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ओपी सिंह का अगला CIC बनना तय, डीजी की अंतिम सूची में हितेश, विश्वकर्मा व आनंद

अगले डीजीपी के लिए अंतिम तौर पर तैयार सूची में हितेश चंद्र अवस्थी, आरके विश्वकर्मा और आनंदकुमार के नाम शामिल हैं। इस बैठक में मुख्य सचिव, अपर मुख्य सचिव गृह और एक अन्य सेवारत अति वरिष्ठ आईएएस अफसर शामिल थे।

राम केवी

राम केवीBy राम केवी

Published on 18 Jan 2020 3:38 PM GMT

ओपी सिंह का अगला CIC बनना तय, डीजी की अंतिम सूची में हितेश, विश्वकर्मा व आनंद
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योगेश मिश्र

लखनऊः उत्तर प्रदेश के पुलिस महानिदेशक डीजीपी ओपी सिंह का राज्य का अगला मुख्य सूचना आयुक्त CIC होना लगभग तय है। फिलहाल ओपी सिंह के सेवाविस्तार की संभावनाएं क्षीण हो गई हैं, लेकिन 31 जनवरी को ओपी सिंह की सेवानिवृत्ति से ठीक चार दिन बाद शुरू होने वाले डिफेंस एक्सपो के मद्दे नजर नए डीजीपी की तैनाती एक्सपो के बाद होने की उम्मीद बढ़ चली है। हालांकि राज्य सरकार की ओर से नए डीजीपी की तैनाती के लिए सात अफसरों की सूची पर विचार किया गया।

अगले डीजीपी के लिए अंतिम तौर पर तैयार सूची में हितेश चंद्र अवस्थी, आरके विश्वकर्मा और आनंदकुमार के नाम शामिल हैं। इस बैठक में मुख्य सचिव, अपर मुख्य सचिव गृह और एक अन्य सेवारत अति वरिष्ठ आईएएस अफसर शामिल थे। राज्य सरकार के अफसरों की मीटिंग में इनके अलावा आरपी सिंह, सुजानवीर सिंह, जीएल मीणा, विश्वजीत महापात्र के नाम पर भी विचार किया गया लेकिन जीएल मीणा को हाल फिलहाल जेल के मामले में सरकार की नाराजगी झेलनी पड़ी थी। 20 फरवरी को मुख्य सूचना आयुक्त के पद से जावेद उस्मानी सेवानिवृत्त हो रहे हैं लिहाजा उनसे पहले नए मुख्य सूचना आयुक्त की तैनाती जरूरी है।

डीजी के स्तर पर ओपी सिंह और महेंद्र मोदी ने मुख्य सूचना आयुक्त के लिए आवेदन किया था महेंद्र मोदी भी डीजी के पद पर पहुंच गए हैं। हालांकि उनके आवेदन पत्र को सरकार ने एनओसी नहीं दिया है। ओपी सिंह के आवेदन पत्र को एनओसी दे दी गई है।

अंतिम तौर पर तैयार सूची

डीजीपी की रेस में सबसे आगे 1985 बैच के आईपीएस हितेश चंद्र अवस्थी का नाम चल रहा है। हितेश चंद्र अवस्थी वर्तमान में सतर्कता अधिष्ठान के डीजी के पद पर कार्यरत हैं और वह जून 2021 में सेवानिवृत्त होंगे। वह लंबे समय तक सीबीआई में भी तैनात रहे हैं।

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दूसरे नंबर पर आरके विश्वकर्मा का नाम है। वह 1988 बैच के आईपीएस हैं। आरके विश्वकर्मा उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती और प्रोन्नति बोर्ड के डीजी पद पर तैनात हैं। विश्वकर्मा की गिनती भी तेजतर्रार आईपीएस अफसरों में की जाती है। इसी तरह तीसरे नंबर पर आनंद कुमार का नाम है वह 1988 बैच के आईपीएस हैं। वर्तमान में मे जेल और प्रशासनिक सुधार विभाग के डीजी हैं। वह 2024 में रिटायर होंगे। वह तमाम प्रमुख पदों पर रह चुके हैं।

इनके नामों पर भी हुआ विचार

वर्तमान में उत्तर प्रदेश पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा (डीजी इकनॉमिक ऑफेंसेज विंग) के महानिदेशक पद पर तैनात, 1987 बैच के आईपीएस अफसर राजेंद्र पाल सिंह का नाम भी यूपी के डीजीपी बनने की रेस में है। आरपी सिंह फरवरी 2023 में रिटायर होंगे। आरपी सिंह के पास वर्तमान में ईओडब्ल्यू के अलावा एसआईटी का भी चार्ज है। इस समय यूपीपीसीएल पीएफ घोटाले की जांच भी उन्हीं के नेतृत्व में हो रही है।

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1986 बैच के आईपीएस सुजानवीर सिंह का नाम भी रेस में है। वह वर्तमान में डीजी ट्रेनिंग के पद पर तैनात हैं। इस दौड़ में शामिल 1987 बैच के आईपीएस गोपाल लाल मीणा वर्तमान में डीजी मानवाधिकार के पद पर तैनात हैं। 1987 बैच के ही आईपीएस बिस्वजीत महापात्र वर्तमान में डीजी रुल्स एंड मैनुअल्स के पद पर तैनात हैं।

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ओपी सिंह ने डीजीपी सुलखान सिंह के सेवानिवृत्त होने के बाद 31 दिसंबर 2017 को यह पद संभाला था। ओपी सिंह 1983 बैच के आईपीएस अधिकारी हैं। वह डीजी सीआईएसएफ के पद पर भी रह चुके हैं।

राम केवी

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