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यहां धरना देने से अच्छा है लोकसभा में दे धरना, प्रसपा की नसीहत

सोनभद्र में हुए सामुहिक नरंसहार के मुद्दे ने उत्तर प्रदेश की सियासत में भूचाल मचा कर रख दिया है। कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा सोनभद्र जाकर पीड़ितो के परिवारों से मिलना चाहती है। वो जिद पर अड़ी है कि जब तक उन्हे सोनभद्र नहीं जाने दिया जाएगा वो नहीं हटेगी।

Roshni Khan

Roshni KhanBy Roshni Khan

Published on 20 July 2019 12:06 PM GMT

यहां धरना देने से अच्छा है लोकसभा में दे धरना, प्रसपा की नसीहत
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कानपुर: सोनभद्र में हुए सामुहिक नरंसहार के मुद्दे ने उत्तर प्रदेश की सियासत में भूचाल मचा कर रख दिया है। कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा सोनभद्र जाकर पीड़ितो के परिवारों से मिलना चाहती है। वो जिद पर अड़ी है कि जब तक उन्हे सोनभद्र नहीं जाने दिया जाएगा वो नहीं हटेगी। इस पर प्रसपा ने प्रिंयका गांधी पर निशाना साधते हुए कहा कि वो दिखावा कर रही हैं। यदि उन्हे सोनभद्र की घटना को उठाना है तो सदन में उठाए। लोकसभा में अपने सांसदों के साथ धरने पर बैठें। जिसका मैसेज पूरे विश्व में जाएगा सरकार पर दबाव बनेगा।

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कांग्रेस महासचिव प्रिंयका गांधी वाड्रा को बीते शुक्रवार को सोनभद्र में हुए नहसंहार के पीड़तो और परिवारों से मिलना चाहती थी। लेकिन उन्हे पुलिस के आलाधिकारियों द्वारा रोक दिया गया। इसके बाद प्रिंयका गांधी को उनके सर्मथकों समेत गिराफ्तार कर लिया गया। प्रियंका गांधी को उनके समर्थकों के साथ सर्किट हॉउस में रखा गया था। जब सर्किट हॉउस की बिजली और पानी के कनेक्शन को काट दिया तो नाराज प्रिंयका गांधी धरने पर बैठ गई। बिना बिजली के प्रिंयका गांधी पूरी रात धरने पर बैठी रही।

प्रसपा के कानपुर मंडल प्रभारी और पूर्व सांसद रद्युराज सिंह शाक्य ने प्रिंयका गांधी पर दिखावे की राजनीति करने का आरोप लगाया है। उन्होने प्रिंयका गांधी पर निशाना साधते हुए कहा कि प्रियंका गांधी के लोकसभा और राज्यसभा में इतने सांसद है। इस मुद्दे को सदन में उठाएं वहां अपनी बात रखे। सदन में धरने पर बैठ जाएं और सदन चलने नहीं दें। ये करने से सरकार पर दबाव बनेगा।

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सोनभद्र जाने से वहा कि व्यावस्था बिगड़ेगी। जो फोर्स लगी है आरोपियों पकड़ने में , जाने से वहां और फोर्स लगानी पड़गी। इसका से कोई हल नहीं है यदि आप को उनकी मदद करनी है तो आर्थिक मदद कर दें।

उन्होने कहा कि आप अभी तक क्या कर रहे थे। कांग्रेस को इस मामले को पूरी ताकत के साथ लोकसभा में उठाना चाहिए था। इसके संदेश पूरे वर्ड में जाता , धरने पर बैठ जाते कि जब तक पीड़तो को न्याय नहीं मिलेगा धरने से नहीं उठेंगे।

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रद्युराज शाक्य ने कहा किं उत्तर प्रदेश में कानून व्यावस्था नाम की कोई चीज नहीं बची है। पूरे विश्व में उत्तर प्रदेश की थू-थू हो रही है। सोनभद्र में 10 लोगो को गोली से मौत के घाट उतार दिया जाता है। संभल में बेखौफ बदमाश सिपाहियों को मार कर पेशी से लौट अपराधियों को छुड़ा कर ले जाते है। कहां है कानून व्यावस्था मुझे तो कहीं नहीं दिख रही है।

उन्होंने कहा कि जनता ने बड़ी उम्मीदों से पूर्ण दिया था। लेकिन सरकार उन उम्मीदों पर खरी नहीं उतरी है। इससे ज्यादा अब इस सरकार को बहुमत नहीं मिलेगा।

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