Top

कोरोना से विमानन कंपनियों की टूटी कमर, 40 फ़ीसदी लोगों ने कह दी ऐसी बात

अंतर्राष्ट्रीय हवाई परिवहन संघ (आयटा) के एक सर्वे में इस बात का खुलासा हुआ है। इस सर्वे से पता चलता है कि सिर्फ 14 फ़ीसदी लोग ही ऐसे हैं जो उड़ानों पर प्रतिबंध हटने का इंतजार कर रहे हैं।

Shivani Awasthi

Shivani AwasthiBy Shivani Awasthi

Published on 23 April 2020 11:40 AM GMT

कोरोना से विमानन कंपनियों की टूटी कमर, 40 फ़ीसदी लोगों ने कह दी ऐसी बात
X
  • Facebook
  • Twitter
  • Whatsapp
  • Telegram
  • Linkedin
  • Print
  • Facebook
  • Twitter
  • Whatsapp
  • Telegram
  • Linkedin
  • Print
  • Facebook
  • Twitter
  • Whatsapp
  • Telegram
  • Linkedin
  • Print

अंशुमान तिवारी

नई दिल्ली। पूरी दुनिया में फैले कोरोना वायरस ने विमानन कंपनियों का बुरा हाल कर दिया है। इस वायरस के खिलाफ जंग के कारण अधिकांश देशों ने अपने यहां लॉकडाउन घोषित कर रखा है और उड़ानें पूरी तरह ठप है। अब एक ऐसी खबर आई है जिससे पता चलता है कि आने वाले दिनों में भी विमानन कंपनियों के दिन नहीं बहुरने वाले हैं। लोगों के दिलों दिमाग पर कोरोना का खौफ इस कदर हावी हो चुका है कि 40 फ़ीसदी लोगों का कहना है कि वे अगले छह महीने तक हवाई यात्रा की हिम्मत नहीं जुटा सकते। इन लोगों का कहना है कि वे इस खतरनाक वायरस का संक्रमण नियंत्रित होने के बाद भी कम से कम छह महीने तक हवाई यात्रा से परहेज करेंगे।

आयटा के सर्वे में हुआ खुलासा

अंतर्राष्ट्रीय हवाई परिवहन संघ (आयटा) के एक सर्वे में इस बात का खुलासा हुआ है। इस सर्वे से पता चलता है कि सिर्फ 14 फ़ीसदी लोग ही ऐसे हैं जो उड़ानों पर प्रतिबंध हटने का इंतजार कर रहे हैं। ये लोग उड़ानों पर प्रतिबंध हटते ही हवाई यात्रा करने के लिए तैयार हैं। सर्वे के मुताबिक 46 दिन लोग ऐसे हैं जिनका कि मानना है कि वह एक-दो महीने के इंतजार के बाद ही हवाई यात्रा करने के इच्छुक हैं। 40 फ़ीसदी लोगों की सोच विमानन कंपनियों का दिल बैठाने वाली है। इन लोगों का कहना है कि वे छग महीने या उससे भी अधिक इंतजार के बाद ही हवाई यात्रा के लिए तैयार हैं।

आर्थिक संकट भी एक बड़ा कारण

यह सर्वे ऐसे लोगों के बीच में किया गया जो पहले भी हवाई यात्रा कर चुके हैं। कोरोना का खौफ लोगों में किस हद तक बढ़ चुका है, यह इस बात से समझा जा सकता है कि सर्वे में चार फ़ीसदी लोगों ने कहा कि कि वे भविष्य में हवाई यात्रा करने के लिए तैयार नहीं है। आठ फीसदी लोगों ने कहा कि वे हवाई यात्रा के लिए कम से कम एक साल तक इंतजार करने को प्राथमिकता देंगे। ऐसे तमाम लोगों ने आर्थिक दिक्कतों के कारण अभी फिलहाल हवाई यात्रा न करने की बात कही।

ये भी पढ़ेंःIndigo कर्मचारियों के लिए बड़ी खबर, कंपनी ने वेतन को लेकर लिया ये फैसला

सर्वे में 69 फ़ीसदी लोगों का यह कहना था कि पहले वह अपनी वित्तीय स्थिति को मजबूत बनाने की कोशिश करेंगे और जब तक यह स्थिति मजबूत नहीं हो जाती तब तक वे अपनी हवाई यात्रा टाल देंगे।

सम्मिलित प्रयास से ही दूर होगा संकट

आयटा के महानिदेशक एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी एलेग्जेंडर डी जूनाइक का कहना है कि कोरोना महामारी विमानन कंपनियों की कमर तोड़ने वाली साबित हुई है। इस महामारी ने विमान यात्रियों के विश्वास को दोहरा झटका दिया है। एक तरफ आर्थिक मंदी की आहट के बीच लोगों को अपनी निजी वित्तीय स्थिति को लेकर चिंता है तो दूसरी ओर वे अपनी स्वास्थ्य सुरक्षा को लेकर भी परेशान हैं।

ये भी पढ़ेंः आ गई शानदार कार: TATA Motors कर रही लांच, जानिए क्या होंगे ख़ास फीचर्स

उन्होंने कहा कि विमानन उद्योग को संकट से उबरने के लिए काफी प्रयास करने होंगे। इसके लिए सरकार को भी विमानन उद्योग का साथ देना होगा। सरकार और विमानन उद्योग के सम्मिलित प्रयास से ही यात्रियों का विश्वास फिर से जीता जा सकता है।

दोस्तों देश दुनिया की और खबरों को तेजी से जानने के लिए बनें रहें न्यूजट्रैक के साथ। हमें फेसबुक पर फॉलों करने के लिए @newstrack और ट्विटर पर फॉलो करने के लिए @newstrackmedia पर क्लिक करें।

Shivani Awasthi

Shivani Awasthi

Next Story