ये 6 तरीके जिनसे खत्म हो सकती है कोरोना वायरस महामारी

कोई महामारी कैसे समाप्त हो सकती है, इसके लिए पहला परिदृश्य है रोकथाम। यदि मामलों की संख्या प्रकोप की उत्पत्ति तक सीमित है और जो लोग मूल संक्रामण क्षेत्र…

नील मणी लाल-

ये डरावना सपना कब खत्म होगा, कब ये रात बीतेगी और सुबह आएगी, कब पुराने दिन लौटेंगे… ये सवाल हर इनसान के जेहन में बने हुये हैं। कोरोना वायरस महामारी कब पीछा छोड़ेगी, ये बहुत बड़ा सवाल है। इस महामारी के खत्म होने के सिर्फ 6 परिदृश्य हैं।

रोकथाम

कोई महामारी कैसे समाप्त हो सकती है, इसके लिए पहला परिदृश्य है रोकथाम। यदि मामलों की संख्या प्रकोप की उत्पत्ति तक सीमित है और जो लोग मूल संक्रामण क्षेत्र से यात्रा करते हैं वे अन्य स्थानों में अधिक लोगों को संक्रमित नहीं करते हैं, तो बीमारी का प्रसार कम से कम होगा। कोरोना वायरस जब तक महामारी नहीं बनी थी तब तक इसे दुनिया भर में फैलने से रोका जा सकता था लेकिन वह मौका हाथ से निकाल चुका है। यह संभावना फरवरी में यूरोप और उत्तरी अमेरिका में कम्यूनिटी स्प्रेड के साथ चली गई है।

प्राकृतिक रूप से समाप्ति

संभावित स्थिति है की संक्रमित मामलों की संख्या स्वाभाविक रूप से घटती चली जा सकती है। इसके कई कारण हो सकते हैं। कोविड-19 के अलावा अन्य कोरोना वायरस और फ्लू के वायरस मौसम के गर्म होने के साथ साथ धीरे धीरे खत्म हो जाते है। मुमकिन है कि कोविड-19 या सार्स-कोव-2 वायरस ज्यादा आर्द्र स्थितियों में अच्छी तरह से जीवित नहीं रह पाये। हालांकि इसकी पुष्टि होना अभी बाकी है।

इसके अलावा अगर वायरस को बीमार करने योग्य अतिसंवेदनशील लोग ही मिलना बंद हो जाएंगे तो भी संक्रमण के मामले कम हो सकते हैं। आमतौर पर जब काफी संख्या में लोग संक्रमित हो जाते हैं तो वायरस को बीमार करने लायक पर्याप्त अतिसंवेदनशील कैंडिडैट ही नहीं मिलते। ऐसे में वायरस की चेन टूट जाती है। लेकिन बड़ी आबादी में ऐसा होने में महीनों लग सकते हैं। प्राकृतिक रूप से बीमारी खत्म होने से पहले संक्रमण के मामलों में एक उछाल या कई उछाल हो सकते हैं। लेकिन ये परिदृश्य उन हालातों के लिए है जब संक्रमण को रोकने के लिए कुछ नहीं किया जा रहा।

महामारी का स्वरूप बदलेगा

एक और संभावना है कि कोविड-19 या सार्स-कोव-2 का कारण बनने वाला वायरस, मनुष्यों के लिए आम बीमारी वाला हो जाए। इसका मतलब यह है कि यह फ्लू जैसी सामान्य मौसमी बीमारी है बन जाए। जो इनसानों के बीच आती जाती रहेगी। महामारी विशेषज्ञ कहते हैं कि ये वायरस संभवतः एक सांस की बीमारी के रूप में बस सकता है जो मौसमी रूप से वापस आने लगेगा। इन बीमारियों में निमोनिया प्रमुख होगी। जब तक एक सफल टीका विकसित नहीं हो जाता ये बीमारी आती-जाती रहेगी।

सार्वजनिक स्वास्थ्य उपाय

चौथा परिदृश्य ये है जिसमें संक्रमण के मामलों में बड़े उछाल को रोक देने के साथ बीमारों का इलाज किया जाता है। इसे “कर्व को समतल” करना कहा जाता है। यदि हम प्रसार को धीमा नहीं करते हैं, तो ऐसे मामलों में एक बड़ा उछाल हो सकता है जो हेल्थ सिस्टम को चरमरा सकता है। इससे न केवल मौतों में बल्कि संक्रमण के मामलों की संख्या में वृद्धि भी हो सकती है। जब तक नए टीके और दवाएं नहीं आ जातीं तब तक सिर्फ सोशल डिस्टेन्सिंग से ही बीमारी के प्रसार को धीमा कर सकते हैं।

वैक्सीन का विकास

एक वैक्सीन बनाना मुश्किल है और इसमें लंबा समय लगता है – कम से कम एक साल। यह बहुत सारे संसाधन लेता है और वर्तमान महामारी से निपटने के लिए सहायक नहीं हो सकता। टीके भी किसी को 100 प्रतिशत रक्षा प्रदान नहीं करते। वे आम तौर पर प्रतिरक्षा की एक दीवार देते हैं। उदाहरण के लिए, पोलियो वैक्सीन की दो खुराक 90 प्रतिशत प्रभावी है, और तीन खुराक 99 से 100 प्रतिशत प्रभावी होती है। एक टीका कितना प्रभावी है, यह विकसित होने वाले विशिष्ट टीके पर निर्भर करता है, और सबसे प्रभावी टीका विकसित होने वाला पहला टीका नहीं हो सकता है। बहरहाल कई कंपनियां वर्तमान में कोविड-19 या सार्स-कोव-2 के टीकों पर काम कर रही हैं।
एक और बात यह है कि टीका किसी के संक्रमित होने पहले ही बीमारी को रोकने में मदद करेगा। टीके का मुख्य उद्देश्य भविष्य के प्रकोप को रोकना है।

हार्वर्ड विश्वविद्यालय के महामारी विज्ञानी मार्क लिप्सिच के एक अनुमान में कहा गया है कि दुनिया भर में 40 से 70 प्रतिशत लोग आने वाले एक वर्ष में सार्स-कोव-2 से संक्रमित हो सकते हैं। यदि दुनिया में अधिकांश लोग वायरस के संपर्क में हैं, तो उन्हें वैक्सीन देना बहुत मददगार नहीं हो सकता।
हालाँकि, यदि हम सफलतापूर्वक प्रसार को धीमा कर देते हैं, तो हम कोरोनोवायरस को रोकने के लिए एक वैक्सीन का उपयोग कर सकते हैं, जो आबादी के उस हिस्से की रक्षा कर रही है, जो इसके संपर्क में नहीं है। यदि यह स्थानिक हो जाता है, तो हमें समय के साथ उत्परिवर्तन होने पर फ्लू की तरह इसका इलाज करने और इसके लिए कई टीके विकसित करने की आवश्यकता हो सकती है।

एंटीवायरल और अन्य चिकित्सीय उपचार

सच्चाई यह है कि हम नहीं जानते कि क्या कोई मौजूदा दवा इस वायरस के इलाज में मददगार होगी। दवा पर काम चल रहा है। लेकिन इसमें कितना समय लगेगा ये अभी नहीं कहा जा सकता। टेस्टिंग, अनुमोदन और लांचिंग, ये सब एक समयबद्ध प्रक्रिया है और उसमें समय लगना ही है।

 

एक अज्ञात अंत

वास्तव में क्या होता है यह इतने सारे कारकों पर निर्भर करता है कि किसी सटीक परिदृश्य को बता पाना कठिन है। कोविड-19 महामारी के बारे में बहुत अनिश्चितता है। हमें पता नहीं है कि क्या हमने लंबे समय तक सोशल डिस्टेन्सिंग बनाए रख सकेंगे? हम नहीं जानते कि क्या इस बीमारी की दवा मददगार हो पाएगी? अब हम जो कर सकते हैं उसी के द्वारा कोरोना वायरस को नियंत्रित करने की कोशिश करें। कोशिश करें कि नए मामले न होने पाएँ। संक्रमण को फैलने से रोकें। सबसे बड़ी बात ये कि हमारे कार्यों और इंटरैक्शन पर डर और दहशत कतई हावी न होने पाये।

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