यहां दबंगों ने रोक दी अनुसूचित जाति के दूल्हे की बारात, मचा बवाल, केस दर्ज

हरियाणा के फरीदाबाद जिले में अनुसूचित जाति के लोगों ने सवर्णों (राजपूत समुदाय) पर बारात का रास्ता रोकने का आरोप लगाया है। मामले के तूल पकड़ने के बाद राजपूतों ने आगे आकर बारात रोकने की वजह बताई है।

फरीदाबाद: हरियाणा के फरीदाबाद जिले में अनुसूचित जाति के लोगों ने सवर्णों (राजपूत समुदाय) पर बारात का रास्ता रोकने का आरोप लगाया है। मामले के तूल पकड़ने के बाद राजपूतों ने आगे आकर बारात रोकने की वजह बताई है।

उनका कहना है कि तीन बुजुर्गों के दिल का ऑपरेशन हुआ था। हमने सिर्फ तीव्र संगीत कम करने का आग्रह किया था। इतनी सी बात पर अनुसूचित जाति के लोगों ने पुलिस को शिकायत दे दी। पुलिस ने शिकायत पर राजपूत युवकों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है। इसके बाद से पूरे इलाके में फ़ोर्स तैनात कर दी गई है।

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ये है पूरा मामला

फरीदाबाद के भूपानी थाना क्षेत्र के महावतपुर गांव में शनिवार रात को दबंगों द्वारा ट्रैक्टर लगा कर बारात का रास्ता रोकने के मामले ने तूल पकड़ लिया है। अनुसूचित जाति के लोग एकजुट होकर रविवार सुबह भूपानी थाना पहुंच गए।

यहां गांव के दबंगों के खिलाफ शिकायत देकर कार्रवाई की मांग करने लगे। लोगों का कहना था कि अपने मोहल्ले से दबंग किसी भी अनुसूचित जाति के लोगों की बरात नहीं निकलने देते हैं। तीन दिन पहले भी गांव में एक युवक की घुड़चढ़ी पर दबंगों ने पथराव कर दिया था।

शनिवार रात हुई इसी प्रकार की दूसरी घटना के बाद लोगों के सब्र का प्याला फूट गया। रात तो उन्होंने शादी की सभी रस्मों को शांतिपूर्वक पूरा किया, मगर रविवार सुबह से ही मामला तूल पकड़ने लगा था।

सुबह से ही भूपानी थाने पर लोगों का जमावड़ा शुरू हो गया था। मामले की जानकारी मिलते ही महावतपुर के अलावा अन्य गांव और शहरी क्षेत्र से भी अनुसूचित जाति के लोग थाने पहुंचे और नारेबाजी शुरू कर दी।

लोगों ने धरना जारी रखने की दी चेतावनी

लोगों का कहना था कि जब तक पुलिस आरोपियों को गिरफ्तार नहीं करेगी, नारेबाजी और धरना जारी रहेगा। भूपानी थाना प्रभारी कुलदीप सिंह ने लोगों को समझाबुझा कर शांत कराया। कुछ संभ्रांत लोगों की मदद से मामले को निपटाने का प्रयास किया। लोगों ने मौके पर ही पंचायत शुरू कर दी।

थाने के बाहर लोगों के एकत्रित होने व पंचायत की सूचना मिलते ही पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों के हाथ-पांव फूल गए। पुलिस आयुक्त केके राव के निर्देश पर एसीपी सेंट्रल मोहिंदर सिंह मौके पर पहुंच गए।

धरने पर बैठे लोगों ने एसीपी को बताया कि 28 नवंबर को अर्जुन पुत्र सुरेंद्र की घुड़चढ़ी के दौरान भी दबंगों ने पथराव किया था। उस समय भी मामले को गांव के प्रबुद्ध लोगों ने समझाबुझा कर शांत करा दिया।

शनिवार रात बारात को रास्ते से लौटाने पर अनुसूचित जाति के लोगों का धैर्य जवाब दे गया। उन्होंने इसकी लिखित शिकायत कर दबंगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग करने लगे। पुलिस ने आरोपी संदीप, सोनू, अंकित व दो अज्ञात के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है।

 

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पीड़ित पक्ष बोला, झगड़ा डीजे का था

पीड़ित पक्ष के महिपाल सिंह चौहान ने बताया कि उनका गांव में किसी से कोई विवाद नहीं है। उन्होंने तो खुद गांव की बेटी की शादी के लिए अपने ही प्लाट में टेंट लगाने की जगह दी थी।

महिपाल ने कहा कि दरअसल पूरा मामला तेज आवाज डीजे का था। बरात में चढ़त के दौरान तेज आवाज में डीजे बजाया जा रहा था। मोहल्ले में कुछ लोग काफी बीमार हैं। उनके परिवार का भी एक सदस्य बीमार है। ऐसे में बरातियों से डीजे की आवाज धीमी करने को कहा गया था, मगर वह नहीं माने।

इसके विपरीत बरातियों ने डीजे की आवाज और तेज कर दी। इसी कारण मोहल्ले के ही कुछ युवकों ने सड़क पर ट्रैक्टर खड़ा करके बरात का रास्ता रोका था। हालांकि गांव के ही बुजुर्गों के समझाने पर बाद में रास्ते से ट्रैक्टर हटा लिया गया था।

एसीपी बोले, जारी है समझौते का प्रयास

एसीपी ने बताया कि लोगों के नाराजगी को देखते हुए लिखित शिकायत लेकर मामला दर्ज कर लिया है। दोनों पक्ष के लोग एक ही गांव के रहने वाले हैं। इस तरह के कार्रवाई से गांव में शांति व्यवस्था भंग हो सकती है। दोनों पक्षों के लोगों से बातचीत कर मामले में समझौता कराने का प्रयास किया जा रहा है।

जाति सूचक शब्द का प्रयोग करने का आरोप

अनुसूचित जाति के लोगों ने आरोप लगाया है कि बरात को घर तक जाने देने की गुहार लगाने पर दबंगों ने जातिसूचक शब्दों का भी प्रयोग किया है। इससे अनुसूचित जाति के लोग नाराज हैं।

बारात आने से पहले की गई थी सरपंच से शिकायत

पीड़ित पक्ष के लोगों ने आरोप लगाया है कि 28 नवंबर की घटना को देखते हुए शनिवार को आने वाले बारात के साथ भी दुर्व्यवहार की आशंका जताते हुए शिकायत गांव के सरपंच पति से की थी। सरपंच के पति ने उन्हें बारात के साथ किसी प्रकार की अनुचित घटना न होने देने का भरोसा दिया था।

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