अभी और इंतजार: सरकार ने लिया ये फैसला, आखिर ताज का दीदार कब

आगरा जिला प्रशासन ने ताजमहल, आगरा किला, अकबर का मकबरा और सिकंदरा जैसे आगरा के सभी संरक्षित स्मारकों में अभी आम दर्शकों के लिए अगले आदेश तक खोलने पर रोक लगा दी है।

लखनऊ। देश और दुनिया में मोहब्बत की निशानी के तौर पर प्रसिद्ध ताजमहल का दीदार करने के लिए अभी थोड़ा और इंतजार करना होगा। प्रदेश में बढ़ते कोरोना संक्रमण को देखते हुए आगरा के जिला प्रशासन ने ताज समेत अन्य एतिहासिक इमारतों को सोमवार 06 जुलाई से आम दर्शकों के लिए खोलने के फैसले पर फिलहाल रोक लगा दी है। कोरोना संक्रमण के कारण ताजमहल समेत आगरा के सभी एतिहासिक इमारते बीते 110 दिनों से आम दर्शकों के लिए बंद है।

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आगरा जिला प्रशासन ने लगाई रोक

आगरा जिला प्रशासन ने ताजमहल, आगरा किला, अकबर का मकबरा और सिकंदरा जैसे आगरा के सभी संरक्षित स्मारकों में अभी आम दर्शकों के लिए अगले आदेश तक खोलने पर रोक लगा दी है। यह सभी एतिहासिक इमारते आगरा के कोरोना कंटेनमेंट जोन में आ रहे हैं।

बता दे कि केंद्रीय संस्कृति मंत्री प्रह्लाद सिंह पटेल ने बीते शुक्रवार को कहा था कि भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) द्वारा संरक्षित सभी स्मारक छह जुलाई से आम जनता के लिए फिर से खोल दिए जायेंगे। प्रह्लाद पटेल ने ट्वीट करके कहा था कि उन्होंने संस्कृति मंत्रालय और एएसआई के साथ मिलकर सभी स्मारकों को छह जुलाई से फिर से खोलने का निर्णय लिया है।

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1500 लोगों को प्रवेश की इजाजत

हालांकि राज्य और जिला प्रशासन की अनुमति से ही ऐसा किया जाएगा। संस्कृति मंत्री ने कहा था कि इमारतों को खोले जाने के बाद यहां आने वाले सभी पर्यटकों से कोरोना प्रोटोकाल का पालन करवाया जायेगा। इसके साथ ही स्मारक के अधिकारी भी केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा जारी कोरोना वायरस से संबंधित सभी प्रोटोकॉल का पालन करेंगे। ऐसे में इन एतिहासिक स्थलों पर पर्यटकों के लिए मास्क पहनने और सोशल डिस्टेंसिंग का नियम बनाया गया है। फिलहाल भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) द्वारा संरक्षित जो स्मारक 6 जुलाई से जनता के लिए खोले गए है, उनमे केवल ई-टिकट से प्रवेश मिल रहा है और पर्यटकों की संख्या सीमित रखी जा रही है। दिल्ली में कुतुब मीनार और लाल किले में प्रति स्लॉट में अधिकतम 1500 लोगों को प्रवेश की इजाजत दी गयी है।

इससे पहले कोरोना वायरस संकट के मद्देनजर बीती 17 मार्च से केंद्र सरकार द्वारा संरक्षित 3,691 स्मारक और पुरातत्व स्थल बंद दिए गए थे। इनकी देखभाल एएसआई करता है। इससे पहले बीते जून माह में संस्कृति मंत्रालय ने एएसआई के रखरखाव वाले 3,000 से अधिक स्मारकों में से 820 ऐसे स्मारकों को खोल दिया था जहां धार्मिक समारोह होते हैं।

रिपोर्ट- मनीष श्रीवास्तव, लखनऊ

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