उम्मीद के स्टेशन पर पहुंची स्पेशल ट्रेन…! सूरत में सरकार की मूरत बिगाड़ दिया दलालों ने

उम्मीद के स्टेशन पर यह ट्रेन स्पेशल है…! कोरोना के संकटकाल में बाहर फंसे प्रवासी मजूदरों के घर पहुँचने की उम्मीद के स्टेशन पर शुक्रवार को स्पेशल ट्रेन उन्हें लेकर पहुंची।

मिर्जापुर: उम्मीद के स्टेशन पर यह ट्रेन स्पेशल है…! कोरोना के संकटकाल में बाहर फंसे प्रवासी मजूदरों के घर पहुँचने की उम्मीद के स्टेशन पर शुक्रवार को स्पेशल ट्रेन उन्हें लेकर पहुंची। जैसे ही ट्रेन रेलवे स्टेशन पर पहुंची तो मां के गोद में आने के बाद पूरे स्टेशन पर चहुओर मां विंध्यवासिनी की गूंज सुनाई देने लगी। मां के जयकारे की गूंज के बीच जिले के अधिकारियों ने उनका ताली बजाकर स्वागत किया।

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घर पर पहुंचने की ललक व अपनों से मिलने की उम्मीद साफ दिख रही थी

कोरोना के इस संकटकाल में गुजरात में फंसे प्रवासी श्रमिकों को लेकर श्रमिक स्पेशल ट्रेन रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर एक पर पहुंची। ट्रेन के स्टेशन पर पहुंचने के बाद मजदूरों के चेहरे पर घर पर पहुंचने की ललक व अपनों से मिलने की उम्मीद साफ दिख रही थी। स्टेशन पर एक-एक करके उतरने के बाद श्रमिकों का पहले थर्मल स्कैनर से जांच किया गया, इसके बाद तीन और भी जांच से उन्हें गुजरना पड़ा।

मजदूरों ने मां विंध्यवासिनी का जयकारा लगाया

चार बार जांच से गुजरने के बाद श्रमिकों को लंच पैकेट दिया गया, जिसके बाद जरूरी निर्देश देते हुए बसों में बैठाकर उन्हें घर भेज दिया। शुक्रवार को जिले में पहुंची श्रमिक स्पेशल ट्रेन में गुजरात में काम करने वाले जनपद के कुल 83 प्रवासी मजदूर पहुंचे। स्टेशन पर पहुंचने के बाद प्रवासी मजदूरों ने मां विंध्यवासिनी का जयकारा लगाया। तत्पश्चात वो अपना सामान लेकर नीचे आये, वहीं पूरी तरह से जांच कराया।

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…परिवार तक पहुंचने की उम्मीद वो खो चुके थे

जांच कराने के बाद मजदूरों ने कहा कि कोरोना संकटकाल में अपनों परिवार तक पहुंचने की उम्मीद वो खो चुके थे, लेकिन उनके इस उम्मीद के स्टेशन पर सरकार के द्वारा जो ट्रेन चलाई गया, उसके लिए सरकार को बहुत बहुत धन्यवाद। परिवार से मिलने की उम्मीद खो चुके संकटकाल में सरकार ने उन्हें परिवार से मिलवा दिया।

28 जिलों के प्रवासी यात्रियों को लेकर पहुँची पहली ट्रेन

कोरोना वायरस को लेकर किये गए इस लॉकडाउन के बीच गुजरात में फंसे प्रवासी श्रमिकों को लेकर जिले में एक स्पेशल ट्रेन पहुंची। जिले में कोरोना संकटकाल के बीच बाहर फंसे प्रवासी मजदूरों को लेकर पहली श्रमिक स्पेशल ट्रेन 28 जिलों के 1806 प्रवासी श्रमिको को लेकर रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर एक पर पूर्वाहन 9 बजकर 58 मिनट पर पहुंची। ट्रेन के रेलवे स्टेशन पर पहुचने के बाद जिलाधिकारी सुशील कुमार पटेल व पुलिस अधीक्षक डा धर्मवीर सिंह सहित भारी संख्या में ड्यूटी में तैनात अधिकारी व पुलिसकर्मियों के द्वारा प्रवासी श्रमिकों का ताली बजाकर स्वागत किया गया।

जिलाधिकारी के द्वारा बनाये गये चुस्त-दुरूस्त व्यवस्था के बीच ट्रेन से एक-एक करके जनपदवार यात्रियों को उतारकर सोशल डिस्टेसिंग का पालन कराते हुये सभी का स्वास्थ्य विभाग के टीम के द्वारा थर्मल स्कीनिंग से जांच कराया गया। तत्पश्चात उन्हें लंच पैकेट व पानी का बोतल देकर उन्हें जिले के लिए उन जनपद की बसों में बैठाकर रवाना किया गया।

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बसों से उनके जिलों के लिये रवाना किया गया

शुक्रवार को जिले में पहुँची इस श्रमिक ट्रेन से आने वाले यात्रियों में कुल 28 जिले के कुल 1806 प्रवासी श्रमिक सूरत से जिले में लाया गए, जिनमें जनपद जौनपुर के 421, आजमगढ 51, भदोही 270, वाराणसी 75, सोनभद्र 32, मीरजापुर 82, चन्दौली 10, गाजीपुर और बलिया 78, देवरिया व गोरखपुर 31, अम्बेडकर नगर व बस्ती के 75, प्रतापगढ व सन्त कबीर नगर के 118, रायबरेली व बाराबंकी 34, सुलतानपुर 118, प्रयागराज 129, कानपुर देहात, पतेहपुर, औरैया व कोैसाम्बी के 103, बांदा, चित्रकूट व हमीरपुर के 95, फैजाबाद व गोण्डा के 84 कुल 1806 प्रवासी श्रमिकों को उनके जिलो की बसों से उनके जिलों के लिये रवाना किया गया।

थर्मल स्कींनिंग के लिये 6 काउण्टर बनाया गया था

जिलाधिकारी सुशील कुमार पटेल ने बताया कि सभी श्रमिकों को थर्मल स्कींनिंग से जांच करने के लिये स्वास्थ्य विभाग द्वारा 6 काउण्टर बनाया गया था, इसके साथ लंच पैकेट व पानी वितरण के लिये दो काउण्टर बनाये गये थे, जहां से यात्रियों ने अपनी जाॅंच करा कर लंच पैकेट प्राप्त कर अपना जिले से सम्बंधित बसों में गये। स्टेशन पर पहुँचने के बाद अपने घरों के लिये रवाना होते हुये यात्रियों के चेहरे पर उनके खुशी देखी गयी। इस दौरान ड्यूटी पर सीडीओ अविनाश सिंह, डिप्टी कलक्टर, सुरेन्द्र बहादुर सिंह, अपर मुख्य अधिकारी विन्ध्याचल सिंह कुशवाहा, जिला पंचायत राज अधिकारी अरविन्द कुमार, जिला सूचना अधिकारी ओम प्रकाश उपाध्याय आदि मौजूद रहे।

जब एसपी धर्मवीर बने गाइड

प्रवासी नागरिकों को लेकर आयी 24 बोगी वाली स्पेशल ट्रेन प्लेटफार्म नम्बर एक पर लगने के बाद पुलिस के जवानों ने गेटों पर मोर्चा संभाल लिया। ताकि कोई उतरने न पाये। व्यवस्था के क्रम में जब पहला परिवार आगे बढा़ तो पुलिस अधीक्षक डा धर्मवीर सिंह लपक कर उनकी आगवानी करते हुए आगे आ गये। उनका पहले थर्मल चेकिंग कराया फिर भोजन और पानी के स्टाल पर ले गये। इतना ही नहीं एक कुशल गाइड की तरह उन्हें बस तक पहुंचाने के बाद ही वापस लौटे। इसके बाद तो जो लाइन खींच दिया यात्री उसी पर आगे बढ़ते रहे।

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पेड़ के छाँव तले खुला सीएम का दफ्तर

मजदूरों को लेकर किये गए व्यवस्था के बीच नगर मजिस्ट्रेट जगदम्बा सिंह ने अपने सहयोगियों के साथ कागजी ब्योरा का कामकाज संभाल रखा था। उनके सहयोगी ओमप्रकाश यादव, पाठक जी समेत तमाम विभागीय कर्मी कम्प्यूटर और फोटोस्टेट मशीन लगाकर बैठे थे। किसी यात्री के कागजात का फोटो कापी करना हो या कोई लेटर लिखना हो सभी काम वही पर हो जाये।

सूरत में सरकार की मूरत बिगाड़ दिया दलालों ने

यात्रियों से किराया के नाम पर वसूली की कहानी यात्रियों ने बयां किया। एक ही ट्रेन और एक ही दूरी का किराया अलग अलग लिए जाने की बात ने सब कुछ बिना कहें कह दिया। फार्म भरने के बाद दलालों ने जैसा मूर्गा देखा वैसा ही हलाल किया। एक हजार दो सौ से लेकर 652 रुपये तक यात्रियों से वसूला गया। लोगों ने कहा सूरत में केवल दुःख था अब यूपी अपने घर में आकर खुशी मिली है। खाना पानी और सुविधा मिलने से यात्रियों ने राहत की सांस लेते हुए योगी सरकार को सराहा।

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आधी रात को किया गया स्टेशन का सैनिटाइजेशन

कोरोना से जारी जंग में नगर पालिका परिषद और स्वच्छ भारत मिशन की टीम दिन भर सेवा के बाद स्थानीय रेलवे स्टेशन पर आधी को धमक पड़ी। ट्रेन आने के पहले एक बार फिर स्टेशन परिसर के चप्पे चप्पे को सैनिटाइज किया गया। पालिकाध्यक्ष मनोज जायसवाल और मिशन के जिला प्रभारी संजय सिंह के निर्देश पर विष्णु के नेतृत्व में टीम ने टिकट काउंटर हाल, मेन गेट, प्लेटफार्मो के साथ ही कार्यालयों को भी सैनिटाइज किया।

खाली ट्रैक पर दिखा लॉकडाउन का असर

आम दिनों में सबसे अधिक व्यस्त रहने वाले दिल्ली हावड़ा रेलमार्ग पर ट्रैक खाली होने के बावजूद लाक डाउन का असर दिखा। उसकी गति समय को देखते हुए लॉक रही तो उसके आने में हो रहे विलम्ब के चलते ड्यूटी पर तैनात लोगों के हालत तेज धूप में डाउन होता रहा। पुराने पेडों की छाँव उन्हें राहत प्रदान कर रही थी। सुबह से ही कई दिनों की तैयारी के बाद परीक्षा की घड़ी नजदीक आकर खिसकती रही। प्रातः करीब छह बजे आने वाली ट्रेन चार घंटे विलम्ब से चलकर प्लेटफार्म पर आकर खड़ी हुई।

सुरक्षा को लेकर तैनात थे 266 पुलिसकर्मी

प्रवासी मजदूर को लेकर शुक्रवार को पुलिस अधीक्षक डा धर्मवीर सिंह के द्वारा प्रवासी श्रमिकों के विशेष ट्रेन के आगमन के दृष्टिगत जनपदीय पुलिस के द्वारा कुल 266 पुलिस बल की तैनाती की गयी थी, जिसमें दो अपर पुलिस अधीक्षक, 4 क्षेत्राधिकारी, 7 प्रभारी निरीक्षक, एक महिला निरीक्षक, 19 उप निरीक्षक, एक महिला उप निरीक्षक, 134 आरक्षी व मुख्य आरक्षी (जिसमें से 130 पुरूष व 4 महिला) तथा 100 आरक्षी व मुख्य आरक्षी की श्रमिकों ड्यूटी लगाई गई थी।

उनके गन्तव्य तथा पहुॅचाने वाली 50 बसों के साथ तैनाती की गयी थी। इसके अलावा फायर बिग्रेड का भी व्यवस्था की गयी है। 10 मुख्य आरक्षी को रिजर्व के रूप में एवं क्यूआरटी व ड्यूटी में लगे आरक्षियों को पीपीई किट व अन्य संसाधन प्रदान किया गया है।

रिपोर्ट: बृजेन्द्र दुबे

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