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तेजी से फैल रहा ब्रेस्ट मिल्क का ऑनलाइन बाजार, पड़ रहा नवजात के हक पर डाका

ब्रेस्ट मिल्क की बिक्री हालांकि भारत में अभी कानूनी रूप से मान्य नहीं है और देश में खुलने वाले ब्रेस्ट मिल्क बैंक स्वस्थ महिला डोनर्स का दूध एकत्र करके जरूरतमंद उन माताओं तक पहुंचाने का काम कर रहे हैं जो किसी वजह से अपने बच्चे को अपना दूध पिलाने में असमर्थ हैं।

Ashiki Patel

Ashiki PatelBy Ashiki Patel

Published on 8 Feb 2021 4:22 PM GMT

तेजी से फैल रहा ब्रेस्ट मिल्क का ऑनलाइन बाजार, पड़ रहा नवजात के हक पर डाका
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रामकृष्ण वाजपेयी

लखनऊ: क्या आपको पता है कि अब महिलाओं का ब्रेस्ट मिल्क भी बैंकों के जरिये प्राप्त किया जा सकता है? ब्रेस्ट मिल्क की बिक्री हालांकि भारत में अभी कानूनी रूप से मान्य नहीं है और देश में खुलने वाले ब्रेस्ट मिल्क बैंक स्वस्थ महिला डोनर्स का दूध एकत्र करके जरूरतमंद उन माताओं तक पहुंचाने का काम कर रहे हैं जो किसी वजह से अपने बच्चे को अपना दूध पिलाने में असमर्थ हैं। लेकिन तेजी से पनप रहे ब्रेस्ट मिल्क के ऑनलाइन बाजार से इस दूध को वेट लिफ्टर्स और जिम बॉडी बनाने वाले खरीदकर पी जा रहे हैं। ऐसा क्या है मां के दूध में जिसके चलते नवजात शिशुओं की खुराक पर डाका पड़ रहा है।

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ऐसे बच्चों के लिए जरूरी होता है ब्रेस्ट मिल्क

महिलाओं का ब्रेस्ट मिल्क यानी मां का दूध ऐसे बच्चों के लिए सबसे ज्यादा फायदेमंद होता है जो निर्धारित समय से पहले ही इस दुनिया में आ जाते हैं। जिन्हें मेडिकल लैंग्वेज में प्रीमेच्योर बेबी कहा जाता है। जिन्हें इन्क्यूबेटर में रखना पड़ता है या फिर ऐसे नवजात जिनकी माताएं किसी बीमारी या अन्य कारण से अपने बच्चे को दूध पिलाने में असमर्थ होती हैं। ऐसे बच्चों के लिए अस्पतालों को और उन माताओं को मां का दूध उपलब्ध कराने के लिए ये ब्रेस्ट मिल्क बैंक खोले गए हैं। ऐसे बच्चों के लिए ब्रेस्ट मिल्क जरूरी होता है। ये दूध नवजातों को कई तरह के इंफेक्शन्स से भी बचाता है। बच्चों विकास उसके दिमाग, मांसपेशियों और हड्डियों पर सकारात्मक प्रभाव पड़ता है।

तेजी से उभर रहा है ऑनलाइन मार्केट

लेकिन मीडिया रिपोर्ट्स चौंकाने वाली हैं। तमाम खिलाड़ी जिमनास्ट और वेट लिफ्टर मसल्स बनाने के लिए ब्रेस्ट मिल्क खरीदकर पी जा रहे हैं। चिकित्सकों का कहना है कि ऐसा करके इन्हें एक कप ब्रेस्ट मिल्क में पर्याप्त मात्रा में वो सभी पोषक तत्व मिल जाते हैं जिनकी उन्हें जरूरत होती है। इसी वजह से ब्रेस्ट मिल्क बेचने के लिए ऑनलाइन मार्केट तेजी से उभर रहा है। जिन महिलाओं में जरूरत से ज्यादा दूध बनता है, वे ऑनलाइन अपना दूध वेट लिफ्टर्स को बेच रही हैं।

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एक कप ब्रेस्ट मिल्क में 2.5 ग्राम प्रोटीन, 10 ग्राम फैट, 16 ग्राम कार्ब मौजूद होता है जबकि एक कप गाय या सोयाबीन दूध में 8 ग्राम प्रोटीन पाया जाता है। भारत में लगभग ढाई दर्जन ब्रेस्ट मिल्क बैंक हैं। जो जरूरतमंद माताओं की मदद कर रहे हैं ये बैंक अस्पतालों के जरिये ब्रेस्ट मिल्क उपलब्ध करा रहे हैं। ये बैंक एक आउंस दूध दो सौ से तीन सौ रुपये में उपलब्ध करा रहे हैं। जिन महिलाओं को बहुत अधिक ब्रेस्ट मिल्क होता है वह इन बैंकों के माध्यम से आवश्यक जांच के उपरांत अपना दूध दान कर सकती हैं।

Ashiki Patel

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