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कभी पी चिदंबरम ने किया था CBI हेडक्वार्टर का उद्घाटन, आज वहीं बने आरोपी

इंद्राणी मुखर्जी ने सीबीआई मार्च 2018 में अपना एक बयान दिया था, जिसमें मुखर्जी ने कहा था कि कार्ति चिदंबरम और उनके बीच INX मीडिया को FIPB से मंजूरी दिलाने के लिए 10 लाख अमेरिकी डॉलर की रकम तय हुई थी।

Manali Rastogi

Manali RastogiBy Manali Rastogi

Published on 22 Aug 2019 4:28 AM GMT

कभी पी चिदंबरम ने किया था CBI हेडक्वार्टर का उद्घाटन, आज वहीं बने आरोपी
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कभी पी चिदंबरम ने किया था CBI हेडक्वार्टर का उद्घाटन, आज वहीं बने आरोपी
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नई दिल्ली: कभी पूर्व गृह मंत्री और पूर्व वित्त मंत्री पी चिदंबरम के इशारों पर काम करने वाली एजेंसी सीबीआई बुधवार को उनही को गिरफ्तार कर ले गई। ऐसे में चिदंबरम पर यह कहावत बिल्कुल सही बैठती है कि आप कल जिसके साथ जैसा करोगे, आपको आगे वैसा ही फल मिलेगा। कहा जाता है जैसी करनी, वैसी भरनी। इसका उदाहरण खुद सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ वकील पी चिदंबरम हैं।

यह भी पढ़ें: ड्रामे के बाद पूर्व वित्त मंत्री पी चिदंबरम गिरफ्तार, कोर्ट में पेश करेगी सीबीआई

यही नहीं, गृह मंत्री रहते हुए पी चिदंबरम ने जिस सीबीआई दफ्तर का उद्घाटन कुछ साल पहले किया था, सीबीआई उन्हें उसी दफ्तर में आरोपी बनाकर लायी है। यहां उनको बंद किया गया है। यूपीए सरकार के दूसरे कार्यकाल के दौरान 30 जून 2011 को चिदंबरम ने सीबीआई दफ्तर का उद्घाटन था।

आठ साल पी चिदंबरम ने किया था उद्घाटन

उस दौरान तत्कालीन प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने बतौर मुख्य अतिथि उद्घाटन समारोह में शिरकत भी की थी। 2011 से आज 2019 हो गया। आठ साल बीतने के बाद चिदंबरम ने देश के गृह मंत्री होने से लेकर एक आरोपी तक सफर तय किया, वो भी उसी दफ्तर में जिसका उद्घाटन उनके द्वारा ही किया गया। मालूम हो, पी चिदंबरम को बुधवार रात 10 बजकर 16 मिनट पर गिरफ्तार किया गया। इसी दफ्तर के लॉकअप में उन्हें रात बितानी पड़ी और अफसरों के सवालों का जवाब दिया।

क्या है INX मीडिया केस?

INX मीडिया केस साल 2007 का मामला है। मनी लॉन्ड्रिंग का यह INX मीडिया कंपनी से जुड़ा हुआ है। इसकी डायरेक्टर शीना बोरा हत्याकांड की आरोपी इंद्राणी मुखर्जी और उनके पति पीटर मुखर्जी थे। ये दोनों ही इस मामले में आरोपी भी हैं।

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आरोपों की बात करें तो उस वक़्त वित्त मंत्री पी। चिदंबरम थे। चिदंबरम ने INX मीडिया हाउस को वित्त मंत्री रहते हुए रिश्वत लेकर विदेशी निवेश संवर्धन बोर्ड (FIPB) से 305 करोड़ रु। का फंड लेने के लिए मंजूरी दिलाई थी।

15 मई 2017 को दर्ज हुआ मामला

जिन कंपनियों को इससे फायदा हुआ था, उन कंपनियों को पी चिदंबरम के बेटे कार्ति चिदंबरम चलाते हैं। 15 मई 2017 को सीबीआई ने इस मामले में मामला दर्ज किया था। इसके बाद साल 2018 में मनी लॉन्ड्रिंग का मामला भी दर्ज हुआ।

एयरसेल-मैक्सिस डील में भी आरोपी हैं चिदंबरम

यही नहीं, चिदंबरम एयरसेल-मैक्सिस डील में भी आरोपी हैं। कार्ति पर यह भी आरोप है कि उन्होंने इंद्राणी की कंपनी के खिलाफ टैक्स का एक मामला खत्म कराने के लिए अपने पिता के रुतबे का इस्तेमाल किया।

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इंद्राणी मुखर्जी ने सीबीआई मार्च 2018 में अपना एक बयान दिया था, जिसमें मुखर्जी ने कहा था कि कार्ति चिदंबरम और उनके बीच INX मीडिया को FIPB से मंजूरी दिलाने के लिए 10 लाख अमेरिकी डॉलर की रकम तय हुई थी। जब मुखर्जी ने यह बयान दिया, तब दिल्ली हाईकोर्ट ने यह सहमति दे दी कि इंद्राणी मुखर्जी को इस मामले में मुख्य गवाह बनाया जा सकता है।

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