nitish kumar

भारतीय राजनीति के लिए साल 2020 अहम है। इस साल दो बड़े राज्यों में विधानसभा चुनाव होने हैं। दोनों ही राज्य देश की सियासत और केंद्र की सत्ता तक काबिज रहने के लिए भी बेहद अहम हैं।

झारखंड विधानसभा चुनाव नतीजों में झारखंड की सत्ता बीजेपी के हाथ से निकल चुकी है। यह हालत तब है जब कुछ महीने पहले पीएम नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में बीजेपी को मई 2019 के लोकसभा चुनावों में बंपर जीत मिली थी।

राजनीतिक दल अपने सांझा फायदों या राजनीति में अपनी भूमिका को मजबूत करने के लिए एक दूसरे से जुड़ते हैं। ऐसे में कई बार उनमें आपसी मदभेद आम होते हैं, लेकिन शनिवार को भारत में अलग अलग दलों के दो दिग्गज नेताओं की मित्रता का एक दृश्य देखने को मिला।

नागरिकता संशोधन कानून और एनआरसी के खिलाफ देश के कई हिस्‍सों में हो रहे विरोध प्रदर्शन के बीच बिहार के मुख्‍यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा है कि वह अपने राज्‍य में एनआरसी लागू नहीं करेंगे।

नागरिकता संशोधन विधेयक पर राष्ट्रपति की मुहर लगने के बाद यह कानून बन गया है। इस लेकर बिहार में सत्ताधारी जनता दल यूनाइटेड (जेडीयू) बंट गई है। जेडीयू नेता प्रशांत किशोर लगातार पार्टी के स्टैंड के खिलाफ बयान दे रहे हैं।

महान गणितज्ञ वशिष्ठ नारायण सिंह के निधन के बाद पटना मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल प्रशासन सवालों के घेरे में है। उनके परिजनों को ऐंबुलेंस के लिए एक घंटे तक इंतजार करना पड़ा था। इस कथित लापरवाही को लेकर बिहार की सियासत भी गरमा गई है।

बता दें कि सरकार ने केवल राजधानी पटना में 15 साल पुराने सभी कॉमर्शियल वाहनों को ही बैन किया है। इसके अलावा पूरे प्रदेश में निजी वाहनों के परिचालन पर रोक नहीं लगाई है।

बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने गुरुवार को साफ कर दिया कि उनकी जनता दल यूनाइटेड (जेडीयू) पार्टी भाजपा के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार में शामिल होने वाली नहीं है। वह पहले भी इस ऑफर को ठुकरा चुके हैं।