UP में बाढ़ का कहर: पानी में डूबे कई गांव, तटबंध कटने से मचा हाहाकार

प्रदेश के राहत आयुक्त संजय गोयल का कहना है कि प्रदेश में वर्तमान में सभी तटबंध सुरक्षित है। प्रदेश में बाढ़ के संबंध में लगातार मानीटरिंग की जा रही है।

लखनऊ: प्रदेश में बाढ़ अपना दायरा बढ़ाती जा रही है। मौजूदा समय में यूपी के 16 जिलों के 777 गांव बाढ़ से प्रभावित है। पलिया कला लखीमपुर खीरी में शारदा नदी, तुर्तीपार बलिया में सरयू नदी, बर्डघाट गोरखपुर में राप्ती नदी और नदी एल्गिनब्रिज बाराबंकी और अयोध्या में सरयू (घाघरा) नदी खतरे के निशान से ऊपर बह रही है। हालांकि प्रदेश के राहत आयुक्त संजय गोयल का कहना है कि प्रदेश में वर्तमान में सभी तटबंध सुरक्षित है। प्रदेश में बाढ़ के संबंध में लगातार मानीटरिंग की जा रही है। कहीं भी किसी प्रकार की चिंताजनक परिस्थिति नहीं है।

मंत्रियों ने किया बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का दौरा

गोयल ने मंगलवार को बताया कि गन्ना मंत्री सुरेश राणा और जलशक्ति राज्यमंत्री बलदेव औलख ने आज बस्ती, आजमगढ़ गोण्डा और बहराइच जिलों का दौरा किया। इस दौरान मंत्रियों ने राहत कार्य, स्वास्थ्य, बचाव दल की उपलब्धता तथा बाढ़ के संबंध में समस्त तैयारियों के बारे में इन जिलों के जिलाधिकारी तथा अन्य अधिकारियों के साथ गहन समीक्षा की और प्रभावित क्षेत्रों का स्थलीय निरीक्षण कर कमियों को तत्काल ठीक करने के निर्देश दिये। उन्होंने बताया कि आजमगढ़ के सगड़ी तहसील में घाघरा की सहायक नदी छोटी सरजू के तटबंध में करीब 25 मीटर का बीच आ गया है।

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जिसके कारण ग्राम पंचायत टेकनपुर के तीन राजस्व गांव टेकनपुर, छपिया, सहसपुर समेत 12 अन्य गांवों में लगभग 558 हेक्टेयर में पानी भर गया है। अभी गांवों की आबादी में घरों में पानी नहीं भरा है। आबादी क्षेत्र के निचले हिस्से जैसे स्कूल आदि में जलभराव की सूचना प्राप्त हुई हैं जिला प्रशासन द्वारा पशुओं के लिए चारे की व्यवस्था कर ली गई है तथा आश्रय स्थल भी तैयार कर लिए गए है। गांव में फॉगिंग और छिड़काव कि व्यवस्था चल रही है। आवागमन के लिए पर्याप्त नाव लगा दी गई है। भोजन आदि की व्यवस्था कर ली गई है। बंधे के रिपेयर के लिए पर्याप्त मैटेरियल व मैनपॉवर के माध्यम से तेजी से कार्य करवाया जा रहा है, जिसके आज देर रात्रि तक पूरा होने की संभावना है।

सीएम योगी ने दिए बाढ़ प्रभावित क्षेंत्रों के लिए निर्देश

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राहत आयुक्त ने बताया कि प्रदेश के बाढ़ प्रभावित जिलों में सर्च और रेस्क्यू के लिए एनडीआरएफ, एसडीआरएफ तथा पीएसी की कुल 16 टीमें तैनात की गयी है। 1129 नावें बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में लगायी गयी है। बाढ़ और अतिवृष्टि की आपदा से निपटने के लिए बचाव व राहत प्रबन्धन के सम्बन्ध में विस्तृत दिशा निर्देश जारी किये जा चुके है। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बाढ़ प्रभावित जिलों के अधिकारियों को निर्देश दिया है कि तटबंधों तथा बांधों का निरीक्षण तथा तटबंधों को सुरक्षित करने के उपाय समय से सुनिश्चित किये जायें। जिलों द्वारा ऊपरी क्षेंत्रों में स्थित विभिन्न बांधों व जलाशयों से पानी छोड़ें जाने की सूचना की निरन्तर जानकारी रखी जाये। मुख्यमंत्री ने बाढ़ प्रभावित जिलों के जिलाधिकारियों को निर्देश दिये है कि बाढ़ राहत कार्यों की शीर्ष प्राथमिकता पर किया जाये।

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गोयल ने बताया कि बाढ़ पीड़ित परिवारों को 17 प्रकार की सामग्री वाली खाद्यान्न किट का वितरण कराया जा रहा है। उन्होंने बताया कि अब तक राहत सामग्री के तौर पर 10 हजार 090 खाद्यान्न किट, 64 हजार 154 फूड पैकेट व 81 हजार 428 मीटर तिरपाल का वितरण किया जा चुका है। उन्होंने बताया कि बाढ़ प्रभावित जिलों में 208 मेडिकल टीम लगायी गयी हैं। बाढ़ की आपदा से निपटने के लिए प्रदेश में 151 बाढ़ शरणालय तथा 653 बाढ़ चैकी स्थापित की गयी है। प्रदेश में 114 पशु शिविर स्थापित किये गये है तथा 04 लाख 74 हजार 795 पशुओं का टीकाकरण भी किया गया हैं। आपदा से निपटने के लिए जिला व राज्य स्तर पर आपदा नियंत्रण केन्द्र की स्थापना की गयी है।

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