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वंदे भारत विशेष उड़ानों पर प्रतिबंध के हैं खास मायने

एच1बी वीजा प्रतिबंधों के बाद अमेरिका द्वारा भारत की वंदे भारत विशेष उड़ानों पर प्रतिबंध लगाने के बाद अब भारत ने अनलॉक-2 में विदशी एयरलाइंस को शुरू करने का संकेत दिया है। वंदे भारत उड़ानों के तहत उड़ानों को भारत सरकार महामारी के दौरान अमेरिका में फंसे भारतीय नागरिकों को वापस लाने के लिए चला रही है। 

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sumanBy suman

Published on 27 Jun 2020 4:01 AM GMT

वंदे भारत विशेष उड़ानों पर प्रतिबंध के हैं खास मायने
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न्यूयॉर्क: एच1बी वीजा प्रतिबंधों के बाद अमेरिका द्वारा भारत की वंदे भारत विशेष उड़ानों पर प्रतिबंध लगाने के बाद अब भारत ने अनलॉक-2 में विदशी एयरलाइंस को शुरू करने का संकेत दिया है। वंदे भारत उड़ानों के तहत उड़ानों को भारत सरकार महामारी के दौरान अमेरिका में फंसे भारतीय नागरिकों को वापस लाने के लिए चला रही है। अमेरिका का कहना है कि ये उड़ानें एक अनुचित कार्य प्रणाली (अनफेयर ट्रेड प्रैक्टिस) के तहत चल रही थीं और इनसे दोनों देशों के बीच की विमानन संधि का उल्लंघन हो रहा था। अमेरिकी सरकार के परिवहन विभाग का आरोप है कि एयर इंडिया भारत के नागरिकों को वापस लाने के लिए विशेष उड़ानें भी चला रही है और आम यात्रियों को टिकट भी बेच रही है। विभाग का आरोप है कि इससे अमेरिकी विमानन कंपनियों का प्रतिस्पर्धात्मक नुकसान हो रहा है क्योंकि भारतीय नियामकों ने अमेरिकी कंपनियों को भारत के लिए उड़ानें चलाने से रोका हुआ है। वंदे भारत की उड़ानें एयर इंडिया ही चला रही है।

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टिकट बेच रही एयर इंडिया

अमेरिका के परिवहन विभाग का यह भी कहना है कि एयर इंडिया महामारी से पहले की स्थिति के लगभग आधे के बराबर उड़ानें चला रहा है और कंपनी नागरिकों को स्वदेश लौटा लाने वाली उड़ानों का इस्तेमाल दूसरे देशों के उड़ान संबंधी प्रतिबंधों से बचने के लिए कर रही है। विभाग ने निर्देश दिया है कि भारतीय विमानन कंपनियों को चार्टर उड़ानों को चलाने से पहले विभाग से अनुमति लेने के लिए आवेदन देना होगा ताकि विभाग और बारीकी से जांच कर सके। प्रत्येक उड़ान के लिए एक महीना पहले मंजूरी लेनी होगी। जब भारत अमेरिकी विमानन कंपनियों पर से प्रतिबंध हटा लेगा, तब अमेरिका का परिवहन विभाग भारत पर लगाए गए इन नए प्रतिबंधों पर पुनर्विचार करेगा। अमेरिका की डेल्टा एयरलाइंस ने एक महीना पहले भारत से उड़ान की स्वीकृति मांगी थी लेकिन अभी तक उसे मंजूरी नहीं मिली है। लेकिन एयर इंडिया भारतीयों की घर वापसी के लिए अपनी नॉर्मल फ्लाइट्स की 53 फीसदी उड़ानें ऑपरेट कर रही है। अमेरिका के परिवहन विभाग का कहना है कि भारत ने अमेरिका की एयरलाइंस के अधिकारों का हनन किया है। अमेरिका का इरादा चीनी एयर लाइंस पर भी ऐसा ही शिकंजा कसने का इरादा है।

वंदे भारत का तीसरा चरण

भारत 'वंदे भारत' मिशन के तहत महामारी के दौरान दूसरे देशों में फंसे भारतीय नागरिकों को वापस लाने के लिए विशेष उड़ानें चला रहा है। ये मिशन अपने तीसरे चरण में है और अभी तक 389 उड़ानों में दुनिया भर से करीबी एक लाख भारतीयों को वापस लाया गया है।

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लागू हुआ आदेश

अमेरिका का ये आदेश 22 जुलाई से लागू हो चुका है। अमेरिकी परिवहन विभाग ने इसके पहले चीन पर भी आरोप लगाया था कि वह अमेरिकी विमानन कंपनियों को अनुचित रूप से चीन के लिए उड़ानें चलाने की अनुमति नहीं दे रहा है। उसने चीन को भी यह कहा था कि वह कुछ चार्टर उड़ानों के लिए विभाग से पहले से अनुमति ले।

विशेष विमानों पर प्रतिबंध अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप द्वारा लागू किए गए वीजा प्रतिबंधों के तुरंत बाद आया है। ट्रंप ने इस साल के अंत तक अमेरिका में काम करने के लिए अनिवार्य एच-1-बी समेत सभी श्रेणी के वीजा को स्थगित कर दिया है।. प्रतिबंध सभी देशों के लिए हैं लेकिन इनका सबसे बड़ा असर भारत पर पड़ने की आशंका है क्योंकि अमेरिका हर साल जो 85,000 एच-1-बी वीजा देता है, उसमें से 70 प्रतिशत भारतीयों को मिलते हैं। ये प्रतिबंध उन विदेशी नागरिकों पर लागू नहीं होंगे जो पहले से वैध वीजा पर अमेरिका में हैं।

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