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बड़ा खुलासा: कोरोना इस लैब से आया, यहां मिली ख़ुफ़िया जानकारी

चीन भी इस बात को स्वीकार कर चुका है कि उसे भी नहीं पता की वायरस फैला कैसे। अब ब्रिटिश सरकार के ख़ुफ़िया सूत्रों ने इस विषय में कुछ जानकारी निकाली है।

Aradhya Tripathi

Aradhya TripathiBy Aradhya Tripathi

Published on 5 April 2020 11:05 AM GMT

बड़ा खुलासा: कोरोना इस लैब से आया, यहां मिली ख़ुफ़िया जानकारी
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पूरी दुनिया इस समय कोरोना वायरस जैसी महामारी से जूझ रही। दुनिया का हर देश इस फिराक में है कि कैसे इस जानलेवा वायरस से निजाद पाया जाए। लेकिन अभी तक कोई भी देश इस वायरस से निपटने का इंतेजाम नहीं कर पाया है। कई देश तो ये जानने में लगे हैं कि आखिर ये वायरस आया कैसे। क्योंकि ये तो सभी को पता है कि इस वायरस की शुरुआत चीन के वुहान शहर से हुई। लेकिन चीन भी इस बात को स्वीकार कर चुका है कि उसे भी नहीं पता की वायरस फैला कैसे। अब ब्रिटिश सरकार के ख़ुफ़िया सूत्रों ने इस विषय में कुछ जानकारी निकाली है।

जानवरों से इंसानों में फैला वायरस

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कोरोना वायरस को लेकर ब्रिटेन सरकार को खुफिया सूत्रों से जानकारी मिली है कि इस वायरस का संक्रमण पहले चीन के लैब से जानवरों में हुआ और उसके बाद वह इंसानों में फैला। रिपोर्ट में बताया गया कि चीन की वुहान लैब में इबोला, निपाह, सॉर्स और दूसरे घातक वायरसों पर रिसर्च कर रहे वैज्ञानिक अपने माइक्रोस्कोप में एक अजीब सा वायरस नोटिस कर रहे थे। दावा है कि मेडिकल हिस्ट्री में ऐसा वायरस पहले कभी नहीं देखा गया था। प्राप्त जानकारी के अनुसार इसके जेनेटिक सीक्वेंस को गौर से देखने पर पता चल रहा था कि ये चमगादड़ में पाए जाने वाले वायरस के करीबी हो सकते हैं।

लैब से वायरस पहुंचा इंसानों में

रिपोर्ट में बताया गया कि चौंकाने की बात तो ये है की इस वायरस में वैज्ञानिकों 2002-2003 में चीन में महामारी फैला देने वाले वायरस सार्स के लक्ष्ण नज़र आ रहे थे। सार्स वो वायरस है जिसने आज से करीब 17-18 साल पहले दुनिया में तबाही मचा दी थी। इस वायरस से पूरी दुनिया में 700 से ज़्यादा लोग मरे थे। उस वक्त भी ये बताया गया था कि सार्स छूने और संक्रमित व्यक्ति के छींकने या खांसने से फैलता है, लेकिन तब चीन इस वायरस को छुपा ले गया था।

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कोरोना वायरस में भी ये ही सारे लक्षण पाए जाते हैं। अब वैज्ञानिकों का यही कहना है कि कोरोना चीन के वुहान के पशु बाजार से इंसानों में फैला। लेकिन रिपोर्ट में जो बात सामने आई है उसे भी नकारा नहीं जा सकता है। वहीं दूसरी ओर ब्रिटेन की इमरजेंसी कमेटी कोबरा के सदस्य ने बताया कि हमें मिली सूचना से यह बात स्पष्ट है कि वायरस जानवरों से ही फैला है। और ये भी साफ़ है कि वायरस वुहान की लैब से ही इंसानों में फैलना शुरू हुआ है।

सबसे पहले लैब के कर्मचारियों को हुआ वायरस

एक खबर के अनुसार वुहान में चीन का सबसे एडवांस लैब है। जिसका नाम है इंस्टिट्यूट ऑफ वायरोलॉजी। खबर के मुताबिक यहां कई तरह की टेस्टिंग होती है। ख़ास बात तो ये है कि यह इंस्टिट्यूट जानवरों के बाजार से महज 10 मील दूर बना है। इसके अलावा वुहान सेटंर फॉर डिजिज कंट्रोल भी वुहान के पशु बाजार से करीब तीन मील दूर है।

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रिपोर्ट में सबसे चौंकाने वाली बात ये सामने आई है कि कोरोना का इन्फेक्शन सबसे पहले इस इंस्टिट्यूट के कर्मचारियों के खून में हुआ। जिसके बाद यहां से ये आसपास के स्थानीय आबादी में फ़ैल गया। और उन्हें संक्रमित करने लगा।

Aradhya Tripathi

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