जीवनशैली में बदलाव बदलाव लाएँ तो जीत सकते हैं जंग

कोरोना वायरस के खिलाफ जंग में डाक्टर सबसे बड़ी भूमिका में हैं। लेकिन इन डाक्टरों की कहना है कि यदि सब लोग अपनी जीवन शैली में बदलाव लाएँ तो खुद ही इस जंग को जीत सकते हैं। हमें अपनी पुरानी परंपराओं में लौटना होगा और आदतें बदलनी होंगी।

संदीप पाल

कोरोना वायरस के खिलाफ जंग में डाक्टर सबसे बड़ी भूमिका में हैं। लेकिन इन डाक्टरों की कहना है कि यदि सब लोग अपनी जीवन शैली में बदलाव लाएँ तो खुद ही इस जंग को जीत सकते हैं। हमें अपनी पुरानी परंपराओं में लौटना होगा और आदतें बदलनी होंगी। ‘अपना भारत’ के लिए संदीप पाल ने कुछ प्रमुच चिकित्सकों से बातचीत की। जानते हैं इनकी राय :

 

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प्रेग्नेंट महिलाएं रखें खास ख्याल
प्रोफेसर डॉ. रश्मि पाल (एमजीएम चिकित्सा महाविद्यालय, इन्दौर)

प्रेंग्नेसी के दौरान महिलाओं के शरीर में कई प्रकार के हार्मोनल बदलाव होते हैं। उन्हें कोई भी इंफेक्शन आसानी से हो सकता है। इसलिए प्रेग्नेंसी में महिलाओं को अपने स्वास्थ पर ज्यादा से ज्यादा ध्यान देने की आवश्यकता है और यही सलाह भी दी जाती है। कोरोना वायरस को लेकर प्रेग्नेंट महिलाओं को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत होती है। वैसे अभी कोई पुख्ता जानकारी सामने नहीं आई है कि प्रेग्नेंट महिलाओं में आम लोगों के मुकाबले कोरोना वायरस होने का खतरा ज्यादा है या नहीं। हालांकि प्रेंग्नेसी के दौरान महिलाओं के शरीर में कई तरह के हार्मोनल बदलाव होते हैं, इसलिए उन्हें कोई भी इंफेक्शन या फ्लू आसानी से हो सकता है। इसलिए प्रेग्नेंसी में महिलाओं को स्वास्थ्य पर ज्यादा ध्यान देने की सलाह दी जाती है। कोरोना वायरस के संक्रमण से बचने के लिए प्रेग्नेंट महिलाओं को वही सब सावधानियाँ बरतनी चाहिए जो सबके लिए अनिवार्य हैं। स्ट्रेस आपके बच्चे के लिए घातक हो सकता है। इसलिए ज्यादा से ज्यादा खुश रहने की कोशिश करें और आराम करें।

 

 

मानसिक स्वास्थ्य के प्रति सतर्क रहें
प्रोफेरसर/डॉ. वी.एस. पाल, मनोचिकित्सक (एमजीएम चिकित्सा महाविद्यालय, इन्दौर)

 

कोरोना वायरस से डरने की बजाय इसकी सही जानकारी रखने की जरूरत है। इस दौर से परेशान न हों, बल्कि यह ध्यान रखें कि बुरा समय भी अपने साथ बहुत कुछ अच्छा लेकर आता है। खुद को मानसिक रूप से तरोताजा रखें। व्यक्ति की पॉजिटिव सोच यानी सकारात्मक विचार हर मुश्किल को आसान बना देती है। आप खुद को नई-नई चीजों से जोड़ें। कुछ नया सीखने का प्रयास करें। खाना बनाने, स्केचिंग, पेंटिंग, डांसिंग, गायकी, म्युजिक, फोटोग्राफी किताबें, मेडिटेशन, योग, मैगजीन पढ़ने का शौक रहा हो तो आप इसका अभ्यास कर सकते हैं। यह समय अपनी प्रतिभा निखारने का अच्छा मौका है। यह तनाव को दूर रखने का यह अच्छा जरिया है।

 

दिशा निर्देशों का करें पालन
डॉ. अशोक सिंह (मेडिकल ऑफिसर, कैसरगंज, बहराइच)

 

देश के महानुभावों से अनुरोध है कि इस संकट की घड़ी में पूर्ण मनोयोग से देश का सहयोग करें एवं अपने प्रधान सेवक के दिशा निर्देशों एवं आज्ञा का पालन करने का कष्ट करें जिससे हमारे भारत देश के नागरिक स्वस्थ एवं निरोगी हो सके।

कोरोना की पहचान के लिए इन लक्षणों पर विशेष ध्यान दें -तेज बुखार, कफ और सूखी खांसी, सांस लेने में समस्या, फ्लू-कोल्ड जैसे लक्षण, डायरिया और उल्टी, सूंघने और स्वाद की क्षमता में कमी। जिन लोगों को लगता है कि वो संक्रमित हैं वो डॉक्टर, फार्मेसी या अस्पताल जाने से बचें और अपने इलाक़े में मौजूद स्वास्थ्य कर्मी से फोन पर या ऑनलाइन सलाह ले सकते हैं।

 

रोज कुछ नया सिखा रही है ये बीमारी
डॉ रूद्र प्रताप शाह, बढ़नी, सिद्धार्थ नगर

कोरोना वायरस हर गुजरते दिन के साथ खतरनाक तो हो ही रहा है, लोगों लिए नये-नये तरीके से आश्चर्य चकित कर रहा है। कोरोना वायरस के नये लक्षण भी सामने आने लगे हैं। जिसके लक्षण खांसी, जुकाम, बुखार नहीं, बल्कि पैरों में दिखते हैं। कोरोना वायरस के मरीजों में पैर के अंगूठों में ये नए लक्षण दिख रहे हैं। कोरोना के मरीज में सिर्फ कफ, बुखार, गला सूखना, थकान महसूस होना, खांसी आना और सांस लेने में तकलीफ के ही लक्षण नहीं दिखते, बल्कि कुछ मरीजों में अचानक कुछ भी ना महकना, टेस्ट गायब हो जाना और आंखें गुलाबी होने जैसे लक्षण भी दिख रहे हैं। ये बीमारी अभी नई है और डाक्टर, वैज्ञानिक सब लोग रोजाना इसके बारे में कुछ न कुछ नया सीख रहे हैं। ऐसे में लोगों को बहुत सावधान रहते हुये अपनी हिफाज़त करने की जरूरत है।

 

 

सबसे सतर्क ग्रामीण जन

डॉ. जनार्दन सिंह परमार, धौलपुर, राजस्थान

सबसे ज्यादा जागरूक और सोशलडिस्टेंसिंग का पालन करता यदि कोई दिखाई पड़ रहा है तो वह है हमारे देश की ग्रामीण जनता। वह शहरी लोगों के मुकाबले काफी सजग दिखाई दे रहे हैं। अभी तक देश में किसी भी गांव से कोरोना योद्धाओं पर किसी प्रकार से हमले की कोई खबर नहीं आई है। जबकि शहरी इलाकें मध्यप्रदेश का इंदौर हो या फिर उत्तर प्रदेश का मुरादाबाद यहां क्या हुआ देश ने देखा। आज गांव जैसे की कोई बाहरी व्यक्ति व किसी का रिश्तेदार आता है तो वह सबसे पहले डाक्टर के पास खुद ही उक्त व्यक्ति को ले जाकर दिखाते हैं। किसी को कोई दिक्कत हुई तो उसे गांव के बाहर बने क्वारेटाइन सेंटर में रखते हैं। रेड जोन से आने वाले प्रवासी मजदूरों, व्यवसायियों, छात्रों अन्य लोगों की निगरानी करना अति आवश्यक है। उनकी विधिवत जांच होनी चाहिए। वैसे भी देश में कोरोना संक्रमित लोगों की जांच में तेजी आई है। जिसके कारण मरीज के बारे में जल्द से जल्द पता चल रहा है। देश के लिये एक सुखद बात यह है कि यहां मिलने वाले मरीजों में बीमारी की तीव्रता कम है। इसलिए कह सकते हैं कि संकट थोड़ा जल्द खत्म हो सकता है। ऐसा माना जाता है कि कोरोना वायरस के लक्षण दिखना शुरु होने में औसतन पांच दिन का वक्त लग सकता है लेकिन कुछ लोगों में ये वक्त कम भी हो सकता है और कईयों में यह वक्त 10 से 14 दिनों का भी हो सकता है। आपको जो भी हिदायत दी गईं हैं उनका शत प्रतिशत पालन अवश्य करें।

 

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विशेष सावधानी बरतें बुजुर्ग और बच्चे
डॉ. संदीप कुमार, पूर्व डायेक्टर एम्स

भारत में लगातार कोरोना वायरस के संक्रमित लोगों की संख्या बढ़ती जा रही है, लेकिन सुखद खबर यही है कि सरकार की सक्रियता से अभी वायरस का कम्युनिटी ट्रांसमिशन नहीं हो सका है, लेकिन देश पर अभी खतरा मंडरा रहा है। ऐसे में सभी को सजग रहने की जरूरत है, विशेषकर बुजुर्ग-बच्चों को। साथ ही ऐसे लोगों को भी विशेष सावधानी रखनी होगी, जो पहले से किसी बीमारी की गिरफ्त में हों। दरअसल कोरोना वायरस के चलते जिन लोगों की मौत हुई है, उसमें अधिकांश डायबिटीज, हाइपरटेंशन, बीपी, किडनी, लीवर के मरीज थे। डायबिटीज, हाइपरटेंशन, बीपी, किडनी, लीवर के मरीजों को ज्यादा सावधानियां बरतने की जरूरत है। ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी के शोध में खुलासा हुआ कि कोरोना से मरने वालों में 99 फीसद मरीज पहले से हृदय रोग, शुगर, सांस की बीमारी और कैंसर से पीड़ित थे।

डायबिटीज, दिल, किडनी, कैंसर जैसे मरीजों की रोग प्रतिरोधक क्षमता किसी स्वस्थ्य शरीर के मुकाबले बेहद कमजोर होती है, इसलिए इन मरीजों में कोरोना या इस जैसे दूसरे वायरस की वजह से ज्यादा जटिलताएं पैदा हो जाती हैं। हमारे देश में ऐसे मरीजों की तादाद बहुत ज्यादा है। इसके अलावा आबादी का एक बड़ा हिस्सा अब भी साफ-सफाई को लेकर ज्यादा जागरुकता नहीं है। ऐसे में विशेष सतर्कता की जरूरत है।

डायबिटिक व किडनी मरीज घर पर हाइजीन का खास ख्याल रखें। एक ही चीज को बार बार अलग अलग सदस्य न छूएन। बार-बार साबुन से अच्छे से हाथ धोते रहें। घर पर इस्तेमाल होने वाले हैंडल, टॉवल, रिमोट आदि जैसी चीजों को हफ्ते में कम से कम दो बार सैनिटाइजर से जरूर साफ करें। सोशल डिस्टेंसिग का विशेष ध्यान रखें। हाई ब्लड प्रेशर और दिल के मरीज को रूटीन दवाइयां समय पर लेते रहना चाहिए। मास्क लगाकर ही घर से बाहर निकलें। घर पर आइसोलेट रहने की कोशिश करें। इमरजेंसी होने पर ही डॉक्टर को दिखाने जाएं।

 

शरीर की सेना को मजबूत रखें
डॉ. आस्था खरे, गाइनोलॉजिस्ट

हमारे ऋषि मुनियों, वैज्ञानिकों ने जीवन रक्षक उपायों को धर्म से जोड़कर मानव जीवन का हिस्सा बना दिया जैसे कि हर मोहल्ले, घर में तुलसी, नीम, पीपल व बरगद का पेड़ तथा घरों में तांबे, पीतल के बर्तन का उपयोग। व्रत, फलहार का आयोजन। आज फिर मानव सभ्यता पर कोरोना नामक विषाणु ने अटैक करा है।

हमारा शरीर फुली ऑटोमैटिक मशीन है हमारे शरीर के अंग पर्फेक्ट हर्मोन्स की मदद से बिना रुके काम करते हैं। इसी शरीर का अहम हिस्सा हमारे शरीर की इम्युनिटी है जो वाइरस, बैक्टीरिया, फंगस, पैराकसाइड वन से लगातार टक्कर लेते रहती है। इम्यूनिटी हमारी सेना है। कोरोना वाइरस शरीर का दुश्मन है, जो कमजोर इम्युनिटी वाले लोगों की जान ले सकता है। इसलिए हमको महामारी को रोकने एवं खत्म करने के लिए उपाय स्वयं करने होंगे। सो, दुश्मन को सरहद के अन्दर घुसने न दें। घर ही में रहें। आपस में दो मीटर की दूरी बना कर रखें। दिन भर में दो-दो घंटे पर बीस सेकेण्ड तक हाथ धोयें एवं घर के बच्चों एवं बुजुर्गों को हाथ धोने की याद दिलायें। अलग-अलग बिस्तरों पर सोयें। चादरों को रोजाना दो धण्टे धूप दिखायें। जूते-चप्पल बाहर रखें। अपने कपड़े धो कर कड़ी धूप में रखें। मास्क धूएन एवं प्रेशर कुकर में डालकर सीटी लगायें। अपने शरीर की इम्युनिटी बढ़ाएँ और जंक फूड से बचें। हाई प्रोटीन डाइट जैसे अंकुरित सोयाबीन की बड़ी, चना, मूंग, मूंगफली, अंडा आदि का रोज-रोज नियमित सेवन करें। फल खासकर केला और संतरा खूब खायें। सलाद एवं मट्ठा नियमित लें। तांबे के बर्तन में आधे घंटे पानी रखकर तीन लीटर पानी पीएं। रोज रस्सी कूदें, योग और कदमताल करें। अगर हम इन बातों का नियमित पालन करेंगे तो फिर कोरोना क्या उसके बाप और दादा को भी हरा देंगे।

 

बंद हो शराब की बिक्री
दिनेश यादव, व्यवसाई

कहते हैं कि स्वस्थ शरीर में स्वस्थ मस्तिष्क होता है। लेकिन यहां कुछ और ही हो रहा है। देश की सरकार के राजस्व का एक बड़ा हिस्सा शराब, पान मसाला, गुटखा, बीड़ी, सिगरेट पर लगने वाले टैक्स से आता है। अगर सरकारों को धूम्रपान व शराब इत्यादि के सेवन से किसी प्रकार कोई परेशानी है तो वह इनके उत्पादन पर तत्काल पाबंदी लगा दे। पहले सरकार खुद स्पष्ट करे कि उसे देश को नशा मुक्त कराना है या नशा युक्त करना है।

कोरोना काल में तमाम डाक्टर देश की जनता से अपनी शरीरिक क्षमता बढ़ाने की अपील कर रहे हैं। जिससे की उनका स्वस्थ रहे और उन पर किसी भी प्रकार के वाइरस का असर न हो सके। सबकुछ जानते हुये सरकार ने देश में पहले लॉकडाउन के दौरान शराब, पान मसाला, गुटखा, की बिक्री पर पाबंदी लगी दी और लॉकडाउन के तीसरे चरण में सरकार ने राजस्व के लालच में फिर लोगों को शराब पीलानी शुरू कर दी। पान मसाला, गुटखा, बीड़ी, सिगरेट की बिक्री जारी है। अब आप बेहतर समझ सकते हैं कि इससे मनुष्य की शरीरिक क्षमता बढ़ेगी या घटेगी।

डॉक्टर – पुलिस कर रहे हर चुनौती का सामना
आनन्द ऋचा, आर्टिस्ट

कोरोना विश्व में मानवीय त्रासदी लेकर आया है। यह एक ऐसी त्रासदी जो पूरे विश्व को प्रभावित हो रहा है। भारत की गरीब और कामगार आबादी के लिए तो बहुत इतना चुनौतीपूर्ण समय आया हो। दुनिया में अब तक ढाई लाख से ज़्यादा लोग कोरोना वायरस से संक्रमित हैं, जबकि पूरी दुनिया में कोरोना से लगभग एक लाख से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है, भारत में भी कोरोना वायरस के मामले तेज़ी से बढ़ रहे हैं, भारत कोरोना के चौथे चरण में प्रवेश करने जा रहा है। कोरोना वायरस की बढ़ती स्पीड ने देश की रफ्तार रोक दिया है। भारत में डॉक्टर, पुलिसकर्मी से लेकर सफाई कर्मी सभी लोगों की जान बंचाने के लिए खुद को जोखिम में डाल रहे हैं और सामने आकर लोगों की मदद कर रहे हैं। ये सब कोरोना के जंग के हीरो हैं।

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सुरक्षा कवच बने पुलिस के कपाट
प्रदीप कुमार

आज जब वैष्णोदेवी, तिरूपति, शिरडी, उज्जैन, भदवामाता, मक्का मदीना, और वेटिकन सिटी आदि के कपाट बंद हैं। ये सब समय के साथ खुल जाएंगे लेकिन पूरे विश्व में संकट की घड़ी में कहां गया ईश्वर और कहां गये वो जिन्होने उक्त धार्मिक स्थालों में जनता के द्वारा दान की गई सम्पत्ति को दबा कर रखा है? वहीं, जहां कभी हम जाना पसंद नहीं करते, जहां कभी हम दान नहीं करते उनके दरवाजे हमारे लिए खुले हैं। जिसे संसार का पालनहार व रक्षक बताया जाता था वह कहीं छिप गया अथवा उसे बंद कर दिया गया। लेकिन वह जो वास्तव में हमारा रक्षक है। उसे कोरोना संकट के समय पहचानने में समय नहीं लगेगा। कोरोना के सामने दीवार बनकर डॉक्टर, सफाई कर्मी व पुलिस, पैरामेडिकल स्टाफ खड़ा है। अब विश्व के सब मानव को अपने भविष्य को लेकर सोचना होगा कि उसे किस रास्ते पर चलना है। जिससे उसकी आने वाली नस्ल मजबूत होगी और उसका भविष्य भी सुनहरा हो और उसे मानसिक आजादी हो।

कथनी और करनी में फर्क
सत्यपाल

सरकार को जनता की सेहत की कितनी फिक्र है इस बात का अंदाज इसी से लगाया जा सकता है कि वह कहती है कि नशे से मनुष्य की इम्युनिटी में कमी आती है, इसका सेवन हानिकारक है। लेकिन भारत समेत विश्व के तमाम देशों में सरकारों द्वारा जनता के साथ दोहरा मापदण्ड अपनाया जा रहा है। आज दुनिया भर के डाक्टर्स जनता से अपनी इम्युनिटी बढाने और अपने स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान देने पर जोर दे रहे हैं। वहीं भारत समेत विश्व के तमाम अपने देश में शराब की बिक्री को खुली छूट दे रखी है। अब यह हमें सोचना होगा कि हमें कौन सा कदम उठाना है। वैसे तो इतिहास गवाह है कि भारतीय संस्कृति और नशे का चोली दामन का साथ रहा है। इसे कोई भी झुठला नहीं सकता है। इसके बारे पढ़ने, सुनने तथा धार्मिक सीरियलों के देखने में मिलता रहा है। फिलहाल सरकार उसकी मंशा खुद ही पता नही है कि वह नशे बढावा देना चाहती है या फिर रोकना चाहती है।

मलेरिया से भी बच कर रहें
डाक्टर ए.के. शुक्ला
कोरोना महामारी के साथ-साथ मलेरिया से भी लड़ने का समय आने वाला है। इस मौसम में मलेरिया का मच्छर सबसे ज्यादा सक्रिय रहता है। इसके लक्षण सर्दी व कम्पन के साथ तेज बुखार, सिर दर्द व उल्टियां हैं। मलेरिया व मच्छर जनित बीमारियों से बचने के लिये खासकर गर्भवती महिलाओं व बच्चों को मच्छरदानी व मच्छर नाशक क्रीम का प्रयोग करना चाहिए। घर के दरवाजे व खिड़कियों पर जाली लगनी चाहिए। पूरी बाजू के कपड़े पहनने चाहिए। घरों की छतों पर रखीं पानी की टंकियों को समय-समय पर साफ कराते रहना चाहिए। कहीं पर भी पानी को एकत्रित न होने दें व कूलर को सप्ताह में कम से कम दो बार जरूर साफ करें। यदि आप ऐसा नहीं करते है तो कभी आप मलेरिया के शिकार हो सकते हैं और वैश्विक महामारी बन चुके कोरोना के इस दौर में आप की जान कभी भी जोखिम में पड़ सकती है। अपनी इम्युनिटी को बढ़ाने के लिये अंडे और फलों का सेवन करें। हाई कैलोरी डाइट व प्रोटीन लें। नियमित कसरत और योगा करें।
कोरोना से बहुत ज्यादा घबराने की जरूरत नहीं है। आपकी समझदारी ही आप का बचाव है। अपने घरों में रहे और साफ-सफाई का पूरा ध्यान दें।।

 

सन्तुलित पौष्टिक आहार रखे स्वस्थ
डॉ रवि पाल
वैश्विक महामारी के चलते हुए लॉकडाउन ने दिनचर्या अस्त-व्यस्त कर दी है। लोग खानपान और स्वास्थ्य को लेकर फिक्रमंद हैं। क्या खाएं, खुद को और बच्चों को बीमार होने से कैसे बचाएं, ये सवाल जेहन में लगातार कौंध रहे हैं। कोरोना वायरस से बचाव के लिए जागरूकता ही सबसे बड़ा हथियार है। शारीरिक दूरी बनाए रखिए,  गुनगुना पानी पीयें व ताजा भोजन करें ऐसा करने से संक्रमण का खतरा कम हो जाता है। कोरोना वायरस का असर उन लोगों को तेजी से हो रहा है जिनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर है। रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के लिए बैलेंस डायट, प्रोटीन, फैट और कार्बोहाइड्रेट लें। अपने भोजन में विटामिन सी, हरी सब्जी और फल जरूर शामिल करें। इसके साथ ही 30 मिनट तक व्यायाम जरूर करें। इससे आपकी रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ेगी।

 

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