सील इलाकों में लोगों पर पड़ेगा ये प्रभाव: जानें, क्या कर सकते हैं- क्या नहीं

भारत में लॉकडाउन पहले से ही लागू है, ऐसे में सील किये जाने को लेकर लोग संशय में हैं सील किये गए क्षेत्रों में रहने वाले लोग क्या काम कर सकते और क्या नहीं ?

लखनऊ: कोरोना वायरस को बढ़ने से रोकने के लिए उत्तर प्रदेश, दिल्ली और मध्य प्रदेश में चिन्हित हॉटस्पॉट को सील कर दिया गया है। हालांकि पूरे भारत में लॉकडाउन पहले से ही लागू है, ऐसे में सील किये जाने को लेकर लोग संशय में हैं कि दोनों में फर्क क्या है? बता दें कि दोनों में फर्क है, वहीं सील किये गए क्षेत्रों में रहने वालों के लिए ये जान लेना जरुरी है कि वे क्या काम कर सकते और क्या नहीं ?

क्या है हॉटस्पॉट:

पहले जान लें हॉटस्पॉट है क्या? दरअसल, प्रदेशों में उन क्षेत्रों को चिन्हित किया गया है, जहां से कोरोना के सबसे ज्यादा मरीज मिले हैं। ऐसे इलाकों को हॉटस्पॉट कहा जाता है। संक्रमण को रोकने के लिए इन हॉटस्पॉट इलाकों को सील कर दिया गया है।

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सील और लॉकडाउन में फर्क:

देश में लॉकडाउन पहले से लागू है। लॉकडाउन में लोगों को जरूरी सामान के लिए छूट मिली हुई है। जैसे बैंक-सब्जी की दुकान, किराना की दुकान, डेरी, मेडिकल स्टोर समेत अन्य कुछ महत्वपूर्ण दुकानें खुली हुईं है। सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करके व्यक्ति जरूरत पर बाहर निकल सकता है। लेकिन जिन क्षेत्रों को सील किया जाता है, वहां सब कुछ बंद होता है। ऐसे में आप घर से बाहर कदम भी नहीं रख सकते।

हॉटस्‍पॉट इलाके में रहने वाले क्या कर सकते हैं क्या नहीं

-इलाके के अंदर और बाहर जाने वाले प्वाइंट्स को पूरी तरह सील कर दिया जाता है। ऐसे में आप न तो क्षेत्र से बाहर जा सकते हैं, न ही कोई अंदर प्रवेश कर सकता है।

-कोई भी दुकान खुलने की इजाजत नहीं होती, यहां तक की मेडिकल स्टोर भी बंद रहेंगे।ऐसे में घर से निकलने का भी कोई मतलब नहीं।

-परेशान होने की जरूरत नहीं, प्रशासन सील क्षेत्र में रहने वालों को हर जरुरी सामान डोर टू डोर उपलब्ध करवाएगा।

-किसी को कुछ जरूरत है तो वह प्रशासन से संपर्क कर सकता है। इसके लिए यूपी में 18004192211 पर संपर्क किया जा सकता है।

-लगातार पुलिस गश्त करती रहेगी और अगर कोई भी व्यक्ति घर से बाहर आता है तो उसपर कार्रवाई की जाएगी।

-घर-घर जाकर जांच की जाएगी कि किसी में संक्रमण के लक्षण तो नहीं, या कोई पॉजिटिव मरीज के संपर्क में तो नहीं आया है।

-एंबुलेंस, फायर ब्रिगेड को भी एंट्री के लिए परमिशन लेनी पड़ती है।

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-सील क्षेत्रों में मीडिया को कवरेज की इजाजत नहीं होगी, लेकिन अगर इन इलाकों में कोई मीडियाकर्मी रहता है तो वह दफ्तर जा पाएगा।

-बैंक-राशन की दुकानें बंद रहेंगी, जिन्हें लॉकडाउन के दौरान कुछ पास दिए गए थे वो पास भी निरस्त कर दिए जाएंगे। सील इलाकों में सिर्फ जरूरत पड़ने पर एम्बुलेंस को एंट्री मिल सकती है।

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