देश को कमजोर कर देंगे एनआरसी व सीएबी बिल: एआईएमआईएम

लखनऊ के हुसैनाबाद स्थित घंटाघर पर भारी संख्या में प्रदर्शन कर रहे एआईएमआईएम कार्यकर्ताओं का नेतृत्व कर रहे एआईएमआईएम के जिलाध्यक्ष काशिफ अहमद ने कहा कि सीएबी व एनआरसी दोनों ही बिल मुसलमान के मुखालफत में हैं और ये बिल इस बात को बताते हैं कि भाजपा हुकूमत पूरी तरह से फेल हो चुकी है और वह लोकतंत्र की हत्या करने पर अमादा है।

Published by SK Gautam Published: December 13, 2019 | 8:35 pm
Modified: December 13, 2019 | 8:36 pm
NRC लागू नहीं करेंगे: जानें क्या कहते हैं इन राज्यों के मुख्यमंत्री

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लखनऊ: नागरिकता संशोधन विधेयक का विरोध अब प्रदेश की राजधानी लखनऊ में शुरू हो गया। एआईएमआईएम की लखनऊ इकाई ने एनआरसी व सीएबी दोनों ही विधेयकों का विरोध करते हुए कहा कि जब तक सरकार सीएबी विधेयक को वापस नहीं लेती है तब तक इसका विरोध किया जायेगा।

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एनआरसी व सीएबी के खिलाफ उमड़ी भारी भीड़

पुराने लखनऊ के हुसैनाबाद स्थित घंटाघर पर भारी संख्या में प्रदर्शन कर रहे एआईएमआईएम कार्यकर्ताओं का नेतृत्व कर रहे एआईएमआईएम के जिलाध्यक्ष काशिफ अहमद ने कहा कि सीएबी व एनआरसी दोनों ही बिल मुसलमान के मुखालफत में हैं और ये बिल इस बात को बताते हैं कि भाजपा हुकूमत पूरी तरह से फेल हो चुकी है और वह लोकतंत्र की हत्या करने पर अमादा है।

सत्ता की कुर्सियो पर बैठकर अगर ये हमको इस मुल्क का नागरिक नहीं समझ पा रहे है तो हम उनकी आंखें खोलना चाहते है और उनको बताना चाहते है कि मुसलमान इस मुल्क का किराएदार नही है बल्कि इस मुल्क का पहले दर्जे का नागरिक है।

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मुसलमानों ने आजादी के लिए अपने खून को इस वतन की मिटटी में मिलाया

क्योंकि मुसलमानों ने इस मुल्क की आजादी के लिए अपने खून को इस वतन की मिटटी में मिलाया है हमारे उल्माए कराम इस देश को आजाद कराने में फांसी पर भी चढ़ गये तब जा कर इस मुल्क को आजादी मिली हैं तब से लेकर आज तक भारत में हिन्दू और मुसलमान एक साथ रहते है और एक दूसरे सुख-दुख में साथ देते है और हुकूमत जो नफरत का बीज इस सरजमी पर बोने की कोशिश में लगी है उससे देश का हर नागरिक ये समझ चुका है कि हिन्दू और मुस्लिम के बीच में भेदभाव करने वाले यही वह लोग है, जो देश की आजादी से पहले अंग्रेजो को जूते पहनाने का काम करते चले आये है।

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हम पूरी तरह से इस काले बिल को रिजेक्ट करते हैं

इन्होनें मुल्क की आजादी में तो भाग नहीं लिया बस इनका मतलब मजहब के नाम पर नफरत फैलाने का काम किया और देश की जनता का ध्यान विकास की तरफ से हटा कर इन सब मुद्दों में उलझाए रखने का काम किया। उन्होंने कहा कि अगर हमारी आवाम को परेशान किया गया और भारत को तोड़ने की कोशिश की गयी तो हम बर्दाश्त नही करेंगे और अपनी लड़ाई जारी रखेंगे। हम पूरी तरह से इस काले बिल को रिजेक्ट करते है और हम जब तक इस बिल का विरोध करेंगे जब तक सरकार ये बिल वापस नही लेती।