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पीड़िता का घर मुख्य और अन्य आरोपियों के घर से करीब 600 मीटर की दूरी पर है। यहां भी भारी संख्या में पुलिस बलों की मौजूदगी है, लेकिन यहां कोई नहीं आ रहा है। आरोपियों के परिजनों का कहना है कि उन्हें फंसाया जा रहा है।

घटना के बारे में पीड़िता के मामा का कहना है कि उन्हें सूचना मिली कि उनके बहनोई ने अपनी बेटी के साथ बलात्कार किया है इस सूचना पर वह यहां आए पुलिस में पीड़िता तथा उसकी मां को अपने साथ ले गए वहां उनका बयान हो रहा है|

मऊ जिले में वर्षो से फर्जी पासपोर्ट का धंधा पुलिस और खुफिया विभाग की मिली भगत से चल रहा था। जिसकी शिकायत मिलने पर एसपी मऊ अनुराग आर्य ने खुफिया तरीके से इसकी जांच शुरू कराई तो पता चला की इसके तार मऊ जनपद ही नहीं अन्य जनपदों में फैले हुए हैं।

अस्पताल के मेडिकल सुपरिटेंडेंट डॉक्टर सुनील गुप्ता ने बताया कि उन्नाव गैंगरेप पीड़िता को बुरी तरह से जलाया गया है। ऊपर से लेकर नीचे तक पीड़िता का पूरा शरीर जला हुआ है,उसकी ऐसी हालत है कि उसे पहचान पाना भी मुश्किल है।

इस मामले को लेकर कुछ लोगों को कहना है कि पुलिस ने बहुत अच्छा किया तो वहीं कुछ लोगों का कहना है कि किसी को भी कानून को हाथ में लेने का अधिकार नहीं है। देखा जाय तो ऐसे मामले देश में लगातार बढ़ रहे हैं तो देश में इसको लेकर अब कड़े कानून बनाने की भी मांग होने लगी है।

मीडिया से बातचीत के दौरान आईजी जोन एसके भगत ने पीड़िता का नाम लेकर उसकी पहचान उजागर कर दी। इतना ही नहीं आईजी भगत ने पीड़िता के परिवार वालों का भी नाम ले लिया। बता दें सुप्रीम कोर्ट का सख्त निर्देश है कि ऐसे मामले में पीड़िता व उसके परिवार की पहचान उजागर नहीं करना है।

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इसके अलावा पुलिस अधीक्षक जौनपुर रवि शंकर छवि को पुलिस अधीक्षक विमिन पावर लाइन 1090 बनाया गया है। आलोक कुमार तृतीय को पुलिस अधीक्षक जौनपुर बनाया गया है जबकि आलोक प्रियदर्शी को पुलिस अधीक्षक आंबेडकरनगर बनाया गया है। अमित कुमार प्रथम को पुलिस अधीक्षक हरदोई तथा विक्रांतवीर को पुलिस अधीक्षक उन्नाव बनाया गया है।

राजभवन लखनऊ उत्तर प्रदेश राज्य के राज्यपाल का आधिकारिक आवास है। यह राज्य की राजधानी लखनऊ में है। उत्तर प्रदेश की वर्तमान राज्यपाल आनंदीबेन पटेल हैं। प्रदेश का लखनऊ स्थित राजभवन लगभग 200 वर्ष पुराना है।