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युवराज सिंह का बड़ा खुलासा, धोनी और विराट पर कह दी इतनी बड़ी बात

टीम इंडिा के आॅलराउंडर और दिग्गज खिलाड़ी रहे युवराज सिंह ने 17 साल के अपने अंतरराष्ट्रीय करियर में कई कप्तानों की अगुआई में क्रिकेट खेला। अब युवराज सिंह ने बताया कि उनकी नजर में सर्वश्रेष्ठ कप्तान कौन है।

Dharmendra kumar

Dharmendra kumarBy Dharmendra kumar

Published on 1 April 2020 5:15 AM GMT

युवराज सिंह का बड़ा खुलासा, धोनी और विराट पर कह दी इतनी बड़ी बात
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नई दिल्ली: टीम इंडिा के आॅलराउंडर और दिग्गज खिलाड़ी रहे युवराज सिंह ने 17 साल के अपने अंतरराष्ट्रीय करियर में कई कप्तानों की अगुआई में क्रिकेट खेला। अब युवराज सिंह ने बताया कि उनकी नजर में सर्वश्रेष्ठ कप्तान कौन है। 38 वर्षीय इस इस पूर्व ऑलराउंडर ने कहा कि वह अकसर सौरभ गांगुली की कप्तानी में खेले गए अपने वक्त को याद करते हैं। इसके साथ ही उन्होंने कई खुलासे किए हैं।

बाएं हाथ के बल्लेबाज युवराज सिंह ने कहा कि मौजूदा बीसीसीआई अध्यक्ष सौरव गांगुली की कप्तानी को वह ज्यादा याद करते हैं। युवराज हालांकि महेंद्र सिंह धोनी की कप्तानी में 2011 वर्ल्ड कप के दौरन 'प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट' रहे थे।

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भारत के पूर्व हरफनमौला खिलाड़ी ने अपने एक इंटरव्यू में कहा कि मैंने सौरव (गांगुली) की कप्तानी में खेला है और उन्होंने मेरा बहुत सपोर्ट किया। मेरे पास सौरव की कप्तानी की अधिक यादें हैं, क्योंकि उन्होंने मेरा समर्थन किया। मुझे माही (एमएस धोनी) और विराट (कोहली) से इस तरह का समर्थन नहीं मिला।

बता दें कि युवराज ने अपने वनडे इंटरनेशनल करियर में कुल 14 शतक जमाए हैं। युवी ने 304 वनडे में 8701 रन बनाए। उन्होंने श्रीलंका के मुथैया मुरलीधरन को सबसे कठिन गेंदबाज के तौर पर चुना।

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युवराज ने बताया कि मुझे मुरलीधरन के खिलाफ काफी जूझना पड़ा था। उनकी गेंदबाजी को समझ नहीं पाता था। तब सचिन (तेंदुलकर) ने मुझे उनके खिलाफ स्वीप शुरू करने के लिए कहा था। इसके बाद मेरे लिए मुरली के खिलाफ खेलना आसान हो गया।

युवराज का कहना है कि ग्लेन (मैक्ग्रा) की गेंदें मुझे ज्यादा परेशान करतीं, लेकिन सौभाग्य से मैं उनके (मैक्ग्रा) के खिलाफ ज्यादा नहीं खेल पाया। मैं टेस्ट मैचों में बाहर बैठकर सीनियर्स के लिए चीयर करता था। युवराज सिंह मुश्किल परिस्थितियों में अपने शानदार प्रदर्शन के लिए जाने जाते थे, इस चैम्पियन ऑलराउंर ने अपनी यादगार पारियों के बारे में भी बात की।

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युवराज का कहना है कि बेंगलुरु में 169 रनों की पारी (2007 में पाकिस्तान के खिलाफ टेस्ट मैच, जिसमें भारत ने 61 रनों पर 4 विकेट गंवा दिए थे)। विश्व कप-2011 के क्वार्टर फाइनल में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ नाबाद 57 रन। ये पारियां दबाव में आई थीं, साथ ही छक्के (स्टुअर्ट ब्रॉड के खिलाफ) बहुत यादगार रहे।

युवी ने 2019 में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के सभी प्रारूपों से संन्यास की घोषणा कर दी थी। युवराज भारत की दो वर्ल्ड चैम्पियन (2007 में वर्ल्ड टी20 और 2011 में वर्ल्ड कप) टीमों का हिस्सा रहे।

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