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बैंक अधिकारी कर रहे थे कैंडिडेट्स का वेरिफिकेशन, सामने आया ये सच तो रह गए दंग

उत्तर प्रदेश के रायबरेली से चौंकाने वाला मामला सामने आया है। यहां बड़ौदा उत्तर प्रदेश ग्रामीण बैंक मुख्यालय में दूसरे व्यक्ति की जगह एक दूसरा युवक कैशियर के पद पर ज्वाइन करने पहुंच गया। बैंक मैनेजर वेरिफिकेशन करने लगे तो आधार के जरिए उसकी धोखाधड़ी का राज खुला।

Dharmendra kumar

Dharmendra kumarBy Dharmendra kumar

Published on 18 Jan 2020 3:41 PM GMT

बैंक अधिकारी कर रहे थे कैंडिडेट्स का वेरिफिकेशन, सामने आया ये सच तो रह गए दंग
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रायबरेली: उत्तर प्रदेश के रायबरेली से चौंकाने वाला मामला सामने आया है। यहां बड़ौदा उत्तर प्रदेश ग्रामीण बैंक मुख्यालय में दूसरे व्यक्ति की जगह एक दूसरा युवक कैशियर के पद पर ज्वाइन करने पहुंच गया। बैंक मैनेजर वेरिफिकेशन करने लगे तो आधार के जरिए उसकी धोखाधड़ी का राज खुला। जिसके बाद मैनजर ने पुलिस को बुलाकर आरोपी युवक मनीष को उनके हवाले कर दिया।

प्रदेश में इंस्टीट्यूट ऑफ बैंकिंग पर्सनल सेलेक्शन (आईबीपीएस) से बैंकों में युवको को बैंक में नौकरी दी जा रही है। आईबीपीएएस से परीक्षा व अन्य प्रक्रिया पूरी होने के बाद बैंकों की डिमांड पर क्लर्क व अन्य पदों के लिए अभ्यर्थी उपलब्ध कराए जाते हैं।

बड़ौदा उत्तर प्रदेश ग्रामीण बैंक के 300 पदों को भरने के लिए आईबीपीएस से 800 अभ्यर्थी मिलने के बाद बायोमीट्रिक व अन्य जांच के साथ ही ज्वाइनिंग की प्रक्रिया चल रही है।

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शहर कोतवाली के सिविल लाइंस स्थित बैंक के हेड ऑफिस में अभ्यर्थियों के बायोमैट्रिक व शैक्षिक प्रमाण पत्रों की जांच के दौरान एक संदिग्ध युवक से पूछताछ शुरू की गई तो परत-दर-परत फर्जीवाड़े का खुलासा हो गया। बैंक के अधिकारी प्रशांत मिश्रा व राज कुमार पांडेय की सतर्कता से बिहार प्रांत के रामपुर एमी, सारण बिहार के अर्जुन कुमार युवक की जगह पर गाजियाबाद के रहने वाला मनीष कुमार नामक युवक अपनी बायोमेट्रिक और शैक्षिक योग्यता के प्रमाण पत्रों की जांच करवा रहा था।

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अधिकारियो को फॉर्म में लगी फोटो और युवक के चेहरे को लेकर संदेह हुआ तो उन्होंने युवक से कड़ाई से पूंछतांछ शुरू की, लेकिन वह टस से मस नहीं हुआ,फिर अर्जुन कुमार के आधार कार्ड के विवरण से उससे फोन पर बात की गई तो मामला खुला की जो युवक मौके पर है वह मनीष कुमार है। मामला सामने आने के बाद बैंक अधिकारियो ने मनीष नाम के मुन्ना भाई को पुलिस को सौंप दिया है।

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गौरतलब है की बैंक में दो दिन पूर्व भी बिहार के दो युवक को संदिग्ध को पकड़ कर पुलिस को सौंप दिया था। दो दिन पूर्व पकडे गए युवक बिहार के ग्राम कुबड़ा पोस्ट परिऔना, नूरसराय नालंदा निवासी कन्हैयालाल और बिहार के ही गोविंदपुर, बाईपास रोड पटना निवासी राजीव रंजन को हिरासत में लेकर पुलिस ने पूछताछ शुरू की तो पकड़े गए युवकों ने बताया कि उनके स्थान पर बिहार के ही विक्की कुमार उर्फ सुमित मथुरिया बिहार व ऋषी सिंह निवासी नूर सराय शरीफ नालंदा बिहार ने लिखित व मुख्य परीक्षा दी थी।

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