा कैसे पहुंचा, इस पर लोग सवाल खड़े कर रहे हैं। शौचालय की ऊंचाई कम होने पर भी फांसी लगाने की बात लोगों को हजम नहीं हो रही है। मृतक के परिजनों ने पुलिस पर सवालिया निशान लगाते हुए हत्या का भी आरोप जड़ा है।

मृतक शिक्षक अनिल सिंह उर्फ पर्वत के साले प्रगति कुमार ने सीधा आरोप लगाया कि पुलिस ने उसके बहनोई की हत्या की है। मामले को छिपाने के लिए ही आत्महत्या व फांसी कर लेने की घटना को प्रचारित किया जा रहा हैं। उसका कहना है कि शौचालय में फांसी लगाने के लिए उसके पास न तो रस्सी थी और न ही गमछा या मफलर था। पुलिस अफसर सफाई करने वाले कपड़े से फांसी लगा लेने की बात कह रहे हैं। जो समझ से परे हैं। बताया कि इस मामले में सीधा पुलिस का हाथ है। इस पूरे मामले में लोग भी खुदकुशी की बात को हजम नहीं कर रहे हैं। लोगों का कहना है कि पुलिस हिरासत में रहने के दौरान आखिर कौन सी नौबत आई कि शिक्षक ने खुदकुशी कर ली। हालांकि पुलिस पूरे मामले की तफ्तीश की बात कह रही है। एसपी अमरेन्द्र प्रसाद सिंह ने बताया कि यह पूरा जांच का है। जांच के बाद ही पूरी तस्वीर साफ हो सकेगी। उन्होंने बताया कि सीओ सदर को पूरे मामले की जांच सौंपी गई है।

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साले से विवाद पर शिक्षक को लाया गया था कोतवाली-

शिक्षक के फांसी लगाकर जान देने के मामले में पुलिस अधीक्षक अमरेन्द्र प्रसाद ने मीडिया को बताया कि शिक्षक अनिल उर्फ पर्वत सिंह अपनी पत्नी नीरज को लेने सुक्खापुर्वा गांव आया था। यहां उसके साले प्रगति ने अपनी बहन को भेजने से मना कर दिया। उसका आरोप था कि अनिल उसकी बहन को ससुराल में प्रताड़ित करता है। इसपर जीजा व साले के बीच विवाद शुरू हो गया। मामला बढ़ने पर प्रगति ने डायल 112 को सूचना दी। सूचना पर पीआरवी वैन 1644 मौके पर पहुंची। शिक्षक व उसके साले को कोतवाली ले आई। शिक्षक को कोतवाली के कार्यालय में बिठा दिया गया। प्रगति ने इस मामले में शिक्षक अनिल के खिलाफ पुलिस को मारपीट की तहरीर दी। इसके बाद प्रगति वापस कोतवाली से चला गया। शुक्रवार की सुबह 5 बजे अनिल कोतवाली के शौचालय में गया। 15 मिनट के बाद वापस न लौटने पर जब पहरे पर मौजूद संतरी ने शौचालय जाकर देखा, तो शिक्षक फांसी के फंदे पर झूल रहा था। इसपर उसको उतारकर मेडिकल कॉलेज में लाया गया। यहां उसकी मौत हो गई।

क्या बोले तिर्वा कोतवाल?

कोतवाली प्रभारी टीपी वर्मा का इस मामले में कहना है कि पुलिस ने मामले में कोई लापरवाही नहीं बरती। साले की शिकायत पर शिक्षक को पीआरवी वैन कोतवाली ले आई थी। शिक्षक होने के कारण उसे हवालात में नहीं रखा गया। कोतवाली के कार्यालय में ही उसे बैठा लिया गया। सुबह 5 बजे गार्ड उसे शौचालय ले गया। काफी देर बाद जब वह वापस नहीं लौटा, तो पहरे पर मौजूद संतरी ने शौचालय के रोशनदान से देखा, तो वह फांसी पर लटक रहा था। इसपर धक्का देकर दरवाजे को खोलकर उसे नीचे उतारकर मेडिकल कॉलेज में भर्ती करा दिया। जहां उसकी मौत हो गई।

ससुरालीजनों व मायकेवालों के बीच हुई नोकझोंक-

शिक्षक की मौत के बाद सूचना पर मृतक अनिल के पिता श्रीराम सिंह व उनकी दो बहने, भाई समेत कई परिजन मेडिकल कॉलेज में पहुंचे। यहां मृतक की बहनों ने मायके वालों पर आरोप लगाना शुरू कर दिया कि उसके भाई के साथ भाभी की विदा करा देते, तो यह हादसा न होता। काफी देर तक दोनो पक्षों में बहस होती रही। दोनो पक्षों के बीच मनमुटाव का यह आलम था कि मोचरी में शिक्षक के शव के पास मायकेपक्ष व ससुराल पक्ष के लोग अलग-अलग बैठे दिखे।

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कई जनप्रतिनिधि पहुँचे मेडिकल कॉलेज-

शिक्षक की मौत की जानकारी मिलते ही कन्नौज के पूर्व ब्लाक प्रमुख नबाव सिंह यादव मेडिकल कॉलेज पहुंचे। उन्होने परिजनों से घटना की जानकारी ली। इसके अलावा उमर्दा के पूर्व ब्लाक प्रमुख इन्द्रेश यादव, नगर पंचायत तिर्वा के चेयरमैन प्रतिनिधि विनोद कुमार गुप्ता, प्रमुख व्यवसायी व समाजसेवी अजय चतुर्वेदी, पूर्व दर्जाप्राप्त राज्यमंत्री व भाजपा नेता अजय भारती, भाजपा नेता वीर सिंह भदौरिया, सपा नेता रामनरायन सिंह बघेल, मुनेश राठौर समेत कई दलों के जनप्रतिनिधि मेडिकल कॉलेज पहुंचे।

मासूम बच्चे भी पिता की मौत से सहमे-

अपने पिता की मौत से अनजान मृतक शिक्षक अनिल की 4 बर्षीय पुत्री बंशिका व दो बर्षीय पुत्र बंश अपनी मां नीरज की गोद में मेडिकल कॉलेज पहुंचे। यहां सभी को रोता-बिलखता देख दोनो सहम गए। इसपर दो बच्चियों ने उन्हे गोद में लेकर भीड़ से अलग किया।

कोतवाली में पड़ा रहा सन्नाटा-

शिक्षक की मौत के हादसे के बाद कोतवाली परिसर में सन्नाटा पसर गया। पूरे दिन पुलिस कर्मी इधर-उधर टहलते रहे। फरियादियों ने भी कोतवाली परिसर में आने की हिम्मत नहीं जुटाई। शाम को मामला शान्त होने के बाद कोतवाली में कई फरियादी पहुंचे।

पुलिस ने हंगामे की कराई वीडियोग्राफी-

शिक्षक की मौत के बाद मेडिकल कॉलेज के सामने व ठठिया रोड चौराहे पर आक्रोशित ग्रामीणों द्वारा लगाए गए जाम की वीडियोग्राफी पुलिस ने कराई। पुलिस के कैमरामैन दोनो स्थानों पर लगातार वीडियोग्राफी करते दिखे। इसके अलावा मेडिकल कॉलेज की इमरजेंसी वार्ड में भी कई ग्रामीण व महिलाएं जब पुलिस से उलझी, तो उसकी भी वीडियोग्राफी की गई।

ईएमओ कार्यालय में हुई धक्का-मुक्की-

प्रदर्शन के दौरान डीएम व एसपी मेडिकल कॉलेज के इमरजेंसी वार्ड में स्थिति ईएमओ कार्यालय में बैठकर घटना की जानकारी ले रहे थे। इसी दौरान भीड़ में किसी ने उकसा दिया। इसपर कई ग्रामीणों की भीड़ व महिलाएं ईएमओ कार्यालय पहंुच गई। यहां गेट पर अपर पुलिस अधीक्षक विनोद कुमार व ठठिया थानाध्यक्ष विजय बहादुर वर्मा मौजूद थे। भीड़ डीएम व एसपी से मिलना चाहती थी। इन अफसरों ने रोका, तो भीड़ उत्तेजित हो गई। यहां काफी देर तक धक्का मुक्की चली।

औरेया व फर्रुखाबाद की पुलिस पहुंची, ग्रामीणों ने अफसरों की गाड़ियां घेरीं-

मामले की सूचना क्षेत्र में फैलते ही मेडिकल कॉलेज में भारी जमावड़ा लगना शुरू हो गया। उत्तेजित ग्रामीणों की भीड़ ने मेडिकल कॉलेज के सामने तिर्वा-कन्नौज मार्ग पर जाम लगा दिया। करीब आधा सैकड़ा ग्रामीण ठठिया रोड पर पहुंचे। यहां भी जाम लगाकर तिर्वा ठठिया मार्ग व तिर्वा-गुरसहायगंज मार्ग को जाम कर दिया। इसी दौरान सूचना पाकर एडीएम गजेन्द्र सिंह व एएसपी विनोद कुमार मेडिकल कॉलेज पहंुचे, तो उत्तेजित ग्रामीणों ने इनकी गाड़ियां घेर ली। ग्रामीणों का हंगामा देख एएसपी ने जिले के सभी थानों की पुलिस को मेडिकल कॉलेज पहंुचने का निर्देश दिया। उधर फर्रुखाबाद और औरेया की पुलिस को भी मौके पर बुलाया गया।

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