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MP में बनेगी इनकी सरकार: ये होंगे मुख्यमंत्री, जल्द खत्म होगा सियासी घमासान

मध्य प्रदेश में सियासी घमासान जारी है। 18 साल कांग्रेस से जुड़े रहने के बाद ज्योतिरादित्य सिंधिया ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) का दामन थाम लिया है।

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ShreyaBy Shreya

Published on 17 March 2020 6:23 AM GMT

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लखनऊ: मध्य प्रदेश में सियासी घमासान जारी है। 18 साल कांग्रेस से जुड़े रहने के बाद ज्योतिरादित्य सिंधिया ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) का दामन थाम लिया है। जब सिंधिया ने कांग्रेस पार्टी का साथ छोड़ा है, तब से मध्य प्रदेश की राजनीति में उथल-पुथल मची हुई है। वहीं इस बीच राज्यपाल ने प्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ को फ्लोर टेस्ट के लिए पत्र भेजा था। वैसे तो ये फ्लोर टेस्ट कल विधानसभा सत्र शुरु होने के साथ ही होना था, लेकिन विधानसभा स्थगित होने के चलते विश्वास मत भी टल गया।

बहुमत साबित करे कमलनाथ सरकार- राज्यपाल

राज्यपाल लाल जी टंडन ने कमलनाथ सरकार से कहा है कि विधानसभा में अपना बहुमत साबित करें। और अगर किसी वजह से वो इस परीक्षा में फेल हो जाते हैं तो उसे अल्पमत माना जाएगा। वहीं राज्यपाल से मुलाकात के बाद बीजेपी ने कहा कि हमने राज्यपाल को सूचित किया है कि उनके आदेश का पालन नहीं हुआ है।

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संविधान के अनुसार ही होगी कार्रवाई

आपको बता दें कि भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने अपने सभी 106 विधायकों को राज्यपाल लाल जी टंडन के समक्ष पेश होने को कहा और साथ ही समर्थन की लिस्ट भी सौंपी। वहीं राज्यपाल लाल जी टंडन की तरफ से दोनों दलों को ये भरोसा दिलाया गया है कि वह संविधान के अनुसार ही कार्रवाई करेंगे। लाल जी टंडन ने कहा है कि विधायकों के अधिकारों का किसी भी तरह से हनन नहीं किया जाएगा। चाहे सरकार कुछ भी बोले।

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कमलनाथ सरकार फ्लोर टेस्ट से भाग रही

फिलहाल फ्लोर टेस्ट को लेकर सस्पेंस बरकरार है। वहीं इस पर नेता प्रतिपक्ष गोपाल भार्गव ने कहा कि कमलनाथ सरकार फ्लोर टेस्ट से भाग रही है। लेकिन बीजेपी के पक्ष में काफी संख्या बल है और अब कमलनाथ सरकार को गिरने के कागार पर है, उसे कोई नहीं बचा सकता।

बीजेपी कर रही रोड़ा बनने का काम

उधर कमलनाथ ने कहा कि स्पीकर को ही फ्लोर टेस्ट कराने का फैसला करना है, बीजेपी इसके बीच रोड़ा बनने का काम न करे। कमलनाथ ने कहा है कि जब बीजेपी को इतना भरोसा है तो हमारे 22 विधायकों को बेंगलुरु से वापस क्यों नहीं आने दे रही। इस पर गोपाल भार्गव ने कहा कि अगर BJP के पास संख्याबल है तो वह सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लेकर आए। उन्होंने ये भी कहा कि कमलनाथ को मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे देना चाहिए।

तो ये होंगे मुख्यमंत्री?

वहीं मध्य प्रदेश में चल रहे सियासी घमासान के बीच सबका सवाल है कि आखिर प्रदेश में किसकी सरकार बनेगी। क्या कमलनाथ ये फ्लोर टेस्ट पास कर पाएंगे। इस मामले में ऐसा माना जा रहा है कि फ्लोर टेस्ट के बाद कमलनाथ सरकार का पत्ता कट सकता है। जानकारी के मुताबिक, मध्य प्रदेश में कमलनाथ सरकार गिर सकती है और BJP वहां एक बार फिर से अपनी सत्ता खड़ी कर सकती है। बताया जा रहा है कि अगर BJP की सरकार बनती है तो एक बार फिर से शिवराज सिंह चौहान के हाथ में MP की कमान होगी।

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