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मुश्किल में केंद्र: CAA के खिलाफ राज्य सरकारों ने उठाया ये बड़ा कदम

Shivani Awasthi

Shivani AwasthiBy Shivani Awasthi

Published on 17 Jan 2020 11:07 AM GMT

मुश्किल में केंद्र: CAA के खिलाफ राज्य सरकारों ने उठाया ये बड़ा कदम
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चंडीगढ़: भारत में नागरिकता संशोधन कानून लागू होने के बाद केंद्र सरकार के इस फैसले के खिलाफ कई राज्य सरकारों ने हल्लाबोल दिया है। नागरिकता कानून न लागू करने को लेकर प्रदेश सरकारें अब संसद में इसके खिलाफ प्रस्ताव पेश कर रही हैं। इसी कड़ी में पहले केरल सरकार और अब पंजाब सरकार ने विधानसभा के विशेष सत्र में सीएए का प्रस्ताव पास किया है। प्रस्ताव पर विधान सभा में बहस जारी है, जिसका आम आदमी पार्टी ने समर्थन में किया है।

पंजाब की कैप्टेन सरकार ने पेश किया सीएए के खिलाफ प्रस्ताव:

पंजाब विधानसभा के विशेष सत्र में शुक्रवार को नागरिकता संसोधन कानून (CAA) के खिलाफ एक प्रस्ताव पास किया गया है, जिसे कैप्टन सरकार ने पेश किया था। इस प्रस्ताव पर विधानसभा में बहस जारी है। वहीं पंजाब सरकार के इस प्रस्ताव को आम आदमी पार्टी ने समर्थन दिया है। हालाँकि भाजपा समेत अकाली दल ने इसका विरोध किया।

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बता दें कि पंजाब की अमरिंदर सिंह सरकार ने एलान किया था कि उनकी सरकार नागरिकता संशोधन कानून (सीएए), राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (NRC) और राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर (NPR) के संबंध में सदन की इच्छा से आगे बढ़ेगी। क्योंकि इससे राष्ट्र के धर्मनिरपेक्ष ताने-बाने के छिन्न-भिन्न होने का खतरा बढ़ गया है।

केरल विधानसभा में भी पास हुआ था प्रस्ताव:

गौरतलब है कि इससे पहले केरल ने भी विधानसभा में सीएए के खिलाफ प्रस्ताव पास किया था। सीएए के विरोध में प्रस्ताव पेश करते हुए मुख्यमंत्री पिनराई विजयन ने कहा कि सीएए धर्मनिरपेक्ष नजरिए और देश के ताने बाने के खिलाफ है। उन्होंने कहा कि सीएए के तहत नागरिकता देने में धर्म के आधार पर भेदभाव होगा।

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सीएम ममता बनर्जी कर रही विरोध

बता दें कि बंगाल में ममता बनर्जी की सरकार भी सीएए का पुरजोर विरोध कर रही हैं। इसके लिए वह कई बार सड़कों पर उतर कर प्रदर्शन कर चुकी हैं। वहीं अन्य कई राज्यों की सरकार इसका विरोध कर रही है। इसके अलावा कांग्रेस ने हाल ही में सीएए के विरोध में विपक्षी दलों की बैठक बुलाई थी। जिसमें 14 दलों ने उपस्थिति दर्ज करवा कर सीएए का विरोध किया था।

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