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दिल्ली-बिहार विधानसभा चुनाव: केजरीवाल और नीतीश को इस साल देनी होगी अग्निपरीक्षा

भारतीय राजनीति के लिए साल 2020 अहम है। इस साल दो बड़े राज्यों में विधानसभा चुनाव होने हैं। दोनों ही राज्य देश की सियासत और केंद्र की सत्ता तक काबिज रहने के लिए भी बेहद अहम हैं।

Shivani Awasthi

Shivani AwasthiBy Shivani Awasthi

Published on 1 Jan 2020 7:41 AM GMT

दिल्ली-बिहार विधानसभा चुनाव: केजरीवाल और नीतीश को इस साल देनी होगी अग्निपरीक्षा
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Delhi Bihar Assembly Election challenge for Nitish and Arvind
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दिल्ली: भारतीय राजनीति के लिए साल 2020 अहम है। इस साल दो बड़े राज्यों में विधानसभा चुनाव (Assembly Election) होने हैं। दोनों ही राज्य देश की सियासत और केंद्र की सत्ता तक काबिज रहने के लिए भी बेहद अहम हैं। ऐसे में इन दोनों राज्यों के विधानसभा चुनाव के नतीजों पर सबकी नजर बनी हुई हुई। वहीं राजनीतिक दलों ने भी तैयारियां शुरू कर दी है। बता दें कि इस साल दिल्ली और बिहार (Delhi Bihar) में विधानसभा चुनाव होने हैं। इसी के साथ अरविंद केजरीवाल और नीतीश कुमार (Nitish and Arvind) के लिए यह साल अग्निपरीक्षा का है।

दिल्ली और बिहार में इस साल होने है विधानसभा चुनाव:

साल 2020 में देश के दो बड़े राज्यों में विधानसभा चुनाव होने हैं। दोनों ही राष्ट्र भारत की राजनीति में बेहद अहम है। देश की राजधानी दिल्ली और बिहार में विधानसभा चुनाव होने है।

गौरतलब है कि दिल्ली-बिहार विधानसभा चुनाव के नतीजे आगामी लोकसभा चुनाव में बहुत कुछ तय करेंगे। वहीं दोनों राज्यों के चुनाव नतीजे भाजपा के लिए भी अहम है।

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नीतीश कुमार के लिए कुर्सी बचाना बड़ी चुनौती

बिहार में नीतीश कुमार के नेतृत्व वाली जेडीयू और भाजपा के गठबन्धन की सरकार है। इस साल होने वाले बिहार विधासभा चुनाव में नीतीश कुमार के लिए अपनी कुर्सी को बचाना बड़ी चुनौती होगी। जानकारी के मुताबिक, जेडीयू और भाजपा इस बार मिल कर चुनाव लड़ेंगे, वहीं राम विलास पासवान की एलजेपी का भी साथ मिलेगा। हालाँकि अब तक सीटों के बंटवारे को लेकर एकमत नहीं हुए हैं। दूसरी तरफ आरजेडी अन्य विपक्षी दलों के साथ सत्ता में वापसी की तैयारी में जुट गयी है।

अरविन्द केजरीवाल के लिए राह नहीं आसान

आम आदमी पार्टी साल 2015 में 70 विधानसभा सीटों में से 67 सीटें जीत कर दिल्ली की सत्ता पर काबिज हुई थी। आप नेता अरविन्द केजरीवाल को सीएम पद की कुर्सी मिले। हालाँकि इस साल होने वाले विधानसभा चुनाव में आप की राह आसान नहीं है। वहीं भाजपा के लिए दिल्ली की सत्ता हासिल करना बेहद अहम हो गया है।

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दो बार से केन्द्र सरकार में आने वाली भाजपा दिल्ली में 20 सालों से काबिज नहीं हो सकी है। ऐसे में भाजपा के लिए भी बड़ी चुनौती दिल्ली में सरकार बनाना है।

दिल्ली-बिहार की सत्ता में विपक्षी वापसी की तैयारी में:

बिहार में जेडीयू-भाजपा-एलजेपी के गठबधंन के खिलाफ लालू की आरजेडी, कांग्रेस को अन्य कई विपक्षी दलों का साथ मिल रहा है। ऐसे में विपक्षी दलों में सरकार बनाने की आस बढ़ गयी है। वहीं दिल्ली की सत्ता में आने के लिए आम आदमी पार्टी के खिलाफ भाजपा और कांग्रेस दोनों ही अपनी अपनी जोर आजमाइश में लग गयी है। दिल्ली में सरकार बनाने के लिए भाजपा और कांग्रेस की तैयारी भी जोरदार है।

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Shivani Awasthi

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