गोरखपुर में तेजी से बढ़ रहे कोरोना के केस, अब तक 61 मरीज मिले, 4 की मौत

वैश्विक महामारी कोरोना के पॉजिटिव केस के आंकड़े बढ़ते जा रहे हैं। गोरखपुर मंडल में अब तक कुल 61 पॉजिटिव केस आए हैं, इनमें 4 की डेथ हुई है। एक डेथ का फाइनल टेस्‍ट करने के बाद ही उसकी फाइनल स्थिति स्‍पष्‍ट हो पाएगी।

Published by Aditya Mishra Published: May 21, 2020 | 3:05 pm
Modified: May 21, 2020 | 3:06 pm

गोरखपुरः वैश्विक महामारी कोरोना के पॉजिटिव केस के आंकड़े बढ़ते जा रहे हैं। गोरखपुर मंडल में अब तक कुल 61 पॉजिटिव केस आए हैं, इनमें 4 की डेथ हुई है। एक डेथ का फाइनल टेस्‍ट करने के बाद ही उसकी फाइनल स्थिति स्‍पष्‍ट हो पाएगी।

गोरखपुर मंडल में लगातार कोरोना पॉजिटिव मरीजों के आंकड़े बढ़ते जा रहे हैं। इसे लेकर जिला प्रशासन और स्‍वास्‍थ्‍य विभाग पूरी तरह से अलर्ट है।

गोरखपुर मंडल के कमिश्‍नर जयंत नार्लिकर ने बताया कि गोरखपुर मंडल में अब तक कुल 61 पॉजिटिव केस आए हैं। अभी तक 4 कंफर्म डेथ हुई है। वहीं एक डेथ का फाइनल टेस्‍ट होने के बाद ही स्थिति स्‍पष्‍ट हो पाएगी।

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कोरोना से जंग में 2000 बेड तैयार 

कमिश्‍नर ने बताया कि कमिश्‍नरी में 2000 बेड तैयार कर लिए हैं। उन्‍होंने कहा कि मानवीय और चिकित्‍सीय संसाधनों को हम पूरा करने के लिए तैयार हैं। इस संक्रमण से बचाव कर पाने की उम्‍मीद है। ये संक्रमण ज्‍यादातर बाहर से आए लोगों से माइग्रेट हुआ है।

जयंत नार्लिकर ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में चारों जनपदों में बहुत ज्‍यादा आवश्‍यक है कि लोग घरों में रहें. जरूरी होने पर ही घरों से बाहर निकलें। उन्‍होंने बताया कि उन्‍होंने चारों जनपदों में स्‍क्रीनिंग की है।

आने वाले तीन सप्‍ताह तक नियंत्रण, संयम और बाहर बेवजह न निकलें. जो आवश्‍यक सेवाओं और वस्‍तुओं के लिए दुकानें खोली गई हैं। लेकिन, इसके बावजूद हमें बहुत ज्‍यादा निगरानी और सतर्क रहने की जरूरत है।

जब उनसे सवाल किया गया कि कल सुबह तक गोरखपुर जिले में दो की मौत और एक्टिव केस 22 और पॉजिटिव कुल केस 27 रहे हैं। इसके बाद जब शाम को तीसरी डेथ होती है, तो पॉजिटिव केस एक बढ़कर 28 हो जाते हैं। एक्टिव केस भी 22 ही रहते हैं. जबकि उसे तो 27 ही रहना चाहिए।

तीन की रिपोर्ट निगेटिव आने पर उन्‍हें डिस्‍चार्ज किया जा चुका है। तो ‘क्‍या ऐसे भी लोग सामने आ रहे हैं, जिनके पॉजिटिव होने का कोई रिकार्ड नहीं मिल रहा है। इस सवाल के जवाब में उन्‍होंने पॉजिटिव केस के 27 के डेटा को सिरे से खारिज कर‍ गोलमोल टोटल डेटा का हवाला देने लगे। वे कहते हैं कि क्रमशः लोगों को रिलीज भी करते जा रहे हैं।

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कोविड पेशेंट के लिए खुलेंगे रेलवे अस्पताल के दरवाजे

जयंत नार्लिकर ने बताया कि लेटेस्‍ट रिपोर्ट में 15 लोगों को डिस्‍चार्ज कर चुके हैं, 61 पेशेंट अभी गोरखपुर मंडल के हैं। उन्‍होंने बताया कि रेलवे अस्‍पताल को भी कोविड पेशेंट के लिए खोलने जा रहे हैं।

नानक्रिटिल केस को रेलवे अस्‍पताल में रखेंगे। क्रिटिकल केस को बीआरडी में रखेंगे। उन्‍होंने बताया कि डेथ की बात है, तो उसमें 4 के अलावा एक अन्‍य जो बताया जा रहा है, उनमें तीन ब्रॉड डेथ हैं।

वे कहते हैं कि किसी भी पेशेंट को मना नहीं करते हैं। कुछ केस ऐसे हैं जो को-मॉर्बिटी का केस है। जिसमें पेशेंट की हेल्‍थ कंडीशन और पूअर हेल्‍थ हिस्‍ट्री रही है। उसके अनुसार जब वो आता है, तो वो ब्रॉड डेड होता है या फिर रास्‍ते में उसकी डेथ होती है। ऐसे में हम उसकी जांच करते हैं। उनके साथ आने वाले लोगों का भी हम कोरोना टेस्‍ट करते हैं।

कमिश्‍नर जयंत नार्लिकर से जब फिर पूछा गया कि तीसरे केस को गोरखपुर जिले के कुल पॉजिटिव 27 केस में शामिल नहीं किया गया था, तो उन्‍होंने बताया कि टेस्टिंग के दो सिस्‍टम को फालो किया जा रहा है. एक टेस्‍ट सीबी-मार्ट मशीन से करते हैं।

उसके बाद स्‍क्रीनिंग करते हैं. ये थोड़ा टेक्निकल है।  कभी-कभी आवश्‍यकता पड़ने पर आईटीपीसीआर से कंफर्मेशन लेते हैं. वो स्‍क्रीनिंग में पॉजिटिव आया है, आईटीपीसीआर का रिजल्‍ट आ जाएगा, उसके बाद ही वे कंफर्मेशन करेंगे।

रिपोर्ट: गौरव त्रिपाठी

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