राजस्थान में किसकी सरकार? कांग्रेस-BJP के पास कितने विधायक, जानें- पूरा आंकड़ा

क्या गहलोत सरकार की सत्ता जा सकती है? क्या विधायकों के इस्तीफे से कांग्रेस की सरकार गिर जायेगी? और या भाजपा एमपी की तरह राजस्थान में भी सरकार बना सकती हैं?

जयपुर: राजस्थान में सत्ता पक्ष में सियासी संग्राम शुरू हो गया है। कांग्रेस के लिए मुश्किल का दौर है क्योंकि सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, कांग्रेस के कई विधायक पार्टी का साथ छोड़ सकते है। जानकारी मिल रही है कि डिप्टी सीएम सचिन पायलट पार्टी से इस्तीफा देकर भाजपा का दामन थाम सकते हैं। वहीं ये भी कयास लगाए जा रहे हैं कि पायलट के साथ कांग्रेस के 30 और विधायक पार्टी छोड़ सकते हैं।

गहलोत सरकार का सत्ता संग्राम

ऐसे में क्या गहलोत सरकार की सत्ता जा सकती है? क्या विधायकों के इस्तीफे से कांग्रेस की सरकार गिर जायेगी? और या भाजपा एमपी की तरह राजस्थान में भी सरकार बना सकती हैं? इस तरह के सवाल उठ रहे हैं। यहां राजस्थान की सत्ता में आने के लिए विधानसभा के हाल और विधायकों के आंकड़ों पर नजर डालना जरुरी है।

राजस्थान विधानसभा में किस दल के कितने विधायक

-दरअसल, राजस्थान में 200 विधानसभा सदस्य हैं। जिसमें से कांग्रेस के पास मौजूदा समय में 107 विधायक हैं, तो वहीं बीजेपी 75 विधायक विधानसभा में हैं।

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-बता दें कि कांग्रेस के 107 विधायकों में से 6 बसपा के हैं, जिन्होंने कांग्रेस को समर्थन दिया। इसके अलावा भाजपा के अपने 72 विधायक हैं और अन्य 3 विधायक आरएलपी के हैं।

-राजस्थान विधानसभा में 18 विधायक निर्दलीय और अन्य है। जैसे बीटीपी के 2 MLA, 2 विधायक सीपीएम के , 1 आरएलडी और 13 निर्दलीय विधायक शामिल हैं।

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विधायकों के गठजोड़ का असर:

-माना जा रहा है कि कांग्रेस के 30 ऐसे विधायक हैं, जो सचिन पायलट के समर्थन में हैं। ऐसे में अगर उन्होंने इस्तीफे दिए तो सदन में विधायकों की संख्या 170 हो जायेगी। वहीं 170 सदस्यों वाली विधानसभा में बहुमत के लिए 86 विधायकों की जरूरत होगी।

पायलट समर्थक विधायकों के इस्तीफे से लगेगा कांग्रेस को झटका

-30 विधायकों के इस्तीफे के बाद कांग्रेस के पास सिर्फ 77 विधायक बचेंगे और बहुमत के लिए उन्हें 9 विधायकों की जरूरत पड़ेगी। वहीं भाजपा के पास 75 विधायक हैं और उन्हें बहुमत के लिए 11 विधायकों की जरूरत हैं। ऐसे में दोनों दलों के लिए निर्दलीय विधायकों का मत अहम हो जाएगा।

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-18 निर्दलीय विधायकों में से कांग्रेस को बहुमत में आने के लिए 9 तो भाजपा को 11 मतों की जरूरत होगी।

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