smriti Irani

केरल में गर्भवती हथिनी की साजिश के तहत की गई हत्या पर अब राजनीति गरमाने लगी है। देश की दो बड़ी पार्टियां भाजपा और कांग्रेस के बीच अब आरोप- प्रत्यारोप का सिलसिला भी शुरू हो गया है। भाजपा ने सीधे राहुल गांधी को निशाने पर लिया है।

दिल्ली की कांग्रेस नेता अलका लांबा व एक अन्य धरना पटेल के खिलाफ यूपी के उन्नाव कोतवाली में आईटी एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज हुआ है।

बॉलीवुड एक्टर ऋषि कपूर आज पंचतत्व में विलीन हो गए। मुंबई के एच.एन अस्पताल में आज सुबह 8:45 बजे ऋषि कपूर ने आखिरी सांस ली थी। उनके जाने से आज पूरा देश दुखी है।

कोरोना वायरस के खिलाफ जारी युद्ध में अमेठी सांसद स्मृति ईरानी भी उतर आईं हैं। लॉकडाउन के दौरान बाकी लोगों की तरह वह भी नियमों के मुताबिक घर पर हैं लेकिन घर में बैठे-बैठे वायरस को फैलने से रोकने के लिए लोगों को जागरूक कर रही हैं।

कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने एलपीजी सिलेंडर की कीमत में बढ़ोतरी को लेकर गुरुवार को बीजेपी नेता और केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी पर निशाना साधा। उन्होंने ट्विटर पर स्मृति ईरानी की गैस सिलेंडर के साथ एक पुरानी फोटो शेयर की।

गांधी नेहरू परिवार के करीबी नेता में गिने जाने वाले कांग्रेस के विधान परिषद सदस्य दीपक सिंह ने मंगलवार को एक ट्वीट कर उससे दो निशाना साधा है। दीपक सिंह जहां बीजेपी द्वारा दिल्ली वालों को दो रुपए किलो आटा देने के वादे पर सवाल उठाया है वहीं इसी वादे केंद्रीय मंत्री एवं अमेठी सांसद स्मृति ईरानी पर तंज कसा है।

केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी की एक फोटो सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है। वो सड़क किनारे एक दुकान से समोसे, गुझिया, टिकिया और बालूशाही मिठाई खरीद रही हैं। जानकारी के अनुसार गुरुवार को स्मृति ईरानी अपने संसदीय क्षेत्र अमेठी के दौरे पर आईं थीं।

उन्होंने कहा देश में एक आक्रोश है के शाहीन बाग में आम आदमी पार्टी और वो राजनैतिक दल जो 2019 का लोकसभा चुनाव नही जीत पाए वो देश की तोड़ने की बातों का समर्थन कर रहे हैं। जनता जनार्दन के मध्य में देश विरोधी नारे दे रहे हैं।

कांग्रेस एमएलसी दीपक सिंह ने अमेठी के सीएमओ कार्यालय में भ्रष्टाचार का मुद्दा उठाया है। यो गी सरकार पर निशाना साधते हुए निर्माण कार्य में हुए घोर...

गोवंश संरक्षण के लिए सरकार के दावों की केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी के संसदीय क्षेत्र अमेठी में पोल खुल गई है। करोड़ों के बजट के बावजूद गोवंश गो आश्रय के बजाए खेतों में जाकर पेट भरने के चक्कर में मौत को गले लगा रहे हैं।