mission moon

इस कविता को आपने बचपन में सुना ही होगा, कभी छोटे बच्चों के मामा, कभी इश्क में महबूबा का चांद बना, कभी चलनी से चांद का दिदार हुआ, कभी ईद के चांद की बेसब्री....... आखिर चांद है क्या...

पहले ही इस बात की आशंका जताई जा रही थी कि लैंडर विक्रम के चांद की सहत पर पहुंचे से पहले के 15 मिनट काफी अहम होंगे। बता दें कि इसरो चंद्रयान-2 चांद का धरती से महज 2.1 किलोमीटर की दूरी पर आकर अपना रास्ता भटक गया। 

'मिशन का सिर्फ पांच प्रतिशत -लैंडर विक्रम और प्रज्ञान रोवर- नुकसान हुआ है, जबकि बाकी 95 प्रतिशत -चंद्रयान-2 ऑर्बिटर- अभी भी चंद्रमा का सफलतापूर्वक चक्कर काट रहा है।'

एक सितंबर को विक्रम लैंडर ऑर्बिटर से अलग हो जाएगा और चांद के दक्षिणी ध्रुव की तरफ यात्रा शुरू करेगा 5 दिन की यात्रा के बाद 6 सितंबर को विक्रम लैंडर चांद के दक्षिणी ध्रुव पर लैंड करेगा। लैंडिंग के करीब 4 घंटे बाद रोवर प्रज्ञान लैंडर से निकलकर चांद की सतह पर विभिन्न प्रयोग करने के लिए उतरेगा।