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बजट में किसानों, नौजवानों और मजदूरों के लिए कुछ नहीं: रालोद

उन्होंने कहा कि केन्द्र सरकर को जन सरोकार से मतलब नहीं है। देश की जनता के साथ अनाथों की तरह व्यवहार किया जा रहा है। किसानों के साथ छल का अभियान चल रहा है।

Manali Rastogi

Manali RastogiBy Manali Rastogi

Published on 5 July 2019 2:10 PM GMT

बजट में किसानों, नौजवानों और मजदूरों के लिए कुछ नहीं: रालोद
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लखनऊ: राष्ट्रीय लोकदल (रालोद) ने शुक्रवार को कहा कि केन्द्र सरकार के बजट में किसानों, नौजवानों और मजदूरों के लिए कुछ भी नहीं है। इसलिए यह जुमला बजट है।

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रालोद के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. मसूद अहमद ने शुक्रवार को पेश केन्द्रीय बजट पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की सरकार ने खजाने को भरने वाले मूल्यवान प्रतिष्ठानों, कारखानों का निजीकरण करने के लिए लगातार कदम बढ़ा रही है। यह सरकार जनहित में नहीं कॉरपोरेट घरानों के संरक्षण में सक्रिय है। केन्द्र सरकार का बजट 'जुमला' बजट है, जिसमें किसानों, नौजवानों तथा मजदूरों के लिए कुछ नहीं है।

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उन्होंने कहा कि केन्द्र सरकर को जन सरोकार से मतलब नहीं है। देश की जनता के साथ अनाथों की तरह व्यवहार किया जा रहा है। किसानों के साथ छल का अभियान चल रहा है।

डॉ. अहमद ने कहा कि अच्छा राजस्व देने वाले हवाई अड्डों का निजीकरण कर घाटा बढ़ाया जा रहा है। जब केन्द्र सरकार के खजाने में पैसा ही नहीं रहेगा तो बेरोजगारों के लिए रोजगार कहा से आयेगा।

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फायदे में चल रहे सार्वजनिक क्षेत्र के रेल कोच कारखानें, रेलवे स्टेशन, थर्मल पॉवर प्लाण्टों के निजीकरण की चल रही तेज प्रक्रिया यह बता रही है कि देश को पूंजीपतियों के हवाले करने का षडयंत्र किया जा रहा है। इसलिए राष्ट्रीय लोकदल किसानों, बेरोजगारों, कामगारों, शोषित, पीड़ित और वंचित वर्गों को निराश करने वाले बजट की निंदा करता है।

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