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कब बंद होगी आतंक की दुकान: बालाकोट एयरस्ट्राइक की बरसी पर पाक ने की नापाक हरकत

Ashiki Patel

Ashiki PatelBy Ashiki Patel

Published on 26 Feb 2020 8:00 AM GMT

कब बंद होगी आतंक की दुकान: बालाकोट एयरस्ट्राइक की बरसी पर पाक ने की नापाक हरकत
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नई दिल्ली: पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा सूबे की वो जमीं जहां पाकिस्तान आतंक का बीज बो रहा था। जहां पाकिस्तान आतंकियों को पनाह दे रहा था, जहां चलती थी आतंक की पाठशाला। आज उस बालाकोट की पहली बरसी है। पाकिस्तान का बालाकोट कैम्प बीते साल 26 फरवरी तड़के भारतीय वायुसेना के एयरस्ट्राइक में तबाह हुआ था।

26 फरवरी का वो दिन जब भारतीय वायुसेना ने 14 फरवरी को हुए जम्मू-कश्मीर के पुलवामा आतंकी हमले का बदला लेते हुए पाकिस्तान में घुस कर जैश-ए-मोहम्मद के आतंकी कैंपों पर बमबारी कर उसे तबाह कर दिया था। भारतीय वायुसेना के इस एयर स्ट्राइक में जैश के करीब 250 से अधिक आतंकवादियों को मार गिराया था।

नहीं बंद हो रही आतंक की दुकान

तो चलिए जानते हैं अब क्या हाल है पाकिस्तान के उस सर जमीं की जहां पाकिस्तान ने बोये थे आतंक के बीज, और क्या आज भी चलती है वहां आतंक की पाठशाला...?

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आज पाकिस्तान के बालाकोट की पहली बरसी है और इसकी पहली बरसी से पहले ही पाकिस्तान ने बालाकोट कैम्प की मरम्मत कर उसमें कुछ बदलाव किए हैं। सूत्रों के मुताबिक पाकिस्तान ने वहां आतंकी प्रशिक्षण शिविर दोबारा स्थापित कर दिए हैं। आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद व लश्कर-ए-तैयबा के मिले-जुले शिविर शुरू किए गए हैं और इन्हें अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों की नजर से बचाने के लिए यहां मदरसों के बोर्ड लगाए गए हैं।

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मदरसे के नाम पर चलायी जा रही आतंक की पाठशाला

भारतीय सुरक्षा एजेंसियों से जुड़े सूत्रों का कहना है कि ISI के निर्देश पर जैश व लश्कर दोनों के संयुक्त प्रशिक्षण शिविर बालाकोट में फिर खोल दिए गए हैं। और पूरे इलाके में आम लोगों की आवाजाही पर पूरी तरह से रोक लगा दी गई है। यहाँ की गतिविधियों की जानकरी सार्वजनिक न हो सके इसलिए किसी को भी इनके आसपास फटकने की इजाजत नहीं है। मदरसों की आड़ में यहां लगातार आतंक की पाठशाला चल रही है। जिसके जरिये यहां से आतंकियों को प्रशिक्षित कर उन्हें लॉन्चिंग पैड के जरिये अधिक से अधिक संख्या में सीमा पार भेजा जा सके।

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बता दें, जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में 14 फरवरी 2019 को हुए हमले में पूरा देश कांप उठा था। एक साल पहले के इस दिन का इतिहास जम्मू-कश्मीर की एक बड़ी दुखद घटना के रूप में दर्ज है। पुलवामा हमला एक ऐसी हृदय विदारक घटना थी जिसने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया था। इस हमले का बदला लेते हुए भारतीय सेना ने पाकिस्तान के बालाकोट में आतंकियों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया था।

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