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सामने आई सच्चाई: 7 दिन में खत्म हुआ विकास का खेल, ऐसे हुई पूरी वारदात

कानपुर में 8 पुलिसकर्मियों की हत्या के आरोपी माफिया विकास दुबे जिनके ऊपर 5 लाख का इनाम भी था, को आज सुबह पुलिस ने एनकांउटर में मार गिराया है।

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NewstrackBy Newstrack

Published on 10 July 2020 7:44 AM GMT

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कानपुर। कानपुर में 8 पुलिसकर्मियों की हत्या के आरोपी माफिया विकास दुबे जिनके ऊपर 5 लाख का इनाम भी था, को आज सुबह पुलिस ने एनकांउटर में मार गिराया है। यूपी एसटीएप की टीम ने माफिया विकास दुबे को जब मध्य प्रदेश से कानपुर लेकर आ रही थी, तो जिस गाड़ी में माफिया विकास बैठा था, उसका एक्सीडेंट हो गया। इस पर पुलिस ने जानकारी देते हुए बताया कि हादसे का फायदा उठाकर माफिया विकास ने भागने की कोशिश की, जिसके चलते उसका एनकाउंटर हो गया।

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उज्जैन में गुरूवार को गिरफ्तार किया

इस कड़ी में कानपुर के एसएसपी दिनेश कुमार प्रभु ने बताया कि एसटीएफ की गाड़ी दुर्घटनाग्रस्त हुई थी। इस दौरान आरोपी विकास दुबे ने कार में सवार पुलिसकर्मी की पिस्टल छीनकर फायरिंग करते हुए भागने की कोशिश की।

इसी बीच एसटीएफ की दूसरी गाड़ियां वहां पहुंच गईं और पुलिस की जवाबी फायरिंग में विकास दुबे को गोली लगी। उधर, पता चला है कि 4 पुलिसकर्मी घायल हुए हैं, इनमें एक इंस्पेक्टर, एक एएसआई और दो सिपाही शामिल हैं।यूपी के जाने-माने अपराधी विकास दुबे को उज्जैन में गुरूवार को गिरफ्तार किया गया था।

यूपी की एसटीएफ टीम के साथ जिस गाड़ी में विकास दुबे था, उसका कानपुर तक मीडिया की कई गाड़ियों ने पीछा किया था। लेकिन एनकाउंटर वाली जगह से करीब एक किलोमीटर पहले ही मीडिया की गाड़ियों को रोक दिया गया और चेकिंग की जा रही थी। इसके तुरंत बाद एसटीएफ की गाड़ियों के पलटने की खबर आई और ताबड़तोड़ गोलियों की आवाजें आने लगी।

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गैंगस्‍टर विकास दुबे के मारे जाने की पुष्टि

यूपी एसटीएफ की टीम विकास दुबे को शुक्रवार सुबह उज्‍जैन से ला रही थी, तभी उसकी कार दुर्घटनाग्रस्त हो गई है। इस दौरान आरोपी विकास दुबे ने कार में सवार पुलिसकर्मी की पिस्टल छीनकर फायरिंग करते हुए भागने की कोशिश की।

इसी बीच एसटीएफ की दूसरी गाड़ियां वहां पहुंच गईं और पुलिस की जवाबी फायरिंग में विकास दुबे को गोली लगी। इसके बाद कानपुर के आईजी मोहित अग्रवाल ने भी गैंगस्‍टर विकास दुबे के मारे जाने की पुष्टि कर दी है।

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बताई पूरी दास्तां

इसके चलते एसएसपी दिनेश कुमार ने बताया कि विकास दुबे को ला रही गाड़ियों के पीछे कुछ मीडिया की गाड़ियां लगी हुई थीं। यह लगातार पुलिस के काफिले का पीछा कर रही थीं। जिसकी वजह से गाड़ी तेज़ भगाने की कोशिश की गई। बारिश तेज़ थी इसलिए गाड़ी पलट गई।

एसएसपी के अनुसार, इस मौके का फायदा उठाकर विकास दुबे भागने की कोशिश में था। हमारे एसटीएफ जवान इस गाड़ी को पीछे से फॉलो कर रहे थे। उन्होंने कॉम्बिंग की। फायरिंग हुई और सेल्फ डिफेंस में विकास दुबे पर गोली चलाई गई, जिससे वह मारा गया।

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