CWC में सोनिया का मोदी सरकार पर हमला, कहा- धर्म के आधार पर बांटता है CAA

कांग्रेस कार्य समिति (सीडब्ल्यूसी) की कांग्रेस मुख्यालय में शनिवार को बैठक हुई। इस बैठक में कांग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी और पार्टी महासचिव प्रियंका गांधी भी इस बैठक में शामिल हुईं।

नई दिल्ली: कांग्रेस कार्य समिति (सीडब्ल्यूसी) की कांग्रेस मुख्यालय में शनिवार को बैठक हुई। इस बैठक में कांग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी और पार्टी महासचिव प्रियंका गांधी भी इस बैठक में शामिल हुईं। इसके अलावा बैठक में मनमोहन सिंह, ज्योतिरादित्य सिंधिया, मल्लिकार्जुन खड़गे, वरिष्ठ नेता अहमद पटेल, पी. चिदंबरम और गुलाम नबी आजाद समेत कई वरिष्ठ नेताओं हिस्सा लिया। हालांकि इस बैठक में पार्टी के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी शामिल नहीं हुए।

बैठक में सोनिया गांधी ने कहा की नए साल की शुरुआत संघर्षों, अधिनायकवाद, आर्थिक समस्याओं और अपराध से हुई। उन्होंने सीएए को भेदभावपूर्ण और विभाजनकारी कानून करार दिया और दावा किया कि इसका मकसद भारत के लोगों को धार्मिक आधार पर बांटना है।

सोनिया गांधी ने संशोधित नागरिकता कानून (सीएए) के खिलाफ प्रदर्शनों और अर्थव्यवस्था की स्थिति को लेकर सरकार पर हमला करते हुए कहा कि जेएनयू और अन्य जगहों पर युवाओं एवं छात्रों पर हमले की घटनाओं के लिए उच्च स्तरीय आयोग के गठन किया जाना चाहिए।

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सोनिया ने कहा कि जेएनयू, जामिया मिल्लिया इस्लामिया और कुछ अन्य जगहों पर युवाओं और छात्रों पर हमले की घटनाओं की जांच के लिए विशेषाधिकार आयोग का गठन किया जाए। इस बैठक में देश में बढ़ते तनाव, गंभीर आर्थिक स्थिति और अन्य मुद्दों पर चर्चा हुई। कांग्रेस कार्यसमिति में नागरिकता संशोधन अधिनियम (सीएए) में चर्चा और आगे की रणनीति पर चर्चा हुई।

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सोनिया ने कहा कि जेएनयू, जामिया मिल्लिया इस्लामिया और कुछ अन्य जगहों पर युवाओं और छात्रों पर हमले की घटनाओं की जांच के लिए विशेषाधिकार आयोग का गठन हो। उन्होंने खाड़ी क्षेत्र के घटनाक्रम को लेकर भी चिंता प्रकट की।

ये प्रस्ताव हुए पास

कांग्रेस वर्किंग कमिटी की बैठक में चार प्रस्ताव भी पास हुए हैं। प्रस्ताव में कहा गया है कि सरकार और पीएम मोदी ने युवाओं के विश्वास को तोड़ा है। उन्होंने छात्रों और युवाओं की आवाज को दबाने के लिए क्रूरता का इस्तेमाल किया।

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प्रस्ताव में यह भी कहा गया है कि स्वतंत्र और रचनात्मक सोच वाले संस्थाओं पर हमले के लिए साजिश रची गई। कांग्रेस कार्य समिति ने जम्मू-कश्मीर में पाबंदियां हटाने और नागरिक स्वतंत्रताएं बहाल करने की अपील की।