इस मंदिर में प्रार्थना करने से टल जाती है मौत, पूरी होती है सभी मनोकामना

इस धरती पर जिसने जन्म लिया है उसे यहां से जरूर जाना है। यह सत्य है और इसे कोई झूठ साबित नहीं कर सकता। लेकिन एक ऐसे भगवान है जिनके दरबार में जाने से आपकी मौत तक टल जाती है। ये एक ऐसा ही मंदिर जहां पर की हुई प्रार्थना कभी खाली नहीं जाती है।

नई दिल्ली: इस धरती पर जिसने जन्म लिया है उसे यहां से जरूर जाना है। यह सत्य है और इसे कोई झूठ साबित नहीं कर सकता। लेकिन एक ऐसे भगवान है जिनके दरबार में जाने से आपकी मौत तक टल जाती है। ये एक ऐसा ही मंदिर जहां पर की हुई प्रार्थना कभी खाली नहीं जाती है।

आईए सावन में हम भारत के इस प्रसिद्ध मंदिर के बारे में बताते हैं। इस मंदिर में जाने से मौत भी आपके दरवाजे से लौट जाएगी।

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यह भगवान मार्कंडेय महादेव का मंदिर। इस मंदिर के कण-कण में भगवान भोलेनाथ समाए हुए हैं। इस मंदिर में प्रार्थना करने से आपका भाग्य तक बदल सकता है। यह मंदिर वाराणसी से करीब 30 किमी की दूरी पर गंगा किनारे स्थिति है। यहीं पर पवित्र नदी गंगा और गोमती का संगम भी होता है। इन्ही नदियों के संगम पर बसे कैथी गांव में यह मंदिर स्थित है। इस मंदिर बारे में एक पौराणिक कथा प्रचलित है। यह इस मंदिर के निर्माण की भी कथा है।

कहा जाता है कि बहुत साल पहले किसी व्यक्ति ने ऋषि एवं उनकी पत्नी पर तंज कसा कि बगैर पुत्र के उनका परिवार आगे नहीं बढ़ सकता। इससे आहत होकर ये ऋषि दम्पत्ति विंध्याचल चले गए। जहां उन्होंने ब्रह्म देव की तपस्या की। तब ब्रह्माजी ने उन्हें बताया कि स्वयं महादेव ही उनके भाग्य को बदल सकते हैं।

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इसके बाद ये ऋषि कैथी गांव आए और वहां उन्होंने कई सालों तक भगवान शिव की तपस्या की। उनकी तपस्या से प्रसन्न होकर भगवान शिव ने उन्हें वरदान दिया कि उनका पुत्र होगा, पर वह सिर्फ 12 साल तक ही जीवित रहेगा।

इसके बाद ऋषि के घर एक पुत्र मार्कंडेय का जन्म हुआ। जब मार्कंडेय को उनकी उम्र के बारे में पता चला, तो उन्होंने भी शिव की आराधना की। जिसके बाद भगवान शिव ने उन्हें दीर्घायु प्रदान की। तब से इस शिव मंदिर का नाम मार्कंडेय महादेव मंदिर पड़ गया। तब से ही ऐसा माना जाता है कि यहां भगवान की प्राथना करने से वे अकाल मृत्यु का संकट टाल देते हैं और भक्त को दीर्घायु का वरदान देते हैं। यहां हर साल लाखों श्रद्धालु तप करने और भगवान शिव के दर्शनार्थ आते हैं। यहां देश और दुनिया हर साल लाखों लोग आते हैं।

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मार्कंडेय महादेव के मंदिर में हर महीने की त्र्योदशी के दिन दूर से दूर लोग जल चढ़ाने आते हैं। वैसे इस मंदिर में प्रतिदिन दर्शन औ पूजा के लिए हैं। सावन में यहां काफी भीड़ होती है।