e-cigarette

केंद्र सरकार ने कल यान बुधवार को ई-सिगरेट पर बैन लगा दिया है। केंद्रीय वित्त नंत्री निर्मला सीतारमण ने ई-सिगरेट पर प्रतिबंध लगाये जाने और बनाने के ऊपर बैन लगाने की बात कही।

केंद्र की मोदी सरकार ने बुधवार को कैबिनेट बैठक में अहम फैसले लिए। सरकार ने देश में ई-सिगरेट को पूरी तरह से बैन कर दिया है। सरकार ने त्योहारों से पहले रेलवे कर्मचारियों को 78 दिन के वेतन के बराबर बोनस का फैसला लिया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में कैबिनेट बैठक हुई।

सिगरेट नहीं, ई-सिगरेट पीने से होने वाली फेफड़े की बीमारियों से अमेरिका में कई लोगों ने दुनिया को अलविदा कह दिया है। वहां के अधिकारियों ने बताया कि सैकड़ों लोग अन्य फेफड़े की बीमारी से जूझ रहे हैं। न्यूयॉर्क के टेस्टर ने बताया कि ये एक गांजा से बनी ई-सिगरेट  जिसमें विटामिन ई- ऑयल होता है। एक रिसर्च में पता चला है कि इसमें वही विषाक्त रासायनिक पदार्थ होते हैं जो तम्बाकू के धुएं में पाए जाते हैं. इससे फेफड़ों का जीवाणु रोधी रक्षा तंत्र बाधित होता है।

बैटरी ऑपरेटेड निकोटिन के सेवन पर प्रतिबंध लगे होने के बाद भी ऑनलाइन ई-सिगरेट सप्लाई करने वाली एक कंपनी का नोएडा में खुलासा हुआ है।

ई-सिगरेट समेत इलेक्ट्रॉनिक निकोटीन डिलीवरी सिस्टम (ईएनडीएस) के तीन हजार से अधिक उपयोगकर्ताओं ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को पत्र लिखकर उनसे देश में इन उपकरणों को वैध बनाने का अनुरोध किया और कहा कि ये पारंपरिक सिगरेट के लिए अधिक सुरक्षित विकल्प हैं।

सिगरेट को लेकर यह शोधपत्र इंडियन जर्नल ऑफ क्लिनिकल प्रैक्टिस (आईजेसीपी) में छापा गया है. इस शोध को करने वाले नॉर्थ-ईस्टर्न हिल यूनिवर्सिटी, शिलांग के प्रोफेसर आर.एन. शरन और उनके ग्रुप ने इस संदर्भ में करीब 299 वैज्ञानिक साहित्य का गहन अध्यन और तुलनात्मक विवेचना की.