कानपुर में गंगा काउंसिल की बैठक, PM मोदी ने किया नौका विहार

नेशनल गंगा काउंसिल की पहली बैठक में शामिल होने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शनिवार को कानपुर पहुंचे। एयरपोर्ट पर मुख्यमंत्री योगी और यूपी बीजेपी के नेताओं ने पीएम मोदी का स्वागत किया। पीएम मोदी ने यहां गंगा को अविरल और निर्मल बनाने के लिए नमामि गंगे प्रोजेक्ट की समीक्षा की।

Published by dharmendrakumar Published: December 14, 2019 | 9:04 am
Modified: December 14, 2019 | 5:01 pm

कानपुर: नेशनल गंगा काउंसिल की पहली बैठक में शामिल होने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शनिवार को कानपुर पहुंचे। एयरपोर्ट पर मुख्यमंत्री योगी और यूपी बीजेपी के नेताओं ने पीएम मोदी का स्वागत किया। पीएम मोदी ने यहां गंगा को अविरल और निर्मल बनाने के लिए नमामि गंगे प्रोजेक्ट की समीक्षा की। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में नेशनल गंगा काउंसिल की बैठक हुई।

इस बैठक में उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के मुख्यमंत्री, तो वहीं बिहार के उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी, केंद्रीय जल शक्ति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत के अलावा गंगा किनारे स्थित सभी पांच राज्यों के कई मंत्री, मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव समेक प्रमुख लोग शामिल हुए।

हालांकि तीन राज्य जहां से गंगा गुजरती है यानी बिहार, पश्चिम बंगाल और झारखंड के मुख्यमंत्री इस बैठक में शामिल नहीं हुए हैं। झारखंड के मुख्यमंत्री रघुवर दास विधानसभा चुनाव में व्यस्त हैं। तो वहीं नीतीश और ममता के इस बैठक में शामिल नहीं होने की वजह सामने नहीं आई है। हालांकि बिहार के उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने बैठक में हिस्सा लिया।

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गंगा को निर्मल और अविरल बनाने के लिए अभी तक जो भी कार्य किए गए हैं पीएम मोदी ने उनकी समीक्षा की। इसके साथ ही आने वाले समय में गंगा को स्वच्छ और उसके किनारों को सुंदर बनाने के लिए क्या-क्या किया जा सकता है, इसकी कार्ययोजना पर मंथन हुआ। समीक्षा बैठक के बाद पीएम मोदी क्रूज से गंगा दर्शन किया।

पीएम मोदी के दौरे से पहले तैयारियों का जायजा लेने के लिए उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कानपुर का दौरा किया था। मुख्यमंत्री ने सिसामउ नाले का बहाव गंगा में मिलने से पूरी तरह रुक जाने पर संतोष जाहिर किया था। गंगा नदी में मिलने वाला सबसे बड़ा नाला था।

पीएम मोदी ने चंद्रशेखर आजाद यूनिवर्सिटी में नेशनल गंगा काउंसिल की पहली बैठक में नमामि गंगे परियोजना पर विस्तार से चर्चा की। बैठक के बाद पीएम ने गंगा पर इस योजना का प्रभाव देखने के लिए नौकायन किया। पीएम मोदी ने अटल घाट पहुंचकर स्टीमर के जरिए गंगा की सफाई का निरीक्षण किया। इससे पहले गंगा काउंसिल की बैठक के बाद प्रधानमंत्री गंगा बैराज स्थित अटल घाट पहुंचे और गंगा की सफाई का निरीक्षण किया।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को काशी से आए स्पेशल स्टीमर (बजरा) पर बैठकर अटलघाट से सीसामऊ नाले तक निरीक्षण करना था, लेकिन वो बजरा पर सवार नहीं हुए। खुली मोटरबोट पर बैठकर उन्होने मां गंगा की अविरलता को परखा। इस दौरान उनके साथ मुख्यमंत्री योगी अदित्यनाथ, बिहार के उपमुख्यमंत्री सुशील मोदी और उत्तराखंड के मुख्यमंत्री मौजूद थे।

सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि नदियों में प्रदूषक तत्वों को डालने वाले सीवर और नालियों के बंद होने से नदी के जल में उल्लेखनीय परिवर्तन नजर आएगा। उन्होंने कहा कि सीसामऊ नाला, जो प्रतिदिन 140 मेगा लीटर गंदगी गंगा में डालता है, उसे अधिकारियों ने बंद करा दिया है। अब गंदगी को जाजमऊ और बिंगवान ट्रीटमेंट प्लांट की ओर मोड़ दिया गया है।

पीएम मोदी की यात्रा को लेकर कड़े सुरक्षा इंतजाम किए गए। कड़े सुरक्षा इंतजामों के चलते सीएसएयू और गंगा बैराज के आसपास के गेस्ट हाउसों में एक दिन के लिए शादी समारोह आदि स्थगित कर दिए गए। ट्रैफिक बंदिशों के चलते शहर के कई स्कूलों में छुट्टी का भी ऐलान किया गया है।

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कार्यक्रम स्थल पर 12 आईपीएस और एसपी तैनात रहे। सुरक्षा के लिए 21 अपर पुलिस अधिक्षक, 85 डिप्टी एसपी, 75 इंस्पेक्टर, 600 सबइंस्पेक्टर, तीन हजार सिपाही, 600 ट्राफिक सिपाही, 13 कंपनी पीएसी, 6 कंपनी आरपीएफ, 4 ड्रोन कैमरे, 20 नाव को लगाया गया।

कानपुर का सीसामऊ नाला एशिया का बससे बड़ा नाला है। सीसामऊ नाला 128 साल पुराना नाला है जिसका निर्माण अंग्रेजो ने शहर की गंदगी को बाहर निकाले के लिए कराया था। सीसामऊ नाले से प्रतिदिन 14 करोड़ लीटर प्रदूषित पानी गंगा में गिरता था जिसकी वजह से गंगा प्रदूषित होती थी। सीसामऊ नाले का निर्माण 1992 में हुआ था। लगभग 40 मोहल्लों का पानी सीसामऊ नाले से होकर गंगा में जाता था।