nitish kumar

बिहार विधानसभा चुनाव के पहले चरण के मतदान के लिए सोमवार को चुनाव प्रचार खत्म हो गया। चुनाव में जीत के लिए सभी राजनीतिक दलों ने पूरी ताकत झोंक दी है।

भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, राजद नेता तेजस्वी यादव और कई अन्य बड़े नेता विभिन्न विधानसभा क्षेत्रों में चुनावी रैलियां करके हवा का रुख अपने पक्ष में करने की कोशिश करेंगे।

बिहार के मुख्यमंत्री और जेडीयू प्रमुख नीतीश कुमार आज मुजफ्फरपुर के काटी विधानसभा में अपने प्रत्याशी मोहम्मद जमाल के समर्थन में जनसभा करने आये थे। जैसे ही सीएम नीतीश कुमार मंच पर पहुंचे मुर्दाबाद के नारे लगने लगे।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि बिहार के लोगों ने मन बना लिया है, ठान लिया है कि जिनका इतिहास बिहार को बीमारू बनाने का है, उन्हें आसपास भी नहीं फटकने देंगे।

पीएम मोदी के साथ मंच पर बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार होंगे तो राहुल के मंच पर महागठबंधन की ओर से मुख्यमंत्री का चेहरा घोषित किए गए तेजस्वी यादव कमान संभालेंगे।

बीजेपी के घोषणा पत्र में 19 लाख नौकरियों के वादे पर तेजस्वी ने कहा कि सरकारी नौकरी और रोजगार में काफी अंतर होता है।हम तो सरकारी नौकरी दे रहे हैं और समय भी बता रहे हैं कि पहली कैबिनेट मीटिंग में 10 लाख नौजवानों को नौकरी देंगे। जबकि बीजेपी तो अभी ये कह रही है कि हम रोजगार के अवसर खोजेंगे। इसका अर्थ तो सीधे-सीधे पकौड़ा बेचना भी हुआ।

नीतीश कुमार जनसभा को सम्बोधित करते हुए लालू की बहु एश्वर्या राय का जिक्र कर रहे थे। उन्होंने कहा कि पढ़ी-लिखी लड़की के साथ गंदा व्यवहार हुआ है।

बिहार के सीएम नीतीश कुमार ने आज गोपालगंज जिले के गांधी स्मारक उच्च विद्यालय भोरे में एनडीए प्रत्याशी सुनील कुमार और कुचायकोट के अमरेंद्र कुमार पांडेय उर्फ पप्पू पांडेय के समर्थन में आयोजित चुनावी सभा को संबोधित किया।

सवाल ये हैं कि आखिर योगी को भाजपा प्रचार अभियान का ट्रम्प कार्ड क्यों मानती है? योगी आदित्यनाथ में ऐसा क्या है, जिसकी वजह से उन्हें बार बार जनता को साधने के लिए प्रचारक के तौर पर उतारा जाता है?