Mother Teresa Birth Anniversary: जब करना पड़ा था आलोचनाओं का सामना

ये सभी कार्य अमेरिका द्वारा धर्म परिवर्तन के लिए किया जाता था जो हमारे वैज्ञानिक राजीव दीक्षित जी भी बताये। राजीव दीक्षित जी को इसीलिए मरवा दिया गया जो सन्देह में है। राजीव दीक्षित के रिसर्च और व्याख्यान जरूर सुने।

लखनऊ: मदर टेरेसा की आज 109वीं जयंती है। 26 अगस्त 1910 को मेसिडोनिया के स्कोप्जे शहर में जन्मी मदर टेरेसा रोमन कैथोलिक नन थीं, जिन्होंने 1949 से भारतीय नागरिकता ले ली थी। टेरेसा ने गरीब, बीमार, अनाथ और मरते हुए लोगों की 45 सालों तक सेवा की।

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टेरेसा को अपने नेक काम के लिए कई सम्मान और पुरस्कारों से नवाजा गया। वेटिकन सिटी में पोप फ्रांसिस ने 09 सितम्बर 2016 को टेरेसा को संत की उपाधि से विभूषित किया था। हालांकि, ये बात बहुत कम लोगों को पता है, जब टेरेसा की आलोचना भी की गई।

जब झेलनी पड़ी थी आलोचना

कई व्यक्तियों, सरकारों और संस्थाओं के द्वारा उनकी प्रशंसा की जाती रही है।  मगर उन्होंने आलोचना का भी सामना किया है। इसमें कई व्यक्तियों, जैसे क्रिस्टोफ़र हिचेन्स, माइकल परेंटी, अरूप चटर्जी (विश्व हिन्दू परिषद) द्वारा की गई आलोचना शामिल हैं, जो उनके काम (धर्मान्तरण) के विशेष तरीके के विरुद्ध थे।

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इसके अलावा कई चिकित्सा पत्रिकाओं में भी उनकी धर्मशालाओं में दी जाने वाली चिकित्सा सुरक्षा के मानकों की आलोचना की गई और अपारदर्शी प्रकृति के बारे में सवाल उठाए गए, जिसमें दान का धन खर्च किया जाता था।

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ये सभी कार्य अमेरिका द्वारा धर्म परिवर्तन के लिए किया जाता था जो हमारे वैज्ञानिक राजीव दीक्षित जी भी बताये। राजीव दीक्षित जी को इसीलिए मरवा दिया गया जो सन्देह में है। राजीव दीक्षित के रिसर्च और व्याख्यान जरूर सुने।