अनामिका केस में बड़ा खुलासा, पकड़ा गया मास्टरमाइंड का भाई, रहस्यों से उठेगा पर्दा

प्रदेश के कई जिलों के कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय स्कूलों में फर्जी दस्तावेजों के आधार पर शिक्षक की नौकरी करने वाली अनामिका शुक्ला प्रकरण में पुलिस ने जांच का दायरा बढ़ा दिया है। इसी का नतीजा है कि अब कासगंज पुलिस के हाथ बड़ी कामयाबी लगी है।

लखनऊ: प्रदेश के कई जिलों के कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय स्कूलों में फर्जी दस्तावेजों के आधार पर शिक्षक की नौकरी करने वाली अनामिका शुक्ला प्रकरण में पुलिस ने जांच का दायरा बढ़ा दिया है। इसी का नतीजा है कि अब कासगंज पुलिस के हाथ बड़ी कामयाबी लगी है।

पुलिस ने इस फर्जीवाड़े का ताना बाना बुनने वाले मास्टरमाइंड के भाई को गिरफ्तार किया है। जो कि पेशें से एक शिक्षक है। पुलिस ने उसे मैनपुरी से अरेस्ट किया है। गुरुवार को पुलिस उसे सोरों कोतवाली लेकर आई।

बता दें कि कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय फरीदपुर में अनामिका शुक्ला के नाम पर नौकरी कर रही फर्रुखाबाद की सुप्रिया को पुलिस ने अरेस्ट किया था।

जब उससे पूछताछ हुई तो उसने मैनपुरी निवासी राज और अमरकांत के नाम बताए। साथ में ये भी बताया कि राज ने उसको अनामिका के दस्तावेज डेढ़ लाख रुपये में बेचे थे।

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जसवंत के दस्तावेज भी फर्जी होने की आशंका

पुलिस को अंदेशा है कि जसवंत की नौकरी में लगे डाक्यूमेंट्स भी नकली हो सकते हैं। वहीं जब प्रदेश भर में अनामिका नाम से नौकरी करने वाली फर्जी शिक्षिकाओं के बारें में पता चला तो गोंडा में असली अनामिका वहां बीएसए के सामने पेश हो गई। वो आज तक कोई नौकरी नहीं कर रही है।

जबकि मास्टरमाइंड शिक्षक के तार गोंडा के कॉलेजों से भी जुड़े हैं। वो घर बैठे गोंडा से डिग्री दिलाने में भी माहिर बताया जा रहा है। बताया गया कि वह सुप्रिया को नौकरी दिलाने के बाद गोंडा के एक कॉलेज से बीएड भी करा रहा था।

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उधर जांच के दौरान फर्जी शिक्षिका के पिता ने भी बताया कि बेटी गोंडा से बीएड कर रही है। इसमें भी मास्टर माइंड शिक्षक का ही नाम आ रहा है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार शिक्षक सुप्रिया के बीएड कर लेने के बाद उसे असली नाम से ही नौकरी दिलाने के जुगाड़ में था। लेकिन सुप्रिया की गिरफ्तारी से सारे मंसूबों पर पानी फिर गया।

पुलिस के लिए सबसे परेशान करने वाली बात ये है कि मास्टरमाइंड शिक्षक है, लेकिन उसकी कोई फोटो आदि न होने से पहचान नहीं हो पा रही है। जिसके बाद उसकी तलाश में कासगंज पुलिस मैनपुरी में है।

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मास्टर माइंड का भाई भी नकली दस्तावेजों पर कर रहा नौकरी

मास्टरमाइंड के भाई जसवंत को मैनपुरी में गिरफ्तार कर लिया है। उससे पूछताछ में जानकारी मिली कि वह भी वैभव के फर्जी नाम व दस्तावेजों के सहारे कन्नौज के एक स्कूल में नौकरी कर रहा है। उसने यह भी खुलासा किया कि गिरफ्तार की गई सुप्रिया जिस मास्टरमाइंड का नाम राज बता रही थी उसका असली नाम पुष्पेंद्र है और यह गुरूजी के नाम से जाना जाता है।

पूछताछ में यह भी पता चला है कि पुष्पेंद्र, फर्जी डिग्रियों से लोगों को शिक्षक की नौकरी दिलाने का गिरोह चलाता है। कासगंज पुलिस अधीक्षक सुशील घुले का कहना है कि पुलिस पूरे मामले की पड़ताल कर रही है।

एसओजी के साथ सर्विलांस टीम लगी है। सोरो थाना पुलिस भी तहकीकात कर रही है। जल्द आरोपितों को पकड़ कर फर्जीवाड़े का खुलासा किया जाएगा। इसके अलावा अनामिका शुक्ला की फर्जी नौकरी के मामले में राज्य परियोजना कार्यालय ने विभाग से पूरी आख्या मांगी गई है। सभी अभिलेखों का ब्यौरा भी तलब किया गया है।

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